न्यूज़
CJP Yogi Adityanath Jyotish Narendra Modi Rahul Gandhi

भारत की पहली महिला टीचर सावित्रीबाई फुले, जिन्होंने लड़कियों के लिए खोले 18 स्कूल

आज 3 जनवरी को देश की पहली महिला शिक्षक, समाज सेविका सावित्रीबाई ज्‍योतिराव फुले की जयंती है। महाराष्ट्र के सतारा जिले में स्थित नायगांव नामक छोटे से गांव में सावित्रीबाई ज्‍योतिराव फुले का जन्म 03 जनवरी 1831 को हुआ था।

Posts by : Priyanka Maheshwari | Updated on: Mon, 03 Jan 2022 8:53:47

भारत की पहली महिला टीचर सावित्रीबाई फुले, जिन्होंने लड़कियों के लिए खोले 18 स्कूल

आज 3 जनवरी को देश की पहली महिला शिक्षक, समाज सेविका सावित्रीबाई ज्‍योतिराव फुले की जयंती (Savitribai Phule Birth Anniversary) है। महाराष्ट्र के सतारा जिले में स्थित नायगांव नामक छोटे से गांव में सावित्रीबाई ज्‍योतिराव फुले का जन्म 03 जनवरी 1831 को हुआ था। वह भारत के पहले बालिका विद्यालय की पहली प्रिंसिपल और पहले किसान स्कूल की संस्थापिका थीं। एक दलित परिवार में जन्‍मीं सावित्रीबाई के पिता का नाम खण्डोजी नेवसे और माता का नाम लक्ष्मीबाई था।

जब वह महज 9 वर्ष की थीं तो उनका विवाह 13 साल के ज्योतिराव फुले से कर दिया गया था। जिस समय सावित्रीबाई फुले की शादी हुई थी उस समय वह अनपढ़ थीं। वहीं, उनके पति तीसरी कक्षा में पढ़ते थे। जिस समय सावित्रीबाई पढ़ने का सपना देख रहीं थी उस समय दलितों के साथ बहुत भेदभाव होता था।

एक दिन सावित्री अंग्रेजी की एक किताब के पन्नों को पलट रहीं थी तो उनके पिता ने देख लिया। वह दौड़कर उनके पास आए और किताब को उनसे छीन कर फेंक दिया। इसके पीछे ये वजह बताई कि शिक्षा का हक केवल उच्च जाति के पुरुषों का है, दलित और महिलाओं को शिक्षा ग्रहण करना पाप है। इस घटना के बाद सावित्रीबाई किताब को वापस लेकर आईं और प्रण किया कि कुछ भी हो जाए वो पढ़ना जरूर सीखेंगी।

आजादी के पहले तक भारत में महिलाओं की गिनती दोयम दर्जे में होती थी। आज की तरह उन्‍हें शिक्षा का अधिकार नहीं था। वहीं अगर बात 18वीं सदी की करें तो उस समय महिलाओं का स्कूल जाना भी पाप समझा जाता था। ऐसे समय में सावित्रीबाई फुले ने जो कर दिखाया वह कोई साधारण उपलब्धि नहीं है। ऐसे में एक दलित लड़की का स्कूल जाना समाज को कभी रास नहीं आया। इसी का नतीजा था कि सावित्रीबाई जब भी स्‍कूल जाती थीं तो लोग पत्‍थर मारते थे और कुछ लोग उन पर गंदगी फेंक देते थे। सावित्रीबाई ने उस दौर में लड़कियों के लिए स्कूल खोला जब बालिकाओं को पढ़ाना-लिखाना सही नहीं माना जाता था। अपनी लगन और मेहनत के दम पर उन्होंने लड़कियों के लिए 18 स्कूल खोले। बता दें, साल 1848 में देश का सबसे पहले बालिका स्कूल की स्थापना महाराष्ट्र के पुणे में की थी। सावित्रीबाई फुले उस दौर में न सिर्फ खुद पढ़ीं, बल्कि दूसरी लड़कियों के पढ़ने का भी बंदोबस्त किया।

सावित्रीबाई ने समाज में प्रचलित ऐसी कुप्रथाओं का विरोध किया जो खासतौर से महिलाओं के विरुद्ध थी। उन्होंने छुआ-छूत, सती प्रथा, बाल-विवाह और विधवा विवाह निषेध के खिलाफ आवाज उठाई और जीवनपर्यंत उसी के लिए लड़ती रहीं। देश में विधवाओं की दुर्दशा भी सावित्रीबाई को बहुत दुख पहुंचाती थी। इसलिए 1854 में उन्होंने विधवाओं के लिए एक आश्रय खोला। वर्षों के निरंतर सुधार के बाद 1864 में इसे एक बड़े आश्रय में बदलने में सफल रहीं। उनके इस आश्रय गृह में निराश्रित महिलाओं, विधवाओं और उन बाल बहुओं को जगह मिलने लगी जिनको उनके परिवार वालों ने छोड़ दिया था।

सावित्रीबाई उन सभी को पढ़ाती लिखाती थीं। उन्होंने इस संस्था में आश्रित एक विधवा के बेटे यशवंतराव को भी गोद लिया था। उस समय आम गांवों में कुंए पर पानी लेने के लिए दलितों और नीच जाति के लोगों का जाना वर्जित था। यह बात उन्हें और उनके पति को बहुत परेशान करती थी। इसलिए उन्होंने अपने पति के साथ मिलकर एक कुआं खोदा ताकि वह लोग भी आसानी से पानी ले सकें। उनके इस कदम का उस समय खूब विरोध भी हुआ। सावित्रीबाई के पति ज्योतिराव का निधन 1890 में हो गया। उस समय उन्‍होंने सभी सामाजिक मानदंडों को पीछे छोड़ते हुए उन्होंने अपने पति का अंतिम संस्कार किया और उनकी चिता को अग्नि दी। सावित्रीबाई का निधन 10 मार्च, 1897 को हुआ।

राज्य
View More

Shorts see more

पिंपल्स और ऑयली स्किन से छुटकारा पाने के आसान और असरदार तरीके

पिंपल्स और ऑयली स्किन से छुटकारा पाने के आसान और असरदार तरीके

  • पिंपल्स कंट्रोल करें आसान स्टेप्स से
  • साफ और ग्लोइंग स्किन के लिए सही रूटीन अपनाएं
  • हाइड्रेशन और हेल्दी लाइफस्टाइल से स्किन चमकदार बनाएं
read more

ताजा खबरें
View More

योगी का सपा-कांग्रेस पर तीखा हमला, बोले- बीजेपी आस्था का प्रतीक, विपक्ष अपराध और कुशासन का
योगी का सपा-कांग्रेस पर तीखा हमला, बोले- बीजेपी आस्था का प्रतीक, विपक्ष अपराध और कुशासन का
दिवाली पर पटाखे जलाने की मिली सीमित छूट, सुबह-शाम सिर्फ इतने घंटे मिलेगी अनुमति
दिवाली पर पटाखे जलाने की मिली सीमित छूट, सुबह-शाम सिर्फ इतने घंटे मिलेगी अनुमति
INDIA गठबंधन की दिल्ली रैली में कितनी थी भीड़? कपिल सिब्बल ने बताया अपना अनुमान
INDIA गठबंधन की दिल्ली रैली में कितनी थी भीड़? कपिल सिब्बल ने बताया अपना अनुमान
'बीजेपी को कूड़ा-कचरा इकट्ठा करने की आदत', तीन विधायकों के पार्टी छोड़ने पर सौरभ भारद्वाज का तंज
'बीजेपी को कूड़ा-कचरा इकट्ठा करने की आदत', तीन विधायकों के पार्टी छोड़ने पर सौरभ भारद्वाज का तंज
10 लाख की भीड़ के दावे पर उठे सवाल, शिंदे गुट के नेता ने राहुल गांधी की रैली को बताया फ्लॉप
10 लाख की भीड़ के दावे पर उठे सवाल, शिंदे गुट के नेता ने राहुल गांधी की रैली को बताया फ्लॉप
सोनिया गांधी ने दिल्ली में लालू यादव से की मुलाकात, जाना स्वास्थ्य का हाल; तेजस्वी भी रहे मौजूद
सोनिया गांधी ने दिल्ली में लालू यादव से की मुलाकात, जाना स्वास्थ्य का हाल; तेजस्वी भी रहे मौजूद
अमिताभ बच्चन की ट्रॉली पर लगा बुलेटप्रूफ कवर, जलसा के बाहर फैंस से मिलने पहुंचे बिग बी
अमिताभ बच्चन की ट्रॉली पर लगा बुलेटप्रूफ कवर, जलसा के बाहर फैंस से मिलने पहुंचे बिग बी
धनतेरस 2026 कब है, 6 या 7 नवंबर? जानें सही तारीख, पूजा का शुभ मुहूर्त और खरीदारी का समय
धनतेरस 2026 कब है, 6 या 7 नवंबर? जानें सही तारीख, पूजा का शुभ मुहूर्त और खरीदारी का समय
हैदराबाद में अमित शाह का राहुल गांधी पर हमला, दिल्ली की रैली को बताया 'घुसपैठिया बचाओ रैली'
हैदराबाद में अमित शाह का राहुल गांधी पर हमला, दिल्ली की रैली को बताया 'घुसपैठिया बचाओ रैली'
इतिहास, समुद्र और एडवेंचर का संगम है इजरायल, घूमने के लिए ये 7 जगहें हैं खास
इतिहास, समुद्र और एडवेंचर का संगम है इजरायल, घूमने के लिए ये 7 जगहें हैं खास
बाइक को ही बना दिया चलता-फिरता पंचर सर्विस सेंटर, एयर कंप्रेसर और औजार लेकर मौके पर पहुंचता है मैकेनिक
बाइक को ही बना दिया चलता-फिरता पंचर सर्विस सेंटर, एयर कंप्रेसर और औजार लेकर मौके पर पहुंचता है मैकेनिक
अकेले सफर का है शौक तो इन बातों को न करें नजरअंदाज, सुरक्षित रहेगी आपकी यात्रा
अकेले सफर का है शौक तो इन बातों को न करें नजरअंदाज, सुरक्षित रहेगी आपकी यात्रा
धनतेरस पर यम दीप जलाते समय न करें ये गलतियां, जानें सही दिशा और जरूरी नियम
धनतेरस पर यम दीप जलाते समय न करें ये गलतियां, जानें सही दिशा और जरूरी नियम
दूल्हे का दोस्त है या दुश्मन? दुल्हन के सिर पर चला दी स्पार्कल गन, आग लगने का वीडियो वायरल
दूल्हे का दोस्त है या दुश्मन? दुल्हन के सिर पर चला दी स्पार्कल गन, आग लगने का वीडियो वायरल