देश में एक बार फिर ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में इस बार तेज़ उछाल देखने को मिला है। डीजल की कीमत में 2.71 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल में 2.61 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। राजधानी दिल्ली में अब डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है। खास बात यह है कि पिछले सिर्फ 10 दिनों में यह चौथी बार है जब ईंधन महंगा किया गया है। मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव के बाद ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पहली बार 15 मई को दाम बढ़ाए थे, जिसके बाद 19 मई और फिर 23 मई को भी लगातार कीमतों में संशोधन किया गया था।
कच्चे तेल की आपूर्ति पर संकट से बढ़ी महंगाई
जानकारी के अनुसार, बीते चार वर्षों तक देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगभग स्थिर बनी हुई थीं और इनमें किसी बड़े बदलाव की आवश्यकता नहीं पड़ी थी। लेकिन मिडिल-ईस्ट में हाल ही में शुरू हुए संघर्ष ने कच्चे तेल की सप्लाई चेन को बुरी तरह प्रभावित किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज़ उछाल देखने को मिला है, जिससे हालात और बिगड़ गए हैं। कच्चा तेल महंगा होने के कारण ऑयल मार्केटिंग कंपनियों पर भारी वित्तीय दबाव बढ़ गया है और उन्हें रोजाना बड़े स्तर पर नुकसान उठाना पड़ रहा था। इसी घाटे की भरपाई के लिए कंपनियों ने धीरे-धीरे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी शुरू कर दी है।
देश के बड़े शहरों में ईंधन के नए रेट
दिल्ली
पेट्रोल: 102.12 रुपये (+2.61)
डीजल: 95.20 रुपये (+2.71)
कोलकाता
पेट्रोल: 113.51 रुपये (+2.87)
डीजल: 99.82 रुपये (+2.80)
मुंबई
पेट्रोल: 111.21 रुपये (+2.72)
डीजल: 97.83 रुपये (+2.81)
चेन्नई
पेट्रोल: 107.77 रुपये (+2.46)
डीजल: 99.55 रुपये (+2.57)
दिल्ली में अब तक कितना महंगा हुआ ईंधन?
अगर शुरुआती कीमतों की तुलना की जाए तो दिल्ली में बढ़ोतरी का आंकड़ा साफ नजर आता है। बढ़ोतरी शुरू होने से पहले राजधानी में पेट्रोल 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर बिक रहा था। तब से अब तक पेट्रोल की कीमतों में कुल 7.35 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 7.53 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है।
ऑयल मार्केटिंग कंपनियां अपने नुकसान को कम करने के लिए लगातार छोटे-छोटे चरणों में कीमतों में संशोधन कर रही हैं। लेकिन पिछले चार चरणों में हुई यह बढ़ोतरी अब धीरे-धीरे बड़ा असर दिखाने लगी है। मौजूदा हालात को देखते हुए यह अनुमान लगाना मुश्किल हो गया है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम और कितनी बढ़ोतरी देख सकते हैं।













