दिल्ली के सत्य निकेतन में बहुमंजिला इमारत गिरने की घटना को लेकर कांग्रेस ने मृतकों के परिवारों के लिए मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग की है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता के साथ एक सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए। उन्होंने इस घटना में जिम्मेदारी तय करते हुए सख्त कार्रवाई की मांग भी की है।
अजय राय के मुताबिक, कार्रवाई केवल इमारत के मालिक तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने उन अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग की, जिन्होंने कथित तौर पर भवन के प्लान को मंजूरी दी और निर्माण की अनुमति दी। उनका कहना है कि हादसे के लिए जिम्मेदार सभी लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
मालिक के खिलाफ लुकआउट नोटिस
सत्य निकेतन हादसे के मामले में दिल्ली पुलिस ने भवन मालिक हरि राम के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, पुलिस उन लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रही है, जिन्हें घटना के लिए कथित तौर पर जिम्मेदार माना जा रहा है।
इससे पहले साउथ कैंपस थाने में हरि राम और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले में गैर इरादतन हत्या, इमारत के रखरखाव में लापरवाही और लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालने जैसे आरोप लगाए हैं।
मरम्मत के दौरान ढह गई थी पांच मंजिला इमारत
सत्य निकेतन में स्थित यह पांच मंजिला इमारत दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिणी परिसर के पास थी। इसका इस्तेमाल लड़कों के पीजी यानी पेइंग गेस्ट आवास के रूप में किया जा रहा था। रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे मरम्मत का काम चलने के दौरान इमारत अचानक ढह गई।
हादसे के बाद मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए खोज और बचाव अभियान शुरू किया गया। सोमवार को घटना के दूसरे दिन भी राहत कार्य जारी रहा।
NDRF ने बताया- 12 लोगों को निकाला गया
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी NDRF के आईजी नरेंद्र सिंह बुंदेला ने राहत अभियान की स्थिति की जानकारी देते हुए कहा कि उस समय तक कुल 12 लोगों को बाहर निकाला जा चुका था। उनके मुताबिक, इनमें छह लोगों को मृत घोषित किया गया था, जबकि पांच लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
उन्होंने बताया कि एक शव को अभी मलबे से बाहर निकाला जाना बाकी था। NDRF और फायर सर्विस की टीमें उसे निकालने की कोशिश कर रही थीं। बुंदेला ने संभावना जताई कि मलबे में मौजूद व्यक्ति बेहोश हो सकता है।
राज्य सरकार कर रही उचित कार्रवाई: NDRF IG
नरेंद्र सिंह बुंदेला ने कहा कि राज्य सरकार मामले को गंभीरता से ले रही है। उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री ने हादसे के बाद घटनास्थल का दौरा किया था और जरूरी निर्देश दिए थे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की ओर से उचित कार्रवाई की जा रही है।
वहीं, रेफरेंस में पुलिस के हवाले से हादसे में सात लोगों की मौत का भी उल्लेख है। राहत एवं बचाव अभियान तथा मृतकों की संख्या को लेकर अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार आंकड़े अलग-अलग समय पर सामने आए हैं।
अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल
अजय राय ने हादसे के बाद जिम्मेदारी तय करने की मांग करते हुए कहा कि यदि किसी इमारत का निर्माण नियमों और सुरक्षा मानकों के तहत मंजूर किया गया था, तो उससे जुड़े अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कार्रवाई केवल मकान मालिक के खिलाफ करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।
कांग्रेस नेता ने मृतकों के परिवारों के लिए 1-1 करोड़ रुपये के मुआवजे और एक सरकारी नौकरी की मांग दोहराई। सत्य निकेतन की इस घटना के बाद इमारतों की सुरक्षा, निर्माण और मरम्मत के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों को लेकर भी सवाल सामने आए हैं।
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