
सिंधु जल संधि स्थगित होने के बाद पाकिस्तान लगातार पानी के मुद्दे को लेकर भारत पर दबाव डाल रहा है। हाल ही में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि भारत पाकिस्तान से एक बूंद पानी भी नहीं छीन सकता। इस बयान के जवाब में हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कड़ा पलटवार किया। ओवैसी ने कहा, "अब बहुत हो गया, हमारे पास ब्रहमोस है। उन्हें ऐसी बकवास नहीं करनी चाहिए। भारत पर ऐसी धमकियों का कोई असर नहीं होगा।"
पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच पर ओवैसी की राय
ओवैसी ने पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने के सवाल पर भी अपनी स्पष्ट राय रखी। उन्होंने कहा, "मैं क्रिकेट मैच देखने नहीं जा रहा हूं। मेरी अंतरात्मा, मेरा दिल इसकी इजाजत नहीं देता। हमें उस देश के लोगों के साथ क्रिकेट क्यों खेलना है जो हमें हर दिन धमकी दे रहे हैं?"
1960 की सिंधु जल संधि और पाकिस्तान की धमकियाँ
पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के एक दिन बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई दंडात्मक कदम उठाए, जिनमें सिंधु जल संधि का स्थगन भी शामिल था। पाकिस्तान ने बार-बार चेतावनी दी है कि यदि पानी रोकने के लिए कोई भी हस्तक्षेप किया गया, तो उसे युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा।
शहबाज शरीफ ने कहा, "मैं आज दुश्मन को यह बताना चाहता हूं कि अगर आप हमारा पानी रोकने की धमकी देते हैं तो जान लें कि आप पाकिस्तान का एक बूंद भी पानी नहीं छीन सकते। यदि भारत ने कोई कार्रवाई की तो उसे ऐसा सबक मिलेगा कि उसे पछताना पड़ेगा।"
भारत पर अमेरिकी टैरिफ और ओवैसी का सवाल
इस बीच, ओवैसी ने अमेरिका द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को तय करना होगा कि वे उस देश के साथ व्यापार करेंगे जहाँ आतंकवाद आम बात है या भारत के साथ जो उनका रणनीतिक सहयोगी रहा है। ट्रंप कौन होते हैं यह कहने वाले कि हमें तेल नहीं खरीदना चाहिए। नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से राजनीतिक बयान होना चाहिए था, लेकिन केवल विदेश मंत्रालय से सामान्य बयान आया।"














