
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज मामले में पुलिस जांच तेज हो चुकी है। इस बीच शंकराचार्य ने सार्वजनिक रूप से कई सवाल उठाए हैं और आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने विशेष रूप से उस कथित सीडी को लेकर प्रश्न खड़ा किया है, जिसका जिक्र शिकायत में किया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि ऐसी कोई सीडी मौजूद है तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा।
“गिरफ्तारी हुई तो भी सहयोग करेंगे”
वाराणसी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने स्पष्ट कहा कि यदि पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए कदम उठाती है, तो वे किसी प्रकार का विरोध नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, “अगर पुलिस कार्रवाई करती है तो हम पूरा सहयोग देंगे। हम कहीं भागने वाले नहीं हैं। जनता सब देख रही है। झूठ ज्यादा समय तक टिकता नहीं। आज नहीं तो कल सच्चाई सामने आएगी। हम हमेशा कैमरों और लोगों की नजर में रहे हैं।”
उन्होंने भरोसा जताया कि अंततः सच सामने आएगा और लगाए गए आरोप असत्य साबित होंगे।
“प्रयागराज में हर जगह CCTV से निगरानी”
शंकराचार्य ने अपने बचाव में प्रयागराज में लगे व्यापक सीसीटीवी नेटवर्क का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि पूरे क्षेत्र में निगरानी के लिए कैमरे लगाए गए थे, ताकि किसी भी गतिविधि पर नजर रखी जा सके और सब कुछ रिकॉर्ड हो। उनका कहना था कि जिस अवधि की बात की जा रही है, उस दौरान वे अपने कैंप में भी नियमित रूप से मौजूद नहीं थे, क्योंकि कुछ परिस्थितियों के चलते वे कैंप में प्रवेश नहीं कर पाए थे। ऐसे में, यदि कोई घटना हुई होती तो उसका रिकॉर्ड सीसीटीवी में अवश्य मिलता।
उन्होंने यह भी दावा किया कि जिन लड़कों का जिक्र किया जा रहा है, वे कभी उनके गुरुकुल में पढ़े ही नहीं। उनके अनुसार, वे हरदोई के एक स्कूल के छात्र हैं, जिसकी जानकारी केस में जमा की गई मार्कशीट से मिलती है। शंकराचार्य ने सवाल उठाया कि जब उन छात्रों का उनके संस्थान से कोई संबंध ही नहीं था, तो आरोपों का आधार क्या है?
कथित सीडी को लेकर उठाए सवाल
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने उस कथित सीडी को लेकर भी शंका जताई, जिसका उल्लेख शिकायत में किया गया है। उन्होंने कहा, “अगर कहा जा रहा है कि कोई सीडी है, तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा? केवल ‘सीडी है’ कह देने से भ्रम फैलता है।”
उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में इन सवालों के जवाब सामने आएंगे और संबंधित पक्षों को स्पष्ट करना होगा कि आरोपों के पीछे क्या आधार है।
धर्म और साजिश पर टिप्पणी
अपने बयान के अंत में शंकराचार्य ने यह भी कहा कि कुछ लोग धार्मिक वेशभूषा में सनातन परंपरा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। उनका आरोप था कि ऐसे लोग खुद को हिंदू बताते हुए भी हिंदुओं के खिलाफ काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जनता को सतर्क रहना चाहिए और पूरे घटनाक्रम को समझदारी से देखना चाहिए। फिलहाल मामला जांच के दायरे में है और पुलिस अपनी कार्रवाई आगे बढ़ा रही है।













