
राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार (22 मई) देर शाम कैबिनेट की अहम बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जिनमें सबसे बड़ा बदलाव पेंशन नियमों से संबंधित है। इसके अलावा सरकार ने जल संकट और ऊर्जा संकट से निपटने के लिए भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री स्वयं 25 मई से 5 जून तक चलाए जाने वाले ‘बंधे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ की शुरुआत करेंगे।
पेंशन नियमों में प्रमुख सुधार
राजस्थान में पेंशन नियम (1996) में तीन बड़े बदलाव लागू किए गए हैं। अब दिव्यांग बच्चों को हर तीन साल में विकलांगता प्रमाण पत्र जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि केवल एक बार प्रमाण पत्र देना पर्याप्त होगा।
साथ ही, पेंशनर्स को मोबाइल ऐप के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी के जरिए सालाना जीवित प्रमाण पत्र (Life Certificate) प्रस्तुत करने की छूट दी गई है। नॉन-गैजेटेड ऑफिसर भी अब अपनी SSO ID से साइन इन करके किसी पेंशनर का जीवित प्रमाण पत्र जारी कर सकेंगे। पहले जहां दो गैजेटेड ऑफिसर की मंजूरी जरूरी थी, अब केवल एक गैजेटेड ऑफिसर के साइन से इसे मान्यता मिलेगी।
इंडस्ट्री और आर्थिक विकास से जुड़े फैसले
कैबिनेट ने नई इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट पॉलिसी 2026 को मंजूरी दी है, जो अगले 25 वर्षों तक युवाओं को रोजगार और राजस्थान में औद्योगिकीकरण बढ़ाने में सहायक होगी। इस पॉलिसी के तहत राज्य को 30 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया है और इसे जिलावार लागू किया जाएगा।
नई पॉलिसी में वेयरहाउस, आईटी सर्विसेज, ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर (GCC) और लॉजिस्टिक सेक्टर को उद्योग का दर्जा दिया गया है। इसके अलावा, भविष्य के उभरते क्षेत्रों जैसे सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML), AVGC और एयरोस्पेस को भी इसमें शामिल किया गया है।
क्लस्टर और डिजिटल सपोर्ट के तहत जयपुर ज्वेलरी, बाड़मेर हैंडीक्राफ्ट और बगरू व सांगानेर के टेक्सटाइल सेक्टर को बढ़ावा दिया जाएगा। जेके सीमेंट को रेलवे ट्रैक निर्माण के लिए 71 हेक्टेयर जमीन और डालमिया सीमेंट को प्लांट के लिए 121 हेक्टेयर जमीन डीएलसी की दोगुनी दर पर आवंटित करने की मंजूरी दी गई।
जल संरक्षण, ऊर्जा और कृषि क्षेत्र के निर्देश
राजस्थान में 25 मई से 5 जून तक 'बंधे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री इसकी शुरुआत भरतपुर में गंगा माता के मंदिर से करेंगे। इस अभियान के दौरान नए जल संचय ढांचे बनाए जाएंगे और पुराने जल स्रोतों तथा नालों की सफाई की जाएगी।
इसके अलावा ‘हरियालो राजस्थान अभियान’ के तहत 19 करोड़ से अधिक वृक्षारोपण का लक्ष्य रखा गया है। कैबिनेट ने कृषि सेवा नियमों में संशोधन को भी मंजूरी दी है।
अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए जैसलमेर (फतेहगढ़ और घटा रूपों), बाड़मेर (शिव तहसील के मुंगेरिया गांव) और बीकानेर (पूगल तहसील के करणीसर भटियां व बज्जू गांव) में बड़े पैमाने पर जमीन आवंटन को मंजूरी दी गई है।
गर्मी को देखते हुए पानी और बिजली की समीक्षा
मंत्री परिषद की बैठक में गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में पानी और बिजली की आपूर्ति की समीक्षा की गई। डीजल की आवश्यकता और आपूर्ति पर मुख्यमंत्री को पूरी जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी मंत्री अपने प्रभार वाले जिलों में पानी और ऊर्जा की जरूरतों का मूल्यांकन करें और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करें।














