
मध्य पूर्व में एक बार फिर हालात तनावपूर्ण होते नजर आ रहे हैं। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य टकराव की आशंकाओं ने क्षेत्र में अनिश्चितता का माहौल बना दिया है। इसी पृष्ठभूमि में भारत सरकार ने एहतियाती कदम उठाते हुए ईरान में रह रहे अपने नागरिकों को जल्द से जल्द वहां से निकलने की सलाह दी है। तेहरान पर संभावित अमेरिकी कार्रवाई की चर्चाओं ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
भारतीय दूतावास की एडवाइजरी दोहराई
भारतीय दूतावास ने अपनी ताजा एडवाइजरी में नागरिकों से अपील की है कि वे मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए बिना देरी किए सुरक्षित स्थानों की ओर प्रस्थान करें। इससे पहले जनवरी में भी एक परामर्श जारी किया गया था, जब ईरान में आंतरिक विरोध प्रदर्शनों और सरकारी सख्ती के चलते हालात संवेदनशील हो गए थे। अब एक बार फिर दूतावास ने उसी चेतावनी को दोहराते हुए सावधानी बरतने पर जोर दिया है।
मदद के लिए जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर
ईरान में फंसे भारतीयों की सहायता के लिए दूतावास ने कई हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, ताकि आपात स्थिति में तुरंत संपर्क स्थापित किया जा सके। दूतावास ने वहां रह रहे सभी भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों (PIO) से अपील की है कि वे अपना पंजीकरण अवश्य कराएं और एम्बेसी के संपर्क में बने रहें।
जारी हेल्पलाइन नंबर:
+989128109115
+989128109109
+989128109102
+989932179359
इन नंबरों के माध्यम से नागरिक किसी भी आपात परिस्थिति में सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
— India in Iran (@India_in_Iran) February 23, 2026
विरोध-प्रदर्शन से दूर रहने की सलाह
दूतावास ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा हालात में सार्वजनिक स्थलों, विरोध प्रदर्शनों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों से दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है। साथ ही नागरिकों को स्थानीय मीडिया पर नजर रखने और स्थिति में हो रहे किसी भी नए घटनाक्रम की जानकारी लेने की सलाह दी गई है। दूतावास ने यह भी कहा है कि सभी भारतीय नियमित रूप से आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें।
क्या बढ़ने वाला है सैन्य टकराव?
इसी बीच अमेरिका की ओर से संभावित सैन्य कार्रवाई की अटकलों ने चिंता और बढ़ा दी है। एक पूर्व सीआईए अधिकारी जान किरियाकोऊ ने दावा किया है कि अमेरिका जल्द ही ईरान पर हमला शुरू कर सकता है। एक पॉडकास्ट बातचीत में उन्होंने कहा कि भले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कुछ समय दिया हो, लेकिन हालात तेजी से बदल सकते हैं। उनके अनुसार, व्हाइट हाउस के सूत्रों से संकेत मिले हैं कि सैन्य तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं।
हालांकि आधिकारिक तौर पर किसी हमले की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन क्षेत्र में बढ़ती हलचल ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में भारत सरकार का यह कदम एहतियात के तौर पर देखा जा रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।













