
कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दामों में हालिया बढ़ोतरी के बाद आम उपभोक्ताओं की चिंता और गहराती जा रही है। अब आशंका जताई जा रही है कि जल्द ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी इजाफा हो सकता है, जिसका सीधा असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और परिवहन खर्च पर पड़ेगा। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव और पिछले लंबे समय से घरेलू ईंधन दरों के स्थिर रहने के कारण तेल कंपनियों पर वित्तीय दबाव बढ़ता जा रहा है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि इस घाटे की भरपाई के लिए ईंधन के दामों में संशोधन किया जा सकता है।
सरकारी संकेतों से बढ़ी बाजार की बेचैनी
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी सूत्रों ने इस बात से इनकार नहीं किया है कि निकट भविष्य में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा वैश्विक और आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए ईंधन दरों में बदलाव की संभावना को पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता।
इस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है और यह हाल ही में चार साल के उच्चतम स्तर करीब 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। हालांकि बाद में इसमें थोड़ी नरमी आई, लेकिन फिर भी कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति पर असर और ईरान-अमेरिका तनाव जैसी परिस्थितियों ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ा दी है।
भूराजनीतिक तनाव से बढ़ा तेल बाजार का दबाव
हालिया घटनाक्रम के अनुसार अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर की गई सैन्य कार्रवाई और उसके बाद ईरान की प्रतिक्रिया ने अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार को प्रभावित किया है। इस तनाव के चलते दुनिया के कुल तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा प्रभावित हुआ है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर ही वैश्विक आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है।
पेट्रोलियम मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, पिछले लगभग चार वर्षों से घरेलू ईंधन की कीमतों में स्थिरता बनी हुई है, जिसके कारण सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। अनुमान के मुताबिक, पेट्रोल पर लगभग 20 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर करीब 100 रुपये प्रति लीटर तक का घाटा दर्ज किया जा रहा है। हालांकि उस समय सरकार की ओर से कीमतें बढ़ाने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई थी।
इंडियन ऑयल का स्पष्ट बयान, फिलहाल राहत बरकरार
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद फिलहाल पेट्रोल, डीजल और घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की जा रही है।
हालांकि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल एलपीजी, औद्योगिक उपयोग वाले डीजल, 5 किलोग्राम सिलेंडर और अंतरराष्ट्रीय विमानन ईंधन के दामों में लागत के अनुरूप संशोधन किया है। इससे औद्योगिक सेक्टर पर असर देखने को मिला है, जबकि आम उपभोक्ता फिलहाल राहत में हैं।
चुनाव के बाद कीमतों में बढ़ोतरी की चर्चा भी रही
बाजार विश्लेषकों ने पहले ही यह अनुमान जताया था कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मतदान समाप्त होने के बाद ईंधन कीमतों में 25 से 28 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी संभव है। हालांकि यह केवल अनुमान था और सरकार की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई थी।
फिलहाल दिल्ली में पेट्रोल की कीमत लगभग 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 87.67 रुपये प्रति लीटर बनी हुई है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति और सरकारी निर्णय इस पर बड़ा असर डाल सकते हैं।













