
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच खाड़ी देशों में अटके भारतीयों की घर वापसी की कवायद तेज हो गई है। निजी विमानन कंपनी SpiceJet ने 4 मार्च को संयुक्त अरब अमीरात से आठ विशेष उड़ानें संचालित करने की घोषणा की है, ताकि वहां फंसे यात्रियों को सुरक्षित भारत लाया जा सके। कंपनी का कहना है कि मौजूदा हालात को देखते हुए राहत उड़ानों की संख्या बढ़ाई गई है।
हवाई क्षेत्र बंद होने से बढ़ी परेशानी
अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण पश्चिम एशिया के कई हिस्सों में एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ा है। कई नियमित सेवाएं रद्द करनी पड़ीं, जिससे बड़ी संख्या में भारतीय यात्री यूएई और आसपास के देशों में फंस गए।
इसी पृष्ठभूमि में स्पाइसजेट ने राहत मिशन के तहत यूएई के फुजैराह से भारत के अलग-अलग शहरों के लिए विशेष फ्लाइट्स तैनात की हैं। इन उड़ानों के जरिए सैकड़ों यात्रियों को स्वदेश लाने की तैयारी की गई है।
किन शहरों के लिए चलेंगी विशेष उड़ानें
एयरलाइन द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, फुजैराह से भारत के प्रमुख महानगरों के लिए निम्न सेवाएं संचालित की जा रही हैं—
दिल्ली के लिए चार विशेष उड़ानें
मुंबई के लिए चार विशेष उड़ानें
कोच्चि के लिए एक अतिरिक्त उड़ान
इससे पहले 3 मार्च को भी चार स्पेशल फ्लाइट्स का संचालन किया गया था। एयरलाइन ने संकेत दिया है कि 4 मार्च से फुजैराह-दिल्ली और फुजैराह-मुंबई की नियमित सेवाएं भी दोबारा शुरू कर दी जाएंगी, ताकि यात्रा व्यवस्था सामान्य की जा सके।
कुवैत में होटल में ठहरे भारतीयों की चिंता बढ़ी
दूसरी ओर, Kuwait में करीब 300 भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं। ये सभी फिलहाल कुवैत के Crowne Plaza Kuwait में ठहरे हैं। बताया जा रहा है कि लंबा इंतजार और अनिश्चितता की स्थिति के कारण वहां रह रहे लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है।
फंसे यात्रियों में से एक, कल्पेश संजय राठी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें अभी तक स्थानीय प्रशासन या होटल प्रबंधन की ओर से स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला है। उनका आरोप है कि मदद को लेकर स्थिति अस्पष्ट बनी हुई है। इन यात्रियों में अधिकांश महाराष्ट्र के निवासी बताए जा रहे हैं, जो कामकाज या ट्रांजिट के सिलसिले में कुवैत पहुंचे थे।
दूतावास से हस्तक्षेप की मांग
होटल में ठहरे भारतीय नागरिकों ने भारत सरकार और कुवैत स्थित भारतीय दूतावास से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। उनका कहना है कि जल्द से जल्द सुरक्षित वापसी की व्यवस्था की जाए, क्योंकि मौजूदा हालात में वहां रुकना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।













