
बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, वैसे-वैसे राजनीतिक गर्मी बढ़ती जा रही है। सत्ताधारी गठबंधन और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज़ हो गया है। इस बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार (31 अक्टूबर) की देर शाम पटना जिले के दीघा विधानसभा क्षेत्र में रोड शो करते नज़र आए। यह उनका लगातार सातवां दिन था जब वे बिहार में एनडीए प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार करने पहुंचे।
राहुल गांधी, ममता बनर्जी और तेजस्वी यादव पर सीधा हमला
अपने जोशीले संबोधन में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विपक्षी दलों को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, राजद नेता तेजस्वी यादव और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखे प्रहार किए। डॉ. यादव ने कहा कि राहुल गांधी की भाषा और उनके बयान लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले हैं। उन्होंने छठ पूजा का अपमान करके बिहार की भावनाओं को आहत किया है। वहीं, ममता बनर्जी बिहार के लोगों को अपराधी बताकर उनकी मेहनत और संस्कारों का अपमान करती हैं। तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वे राजनीति को परिवार की जागीर समझते हैं और जनता के बीच झूठे वादे फैलाते हैं।
“प्रधानमंत्री मोदी सनातन संस्कृति के सच्चे रक्षक”
मोहन यादव ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में उज्जैन में महाकाल लोक का भव्य निर्माण हुआ, जिसने पूरे देश को गर्व से भर दिया है। वे सनातन संस्कृति के सबसे बड़े रक्षक हैं। आने वाले समय में मथुरा में भगवान कृष्ण की जन्मभूमि पर भव्य तीर्थ बनेगा। जैसे मध्य प्रदेश ने विकास की नई मिसाल कायम की है, वैसे ही बिहार भी तेजी से बदल रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि मध्य प्रदेश में बीजेपी ने एक सामान्य कार्यकर्ता को मुख्यमंत्री बनाकर यह साबित किया है कि लोकतंत्र में मेहनत और सेवा का सम्मान होता है, जबकि कांग्रेस अब भी परिवारवाद की जंजीरों में जकड़ी हुई है।
“छठी मैया का अपमान करने वालों को जनता सिखाएगी सबक”
मोहन यादव ने जनता से अपील की कि वे उन नेताओं को जवाब दें जिन्होंने बिहार की परंपरा और संस्कृति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी और ममता बनर्जी जैसे नेताओं ने बिहार की अस्मिता को ठेस पहुंचाई है। कांग्रेस अध्यक्ष बिहार को ‘छोटा-मोटा राज्य’ कहकर उसका अपमान करते हैं। अब वक्त आ गया है कि बिहार की जनता 6 नवंबर को कमल का बटन दबाकर इन लोगों को लोकतंत्र का असली सबक सिखाए।”
“बिहार से मेरा आत्मिक जुड़ाव है”
भाषण के अंत में मुख्यमंत्री यादव ने बिहार से अपने व्यक्तिगत संबंधों का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि बिहार की धरती उनके लिए आध्यात्मिक महत्व रखती है क्योंकि यहां उनके कुल देवी बराह देवी का मंदिर स्थित है। उन्होंने कहा, “बिहार सिर्फ राजनीति का नहीं, बल्कि गौरवशाली इतिहास का प्रतीक है। सम्राट अशोक की भूमि से लेकर भगवान श्रीकृष्ण के पुत्र साम्ब द्वारा निर्मित सूर्य मंदिर तक, यह प्रदेश हमारी सांस्कृतिक विरासत का केंद्र रहा है।”














