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कश्मीर पर ट्रंप का बयान : संसद में आज भी हंगामे के आसार, विपक्ष कर रहा है पीएम के जवाब की मांग

By: Pinki Wed, 24 July 2019 09:24 AM

कश्मीर पर ट्रंप का बयान : संसद में आज भी हंगामे के आसार, विपक्ष कर रहा है पीएम के जवाब की मांग

पाकिस्‍तान (Pakistan) के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने सोमवार को व्‍हाइट हाउस में अमेरिका (America) के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप (Donald Trump) से मुलाकात की। इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा 'मैं दो हफ्ते पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ था। हमारे बीच इस मसले पर बातचीत हुई। उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या आप इस मसले पर मध्यस्थता करना चाहेंगे। मैंने पूछा- कहां। उन्होंने कहा कि कश्मीर। मैं आश्चर्यचकित हो गया। यह मसला काफी लंबे समय से चला आ रहा है।' अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कश्मीर पर दिया गया यह बयान संसद के दोनों सदन में भी गूंजा। मंगलवार को लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस ने ये मामला उठाया और केंद्र को घेरने की कोशिश की। संसद में आज भी इस पर खूब हंगामे के आसार दिखने वाले है। कल भी कांग्रेस की अगुवाई में विपक्ष हमलावर रहा, विपक्षी सांसद वेल में पहुंच गए और बाद में वॉक आउट भी किया। सरकार की ओर से विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सफाई दी। विदेश मंत्री ने साफ कहा कि पीएम मोदी ने कश्मीर पर मध्यस्थता को लेकर ट्रंप से कोई बात नहीं की है। विदेश मंत्री ने कहा, 'मैं सप्ष्ट तौर पर सदन को आश्वस्त करना चाहता हूं कि मोदी ने कभी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मध्यस्थता के लिए नहीं कहा। कश्मीर भारत-पाक का द्विपक्षीय मुद्दा है। इसे दोनों देश मिलकर सुलझाएंगे। पाकिस्तान पहले आतंकवाद पर लगाम लगाए। कश्मीर मसले पर शिमला और लाहौर संधि के जरिए ही आगे बढ़ेंगे।

हालाकि, कांग्रेस विदेश मंत्री की सफाई से संतुष्ट नहीं है, पार्टी सदन में सीधे प्रधानमंत्री के बयान की मांग पर अड़ी है। बुधवार लोकसभा में पीएमओ और प्रधानमंत्री से जुड़े दूसरे मंत्रालयों के सवाल जवाब का दिन भी होता है। लिहाजा आज प्रश्नकाल के दौरान पीएम मोदी लोकसभा में मौजूद रहेंगे। उम्मीद है कि विपक्ष फिर इस मुद्दे पीएम से जवाब की मांग करेगा।

डोनाल्ड ट्रंप ने कश्मीर को लेकर क्या दावा किया था?

अमेरिका राष्ट्रपति ने इमरान खान की मौजूदगी में कहा, 'मैं दो हफ्ते पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ था। हमारे बीच इस मसले पर बातचीत हुई। उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या आप इस मसले पर मध्यस्थता करना चाहेंगे। मैंने पूछा- कहां। उन्होंने कहा कि कश्मीर। मैं आश्चर्यचकित हो गया। यह मसला काफी लंबे समय से चला आ रहा है।' ट्रंप ने आगे कहा, 'मुझे लगता है कि वे हल चाहते हैं, आप हल चाहते हैं और अगर मैं मदद कर सकता हूं तो मुझे मध्यस्थता करके खुशी होगी। दो बेहद शानदार देश, जिनके पास बहुत स्मार्ट लीडरशिप है वे इतने सालों से ये मसला हल नहीं कर पा रहे हैं। अगर आप चाहते हैं कि मैं मध्यस्थता करूं तो मैं यह करूंगा।'

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा- कश्मीर भारत द्विपक्षीय मामला

राष्ट्रपति ट्रंप के बयान के बाद अमेरिका को अपनी गलती का अहसास हो गया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि कश्मीर भारत और पाकिस्तान का द्विपक्षीय मामला इतना ही नहीं अमेरिकी ने पाकिस्तान से आतंकवाद पर लगाम लगाने को भी कहा है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया, 'कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच का दिवपक्षीय मुद्दा है। भारत और पाकिस्तान को इस पर बातचीत करनी है। अमेरिका इस बात का स्वागत करता है कि भारत और पाकिस्तान आपस में मिलकर यह मुद्दा सुलझाएं। हालांकि अमेरिका मदद करने को तैयार है। हम ये मानते हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि पाकिस्तान अपनी जमीन पर पल रहे आतंक के खिलाफ कारगर कार्रवाई करें।'

अमेरिकी सांसद ब्रैड शेरमैन ने ट्रंप के बयान को शर्मिंदगी से भरा बयान बताया है। अमेरिकी सांसद ब्रैड शेरमैन ने ट्वीट किया, 'कोई भी जो दक्षिण की विदेश नीति के बारे में जानता है उसे पता है कि भारत लगातार कश्मीर मुद्दे पर तीसरे पक्ष की मध्यस्थता का विरोध करता रहा है। सभी जानते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी कभी बी ऐसा प्रस्ताव नहीं देंगे। ट्रंप का बयान बचकाना, भ्रामक और शर्मनाक है।' इतना ही नहीं ब्रैड शेरमैन ने ट्रंप के बयान के लिए अमेरिका में भारत के राजदूत से माफी भी मांगी। उन्होंने एक दूसरे ट्वीट में लिखा, 'मैं भारतीय राजदूत हर्ष श्रींग्ला से ट्रंप की बचकानी और शर्मनाक गलती के लिए माफी मांगता हूं।'

एस जयशंकर बोले- मोदी ने मध्यस्थता के लिए नहीं कहा

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में कहा कि मोदी ने कभी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मध्यस्थता के लिए नहीं कहा। विदेश मंत्री ने कहा, 'मैं सप्ष्ट तौर पर सदन को आश्वस्त करना चाहता हूं कि मोदी ने कभी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मध्यस्थता के लिए नहीं कहा। कश्मीर भारत-पाक का द्विपक्षीय मुद्दा है। इसे दोनों देश मिलकर सुलझाएंगे। पाकिस्तान पहले आतंकवाद पर लगाम लगाए। कश्मीर मसले पर शिमला और लाहौर संधि के जरिए ही आगे बढ़ेंगे।' विदेश मंत्री बोले कि भारत लगातार कहता रहा है कि पाकिस्तान के साथ जो भी बातें होनी हैं वह सिर्फ द्विपक्षीय मुद्दा हैं। पाकिस्तान से किसी भी तरह के मसले पर तभी बात हो सकती है, जब वह आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करेगा। मैं कहना चाहूंगा कि शिमला और लाहौर समझौते के तहत ये तय हुआ था कि पाकिस्तान के साथ हर मुद्दा द्विपक्षीय ही सुलझ सकता है। इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता भी रवीश कुमार ने भी अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान का खंडन किया था। उन्होंने भी कहा कि पीएम मोदी की ओर ऐसी कोई भी मांग नहीं की गई।

PM मोदी ने भारत के हितों के साथ दगाबाजी की : राहुल गांधी

कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे चुके राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर ट्रंप का दावा सही है तो पीएम मोदी ने भारत के हितों के साथ दगाबाजी की है। राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में लिखा, 'राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि पीएम मोदी ने उनसे कश्मीर पर भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता करने को कहा है! अगर ये सही है, तो पीएम मोदी ने भारत के हितों और 1972 के शिमला समझौते के साथ धोखा किया है। एक कमजोर विदेश मंत्रालय का खंडन ही काफी नहीं है। पीएम को राष्ट्र को बताना चाहिए कि ट्रंप और उनके बीच बैठक में क्या हुआ था।'

इमरान बोले- भारत की प्रतिक्रिया से हैरान हूं

ट्रंप के बयान की भारत की ओर जमकर हुई मुखालफत के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि मैं भारत की प्रतिक्रिया से हैरान हूं। इमरान खान ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कश्मीर मुद्दे को सुलझाने की पेशकश की। इमरान खान ने कहा, कश्मीर विवाद को हल करने के लिए भारत और पाक के बीच वार्ता के लिए ट्रंप को मध्यस्थता करने की पेशकश पर भारत की प्रतिक्रिया से हैरान हूं। कश्मीर विवाद ने पिछले 70 साल से इस क्षेत्र को बंधक के जैसा बना दिया है। कश्मीरियों को रोज नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस संघर्ष के समाधान की बहुत जरूरत है। उन्होंने कहा, 'मैं राष्ट्रपति ट्रंप को उनकी सानदार मेहमान नवाजी के लिए शुक्रिया कहना चाहता हूं, पाकिस्तान के दृष्टिकोण को लेकर उनकी समझ और हमारे पूरे प्रतिनिधिमंडल के साथ उनका व्यवहार शानदार था। हमें एतिहासिक व्हाइट हाउस के निजी क्वार्टर्स दिखाने के लिए मैं राष्ट्रपति की सराहना करता हूं।'

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