लीड्स टेस्ट मैच में ऐतिहासिक प्रदर्शन कर चुके ऋषभ पंत को एक और खबर के चलते सुर्खियों में आना पड़ा है। जहां उन्होंने मैच की दोनों पारियों में शानदार शतक जमाकर एक नया इतिहास रच दिया, वहीं अब उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की ओर से चेतावनी और एक डिमेरिट प्वाइंट की सजा मिली है।
दरअसल, इंग्लैंड की बल्लेबाजी के दौरान एक फैसले को लेकर पंत ने नाराजगी जताई। उन्होंने पहले अंपायर से गेंद को बदलने के लिए कहा और जब उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो उन्होंने गेंद को गुस्से में जमीन पर पटक दिया। ICC ने इस व्यवहार को 'लेवल 1 कोड ऑफ कंडक्ट उल्लंघन' माना है।
कैसे हुआ विवाद
जब इंग्लैंड की पारी चल रही थी, तब पंत ने बॉल गेज की मदद से गेंद की स्थिति पर आपत्ति जताई। पहली बार अंपायर ने गेंद की जांच की, लेकिन दूसरी बार जब पंत ने फिर से वही मांग की, तो अंपायर ने इंकार कर दिया। इस पर पंत ने नाराज होकर गेंद को ज़मीन पर फेंक दिया। यह हरकत अंपायर के प्रति असम्मानजनक मानी गई और उसी के तहत उन्हें सजा दी गई।
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ICC की कार्रवाई
पंत ने अपना दोष स्वीकार कर लिया है और इस कारण औपचारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी। ICC ने उनके खिलाफ 'लेवल 1' का उल्लंघन मानते हुए एक डिमेरिट प्वाइंट उनके रिकॉर्ड में जोड़ दिया है। हालांकि, इससे फिलहाल उनके किसी मैच पर असर नहीं पड़ेगा, लेकिन दो साल में चार डिमेरिट प्वाइंट जुड़ने पर मैच बैन की कार्रवाई हो सकती है।
इतिहास रचने वाली पारी
मैदान पर ऋषभ पंत का प्रदर्शन लाजवाब रहा। उन्होंने पहली पारी में 134 रन (178 गेंद) और दूसरी पारी में 118 रन (140 गेंद) बनाए। दोनों पारियों में उनके शॉट्स ने दर्शकों का दिल जीत लिया। वे विदेशी सरजमीं पर एक ही टेस्ट की दोनों पारियों में शतक जड़ने वाले पहले विकेटकीपर बल्लेबाज़ बन गए हैं और दुनिया के केवल दूसरे खिलाड़ी।
यह टेस्ट पंत के करियर के लिए यादगार रहेगा—जहां उन्होंने रिकॉर्ड भी बनाया और विवाद का सामना भी किया। अब सभी की निगाहें इस बात पर होंगी कि पांचवां दिन कैसा बीतता है और क्या भारत इस रोमांचक मुकाबले को जीतकर सीरीज़ में बढ़त बना पाता है।














