अमेरिका के एक स्कूल में भारतीय अमेरिकी छात्र के साथ भेदभाव का मामला सामने आया है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसी वीडियो में एक अमेरिकी छात्र भारतीय मूल के स्टूडेंट पर हमला करता दिखता है। वह उसका गला दबाता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो टेक्सास के कोपेल मिडिल स्कूल का है। इस वायरल वीडियो में एक गोरा यानी अमेरिकी छात्र खड़ा नजर आता है। वह कुर्सी पर बैठे भारतीय मूल के छात्र को परेशान करता दिख रहा है। वह कुछ ही देर बाद उसका गला दबा देता है। वह काफी देर तक गला दबाए रखता है। दूसरे छात्रों के कहने पर आरोपी गर्दन छोड़ता है।
वीडियो में आप देखेंगे कि एक बार गर्दन छोड़ने के बाद फिर से आरोपी छात्र भारतीय मूल के छात्र को खड़ा होने के लिए कहता है। दोनों के बीच कुछ बातचीत होती है। इसके बाद फिर से वह आरोपी उसका गला दबा देता है और उसे खींचने लगता है। वह भारतीय छात्र को कुर्सी से खींचकर नींचे गिरा देता है। वह उसे घूंसे भी मारने की कोशिश करता है। बताया जा रहा है कि मारपीट की यह घटना 11 मई को हुई।
On Wednesday, May 11th, during lunch, Shaan Pritmani was physically attacked and choked by another student at his middle school.
Sign the @change @ChangeOrg_India @ChangeOrg_Hindi https://t.co/LWmLmZuइस घटना का वीडियो क्लास में ही मौजूद कोई छात्र बनाता है और इसे सोशल मीडिया पर डाल देता है। वीडियो वायरल होने के बाद स्कूल मैनेजमेंट द्वारा भी कार्रवाई में भेदभाव किया गया। स्कूल मैनेजमेंट द्वारा कार्रवाई करते हुए भारतीय मूल के छात्र को 3 दिन के लिए निलंबित कर दिया जबकि मारपीट करने वाले छात्र को 1 दिन का निलंबन दिया गया। स्कूल मैनेजमेंट की इस कार्रवाई की लोग नाराज है। नॉर्थ अमेरिकन असोसिएशन ऑफ इंडियन स्टूडेंट्स ने एक ट्वीट में कहा कि, 'एक मिडिल स्कूल के छात्र की परेशान करने वाली फुटेज, एक व्हाइट स्टूडेंट द्वारा चार मिनट से अधिक समय तक मारपीट और गला दबाया गया। यह घटना डलास के एक उपनगर, कॉपेल मिडिल स्कूल में हुई। भारतीय छात्र को तीन दिन का निलंबन मिला, जबकि हमलावर को एक दिन का। यह कार्रवाई सही नहीं है।'
छात्र की मां सोनिका कुकरेजा ने कहा, 'यह भयानक था। मैं तीन रात तक सो नहीं सकी। ऐसा लगा जैसे मेरा दम घुट रहा हो। मैं इसे देखकर कई बार रोयी।'
कुकरेजा ने कहा, 'मैं अपने बच्चों की सुरक्षा और स्कूल बोर्ड तथा पुलिस विभाग के इस मामले में कार्रवाई नहीं करने से मिलने वाले संदेश को लेकर गंभीर रूप से चिंतित हूं। हम चाहते हैं कि हर बच्चे के साथ समान व्यवहार किया जाए। स्कूल में दादागीरी पर रोक लगे।'














