शराब पीना सेहत के लिए बेहद हानिकारक होता है। यह कई गंभीर बीमारियों की जड़ बन सकता है। अत्यधिक शराब का सेवन हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, स्ट्रोक, लिवर डिजीज, डिप्रेशन, ब्रेस्ट कैंसर, आत्महत्या के विचार और दुर्घटनाओं जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। लगातार शराब पीने से शरीर अंदर ही अंदर कमजोर होने लगता है, जिससे कई घातक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। कई लोग मानते हैं कि अधिक शराब पीने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। आइए जानते हैं कि यह कितना सच है और दिल को हेल्दी बनाए रखने के सही उपाय क्या हैं।
नेशनल एसोसिएशन ऑफ हार्ट के अनुसार, ज्यादा शराब पीने से खून में ट्राइग्लिसराइड्स (एक प्रकार का फैट) बढ़ सकता है, जो धमनियों में फैट जमा होने का कारण बनता है। हाई एलडीएल (बैड कोलेस्ट्रॉल) और लो एचडीएल (गुड कोलेस्ट्रॉल) के साथ बढ़ा हुआ ट्राइग्लिसराइड्स स्तर हार्ट अटैक और स्ट्रोक के खतरे को बढ़ा सकता है। इसके अलावा, अत्यधिक शराब का सेवन हाई ब्लड प्रेशर, कार्डियोमायोपैथी, कार्डियक अरेस्ट और अन्य जानलेवा हृदय रोगों का कारण बन सकता है। यही नहीं, यह मस्तिष्क की कार्यक्षमता पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है, जिससे याददाश्त की समस्या और सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
रोज-रोज शराब पीने से क्या हार्ट अटैक का रिस्क है
कुछ अध्ययनों के अनुसार, कम मात्रा में शराब पीने वालों में हृदय रोग की दर गैर-शराब पीने वालों की तुलना में कम हो सकती है। लेकिन, जब शराब का सेवन नियमित और अधिक मात्रा में किया जाता है, तो यह हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, स्ट्रोक और अन्य गंभीर हृदय रोगों का कारण बन सकता है। यदि आप यह महसूस कर रहे हैं कि समय के साथ आपकी शराब पीने की मात्रा बढ़ रही है, तो इसे नियंत्रित करने का प्रयास करें।
शराब का दिल पर असर
शराब का असर सीधे हृदय की कार्यप्रणाली पर पड़ता है। यह रक्तचाप को प्रभावित कर सकता है, जिससे हृदय पर अधिक दबाव पड़ता है और कई गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
1. बिंज ड्रिंकिंग (अत्यधिक शराब सेवन)
यदि पुरुष दो से पांच घंटे के भीतर पांच या अधिक ड्रिंक्स और महिलाएं चार या अधिक ड्रिंक्स लेती हैं, तो इससे एट्रियल फाइब्रिलेशन (असामान्य हृदय गति) का खतरा बढ़ सकता है। इससे ब्लड क्लॉट, स्ट्रोक, और हार्ट फेलियर जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
- अत्यधिक शराब पीने से हृदय की मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं, जिससे दिल की धड़कन अनियमित हो जाती है।
- इससे रक्तचाप अचानक बढ़ सकता है, जिससे हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट का खतरा बढ़ जाता है।
- अत्यधिक शराब पीने से शरीर में डीहाइड्रेशन हो सकता है, जिससे इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन पैदा होता है और हृदय की कार्यक्षमता प्रभावित होती है।
2. मॉडरेशन में शराब पीना
मॉडरेशन यानी सीमित मात्रा में शराब का सेवन करने पर भी स्वास्थ्य जोखिम हो सकते हैं।
- अत्यधिक शराब पीने से धमनियां संकरी हो सकती हैं, जिससे हृदय तक ऑक्सीजन युक्त रक्त का प्रवाह प्रभावित हो सकता है।
- शराब में मौजूद अतिरिक्त कैलोरी वजन बढ़ाने का कारण बन सकती हैं, जिससे मोटापा और टाइप 2 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है।
- अधिक मात्रा में शराब पीने से कोलेस्ट्रॉल का स्तर असंतुलित हो सकता है, जिससे हृदय रोगों की संभावना बढ़ जाती है।
कैसे करें खुद को सुरक्षित?
- शराब पीने की आदत को नियंत्रित करें और हफ्ते में एक-दो दिन शराब से पूरी तरह दूरी बनाएं।
- संतुलित आहार लें और फाइबर युक्त भोजन, फल और सब्जियां अपने आहार में शामिल करें।
- नियमित व्यायाम करें, जिससे हृदय की मांसपेशियां मजबूत बनी रहें।
- यदि आपको हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या कोई अन्य हृदय संबंधी समस्या है, तो शराब पूरी तरह छोड़ने की कोशिश करें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे और शराब का असर कम हो सके।
रोजाना शराब पीने से हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। यदि शराब का सेवन मॉडरेशन में भी किया जाए, तब भी यह जोखिम भरा हो सकता है। बिंज ड्रिंकिंग और अधिक मात्रा में शराब पीने से हाई ब्लड प्रेशर, स्ट्रोक और हार्ट अटैक जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। यदि आप अपने दिल को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो शराब का सेवन कम से कम करें या इसे पूरी तरह से त्याग दें।