
वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अमेरिका के दबाव और उनके प्रभाव के कारण अब कोई भी नेता ईरान का सुप्रीम लीडर बनने के लिए उतना उत्सुक नहीं है। ट्रंप ने साथ ही दावा किया कि उनके कार्यकाल में उन्होंने आठ युद्धों को रोका और ईरान के खिलाफ कई क्षेत्रों में सफलता हासिल की।
NRCC के सालाना फंडरेजिंग डिनर में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान के नेता अपने देश का प्रमुख बनने में उतना जोश नहीं दिखा रहे जितना किसी अन्य देश के नेता दिखाते हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनके नेतृत्व में अमेरिका की वैश्विक प्रतिष्ठा और सम्मान पहले से कहीं अधिक बढ़ा है।
ईरान के नेता बातचीत से भी डर रहे हैं
ट्रंप ने आगे कहा, "हमने आठ युद्धों को रोका और एक और युद्ध में जीत हासिल की। मध्य पूर्व में हमारे ईरान के साथ किए गए कदम ऐतिहासिक हैं। ईरानी नेता बातचीत कर रहे हैं, लेकिन इसे खुले तौर पर स्वीकार करने से डरते हैं। उन्हें डर है कि उनके लोग उन्हें दंडित कर सकते हैं, साथ ही उन्हें यह भी भय है कि हम कोई कार्रवाई कर सकते हैं। किसी भी अन्य देश में इतने कम उत्साह के साथ अपने देश का नेतृत्व करने का उदाहरण नहीं मिलता।"
उनका यह भी कहना था कि ईरान के सुप्रीम लीडर बनने के लिए उत्सुकता में गिरावट आई है, जो बेहद असामान्य है।
JCPOA और परमाणु हथियारों का मुद्दा
ट्रंप ने 2015 के ईरान परमाणु समझौते (JCPOA) से अमेरिका के बाहर निकलने का कारण बताते हुए कहा कि ईरान बहुत जल्द परमाणु हथियार विकसित कर सकता था। उन्होंने कहा, "मैंने यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए कि ईरान के हाथों में पागलपन के हथियार न आएं। हर राष्ट्रपति को यह करना चाहिए था। ओबामा ने उन्हें बहुत कुछ दे दिया। जब इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उनसे मुलाकात कर समझौता न करने की अपील की, तब भी ईरान को परमाणु हथियार बनाने का अधिकतम अधिकार मिल गया था। मैंने पद संभालते ही इस समझौते को समाप्त कर दिया। यदि JCPOA जारी रहता, तो आज ईरान के पास परमाणु हथियार होते।"
सुलेमानी की हत्या और सुरक्षा की मजबूरी
ट्रंप ने ईरानी जनरल कासेम सुलेमानी की हत्या का भी उल्लेख किया। उन्होंने सुलेमानी को 'शैतानी इंसान' कहा और बताया कि वह कुद्स फोर्स के कमांडर थे। ट्रंप ने कहा, "सुलेमानी को मारना आवश्यक था। वह सख्त और प्रभावशाली जनरल था। हमने उनके माध्यम से अमेरिका की सुरक्षा सुनिश्चित की और अमेरिका की प्रतिष्ठा बढ़ाई। हमारे नेतृत्व में अमेरिका को पहले से अधिक सम्मान मिला है।"
सुलेमानी की हत्या 3 जनवरी 2020 को बगदाद में अमेरिकी ड्रोन हमले में की गई थी, जिसका आदेश स्वयं ट्रंप ने दिया था।














