राजस्थान में निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया में तेजी लाने पर सरकार का फोकस बढ़ गया है। राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान हुए एमओयू की समीक्षा में सामने आया कि 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है। वहीं, कुल 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव अलग-अलग चरणों में आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सोमवार को शासन सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निवेश परियोजनाओं से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप आगामी 10 दिसंबर को प्रवासी राजस्थानी दिवस तक अधिक से अधिक एमओयू को ग्राउंड ब्रेकिंग के चरण तक पहुंचाने के लिए विभागों के बीच प्रभावी समन्वय जरूरी है।
लंबित प्रकरणों पर तेजी से फैसला लेने के निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने अलग-अलग विभागों से संबंधित लंबित मामलों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निवेश परियोजनाओं के लिए जरूरी प्रस्ताव और फाइलें जल्द प्रस्तुत की जाएं, ताकि अनुमोदन की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।
उन्होंने संबंधित जिला कलक्टरों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया। परियोजनाओं के क्रियान्वयन में स्थानीय स्तर पर आने वाली अड़चनों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।
ऊर्जा और राजस्व विभाग से जुड़ी अपेक्षित प्रगति पर भी मुख्य सचिव ने विशेष ध्यान देने को कहा। इसके साथ ही भूमि से जुड़े मामलों को निवेश परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण मानते हुए उनके जल्द समाधान के निर्देश दिए गए।
जमीन से जुड़े मामलों के निपटारे पर जोर
निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने के लिए भूमि की पहचान और आवंटन से संबंधित मामलों का समय पर निपटारा करने को कहा गया है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन प्रकरणों को लंबित रखने के बजाय तेजी से समाधान की दिशा में काम किया जाए।
सरकार का जोर इस बात पर है कि स्वीकृति की आवश्यकता वाले मामलों में प्रक्रिया अनावश्यक रूप से लंबी न हो। वहीं, जिन प्रस्तावों को मंजूरी देना संभव नहीं है, उनके संबंध में भी तत्काल निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ऐसे मामले भी लंबे समय तक लंबित न रहें।
35 लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव
अतिरिक्त मुख्य सचिव, उद्योग शिखर अग्रवाल ने बैठक में विभागवार प्रगति की जानकारी दी। उनके मुताबिक, राइजिंग राजस्थान के तहत 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव अलग-अलग चरणों में हैं। इनमें से 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावों की ग्राउंड ब्रेकिंग पूरी हो चुकी है।
बैठक में विभागों के निर्धारित लक्ष्यों और उनके मुकाबले हुई प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निवेश प्रस्तावों से जुड़े मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करने और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर हासिल करने के लिए जरूरी कदम तेज करने को कहा गया।
10 दिसंबर तक ज्यादा एमओयू को धरातल पर लाने का लक्ष्य
मुख्य सचिव ने अधिकारियों से आगामी 10 दिसंबर को प्रवासी राजस्थानी दिवस तक अधिक से अधिक एमओयू को ग्राउंड ब्रेकिंग के स्तर तक पहुंचाने के लिए समन्वित प्रयास करने को कहा। इसके लिए संबंधित विभागों को लंबित स्वीकृतियों, फाइलों और भूमि से जुड़े मामलों पर तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। संबंधित जिलों के जिला कलक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक में जुड़े और अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित निवेश परियोजनाओं की प्रगति से जुड़े मामलों पर जानकारी साझा की।














