राम मंदिर के CEO रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम से सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद इसे लेकर विवाद खड़ा हो गया। वीडियो में एक व्यक्ति गाने पर डांस करता दिखाई दे रहा है। शुरुआत में सोशल मीडिया पर इसे जितेंद्र मिश्रा से जोड़कर शेयर किया गया, लेकिन बाद में सामने आया कि वीडियो में नजर आ रहा व्यक्ति राम मंदिर के CEO जितेंद्र मिश्रा नहीं हैं।
संदर्भ सामग्री के मुताबिक, वीडियो का इस्तेमाल जितेंद्र मिश्रा को निशाना बनाने के लिए किया गया। वीडियो के प्रसार को लेकर यह भी सवाल उठाए गए कि इसकी शुरुआत एक पाकिस्तानी फेसबुक पेज से हुई और इसके बाद भारतीय सोशल मीडिया हैंडल्स से इसे आगे साझा किया गया।
3 सितंबर को पाकिस्तानी फेसबुक पेज पर हुआ था पोस्ट
बताया गया है कि यह वीडियो सबसे पहले 3 सितंबर को पाकिस्तानी फेसबुक पेज ‘डिफेंस वॉच’ पर पोस्ट किया गया था। इसके बाद वीडियो सोशल मीडिया के दूसरे प्लेटफॉर्म्स तक पहुंचा और तेजी से शेयर किया जाने लगा।
संदर्भ के अनुसार, पाकिस्तानी फेसबुक पेज से वीडियो साझा किए जाने के बाद कांग्रेस के एक मीडिया कॉर्डिनेटर ने इसे फेसबुक से डाउनलोड किया और एक्स पर पोस्ट कर दिया। इसके बाद वीडियो एक्स पर वायरल हो गया।
वीडियो को कॉकरोच जनता पार्टी, अभिजीत दीपके समेत कई सोशल मीडिया हैंडल्स की ओर से भी साझा किए जाने और जितेंद्र मिश्रा को निशाना बनाए जाने का दावा संदर्भ सामग्री में किया गया है।
वीडियो की पहचान सामने आने के बाद बदला रुख
वीडियो के जितेंद्र मिश्रा का नहीं होने की बात सामने आने के बाद अभिजीत दीपके ने इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की निजी जिंदगी में वह क्या करता है, इसमें अपने आप में कुछ गलत नहीं है। हालांकि, उन्होंने सवाल उठाया कि अगर वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति राम मंदिर ट्रस्ट का CEO नहीं होता तो कथित ‘धर्म के ठेकेदार’ उस पर किस तरह प्रतिक्रिया देते।
दीपके ने इसी संदर्भ में लोगों से धर्म के नाम पर किसी को गुमराह नहीं करने देने की बात भी कही। उनका यह बयान वायरल वीडियो को लेकर सामने आए विवाद के बाद आया।
2 सितंबर को CEO बनाए गए थे जितेंद्र मिश्रा
संदर्भ सामग्री के मुताबिक, रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को 2 सितंबर को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का पहला CEO बनाया गया था। उनकी उम्र 62 वर्ष बताई गई है।
जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायु सेना में सेवा दे चुके हैं। संदर्भ में यह भी बताया गया है कि उन्हें युद्ध सेवा मेडल सहित कई सैन्य पुरस्कार मिल चुके हैं।
जितेंद्र मिश्रा के नाम से वायरल हुए वीडियो को लेकर बाद में यह स्पष्ट हुआ कि उसमें दिखाई देने वाला व्यक्ति वह नहीं है। ऐसे में सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति की पहचान से जोड़कर वीडियो साझा किए जाने को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। संदर्भ सामग्री में इस मामले पर जितेंद्र मिश्रा या संबंधित संस्थाओं की कोई अतिरिक्त प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।













