
राजधानी दिल्ली में दोबारा स्कूल खोलने को लेकर केजरीवाल सरकार अभी तक कोई निर्णय नहीं ले पाई है। दोबारा स्कूल खोलने को लेकर दिल्ली सरकार ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों से सुझाव मांगे हैं। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सोमवार को कहा कि स्कूल खोलने को लेकर मैंने लोगों से सुझाव मांगे थे। अभी तक करीब 30-35 हजार सुझाव आए हैं। इनमें से कुछ लोग स्कूलों को खोलना चाहते हैं, कुछ अभी भी डरे हुए हैं। हम इसकी स्टडी करा रहे हैं। इसके आधार पर कोई निर्णय होगा तो बताएंगे। स्कूल खुलेंगे कि नहीं समय पर बता दिया जाएगा।
सिसोदिया ने बीते सप्ताह कहा था कि दिल्ली में स्कूल और कॉलेज खोलने से पहले मैं स्कूल और कॉलेज के छात्रों, प्रिंसिपल, शिक्षकों और माता-पिता से पूछना चाहता हूं कि क्या अब हमें स्कूल और कॉलेज खोल देना चाहिए? अगर खोलना चाहिए तो आपके इस पर क्या सुझाव हैं?
We are reviewing the suggestions from public, some demanded reopening (of schools), some didn't. A decision to be taken soon on the basis of all factors (vaccines for children) & feedback. Largely it seems that many people want it (schools' reopening): Delhi Dy CM Manish Sisodia pic.twitter.com/arOSvfj5bh
— ANI (@ANI) August 2, 2021
सिसोदिया ने कहा था कि विद्यार्थी, अभिभावक और शिक्षक स्कूलों को दोबारा खोलने की प्रक्रिया को लेकर अपने सुझाव 'delhischools21@gmail.com पर भेज सकते हैं और सभी की राय पर विचार करने के बाद ही फैसला लिया जाएगा।
उन्होंने कहा था कि दिल्ली सरकार ने बच्चों की सुरक्षा और संरक्षा के मद्देनजर स्कूलों और कॉलेजों को बंद करने का फैसला किया था, लेकिन अब, कई पड़ोसी राज्यों में स्कूल खुल गए हैं या खुल रहे हैं और दिल्ली में भी कोविड की स्थिति अब कंट्रोल में है। रोजाना करीब 70,000 कोविड जांच दिल्ली में की जा रही हैं, जिनमें से केवल 40 या 50 ही नए कोरोना मरीज पाए जा रहे हैं। इसलिए, शिक्षण संस्थानों को खोलने का कोई भी फैसला लेने से पहले, हमें अभिभावकों, शिक्षकों, प्रधानाचार्यों और बच्चों के सुझाव इस बारे में लेने होंगे। सुझाव मिलने के बाद सरकार फैसला करेगी कि कैसे और कब शिक्षा संस्थानों को दोबारा खोला जाए।













