
मिडल ईस्ट में जारी युद्ध और वैश्विक हालात का असर राजस्थान के पर्यटन क्षेत्र पर भी देखने को मिल रहा है। खासकर जैसलमेर में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की किल्लत ने होटल, रेस्टोरेंट और रिसॉर्ट संचालकों की परेशानी बढ़ा दी है। जिले में करीब 150 से अधिक रिसॉर्ट्स बंद होने के संकट का सामना कर रहे हैं। गैस आपूर्ति नहीं होने के कारण संचालकों के लिए अपने प्रतिष्ठान को सुचारु रूप से चलाना मुश्किल हो गया है।
इस गंभीर स्थिति पर चर्चा करने के लिए आज शाम रिसोर्ट संचालकों की एक अहम बैठक बुलाई गई है। इसमें बुकिंग रद्द करने, संचालन रोकने और कुछ रिसॉर्ट्स को पूरी तरह बंद करने जैसे कड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
45 फीसदी रिसॉर्ट्स में बुकिंग, पर संकट जारी
सम रिसॉर्ट एंड वेलफेयर सोसायटी के पदाधिकारी उपेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया कि वर्तमान में रिसॉर्ट्स में केवल लगभग 45% बुकिंग है। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की आवाजाही जारी है, लेकिन रसोई नहीं चलने की स्थिति में लंच और डिनर उपलब्ध कराना संभव नहीं होगा। उपेन्द्र सिंह ने यह भी आशंका जताई कि यदि रिसॉर्ट को बंद करना पड़ा, तो इसे केवल सितंबर में ही फिर से खोलना संभव होगा।
विशेषज्ञों और संचालकों का अनुमान है कि इस संकट से पर्यटन उद्योग को करोड़ों रुपये का नुकसान हो सकता है। न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी, बल्कि जैसलमेर की पर्यटन प्रतिष्ठा को भी बड़ा झटका लगेगा।
खाद्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद, लेकिन चुनौती बरकरार
कल बुधवार को प्रदेश में एलपीजी संकट को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने समीक्षा बैठक की थी। बैठक में उन्होंने गड़बड़ी करने वाली एजेंसियों और मुनाफाखोरों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके साथ ही सप्लाई लाइन को सुचारु रूप से चलाने के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।
फिर भी चुनौती अभी कायम है। गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़े लोग परेशान नजर आ रहे हैं। जैसलमेर ही नहीं, बल्कि पूरे राजस्थान में एलपीजी की किल्लत से प्रभावित होने वाले लोगों की तस्वीरें सामने आ रही हैं।














