
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्वामी चिद्भवानंदजी की भगवद गीता का किंडल संस्करण लॉन्च किया। इस दौरान उन्होंने कहा, 'गीता हमें सोचने पर मजबूर करती है। हमें सवाल करने के लिए प्रेरित करती है। यह डिबेट को प्रोत्साहित करती है और हमारे दिमाग को खुला रखती है। गीता से प्रेरित कोई भी व्यक्ति हमेशा स्वभाव से दयालु और लोकतांत्रिक होगा।' पीएम मोदी ने कहा, 'युवाओं में ई-बुक्स बहुत प्रसिद्ध होते जा रहे है। यह प्रयास गीता के विचार से अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ेगा।'
The Gita makes us think. It inspires us to question. It encourages debate and keeps our minds open. Anybody who is inspired by Gita will always be compassionate by nature and democratic in temperament: PM Modi at launch of kindle version of Swami Chidbhavananda's Bhagavad Gita pic.twitter.com/NHsXVdXtBC
— ANI (@ANI) March 11, 2021
आपको बता दे, यह आयोजन स्वामी चिद्भवानंदजी की भगवद गीता की 5 लाख से अधिक प्रतियों को बिकने के बाद किया जा रहा है। स्वामी चिद्भवानंदजी तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली के थिरुप्पराईथुराई में श्री रामकृष्ण तपोवनम आश्रम के संस्थापक हैं। स्वामीजी ने 186 पुस्तकों और साहित्यिक रचना की सभी विधाओं को लिखा है। गीता पर उनका विद्वतापूर्ण कार्य इस विषय पर सबसे व्यापक पुस्तकों में से एक है। गीता का उनका तमिल वर्जन 1951 में छपा था। फिर इसे 1965 में अंग्रेजी में भी छापा गया। फिर गीता का तेलगु, उड़िया, जर्मन, जापानी में भी अनुवाद हुआ।
In recent past when the world needed medicines, India did whatever it could to provide them. India is humbled that Made in India vaccines are going around the world. We want to heal as well as help humanity. This is exactly what Gita teaches us: PM Narendra Modi pic.twitter.com/JIJ3Ys3exq
— ANI (@ANI) March 11, 2021













