
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की रविवार (28 दिसंबर 2025) को फ्लोरिडा में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने वाले हैं। इस बैठक के बाद रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध के खत्म होने की उम्मीदों ने फिर जोर पकड़ लिया है। जेलेंस्की ने बताया कि इस मुलाकात का मुख्य एजेंडा यूक्रेन की सुरक्षा गारंटी और 20 सूत्रीय पीस प्लान को अंतिम रूप देना है।
जेलेंस्की की प्राथमिकताएं क्या हैं?
ट्रंप और जेलेंस्की की यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब अमेरिका रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने में कूटनीतिक प्रयासों में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। जेलेंस्की ने इस हफ्ते कहा था कि यदि रूस पूर्वी औद्योगिक क्षेत्रों से अपनी सेना वापस बुलाता है, तो यूक्रेन भी अपने सैनिकों की वापसी पर विचार करेगा। उनके प्रस्ताव के अनुसार, यह क्षेत्र विसैन्यीकृत होना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय बलों की निगरानी में आए।
रूस का डोनबास पर नियंत्रण
रूस ने स्पष्ट किया है कि वह जेलेंस्की के किसी भी प्रस्ताव को तुरंत स्वीकार नहीं करेगा। क्रेमलिन का कहना है कि यूक्रेन को डोनबास के उन हिस्सों पर अपने नियंत्रण को रूस को सौंपना होगा, जिसे कीव ने ठुकरा दिया है। वर्तमान में रूसी सेना लुहांस्क के अधिकांश हिस्सों और डोनेट्स्क के लगभग 70% हिस्सों पर कब्जा किए हुए है, जो डोनबास का हिस्सा हैं।
क्रेमलिन की प्रतिक्रिया और विश्लेषण
रूस ने कहा है कि यूक्रेन द्वारा पेश किए गए शांति प्रस्ताव का मॉस्को गहन विश्लेषण कर रहा है। यह प्रस्ताव रूस के विशेष दूत द्वारा हाल ही में अमेरिका में अधिकारियों से मुलाकात के बाद सौंपा गया। क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने बताया कि रूस, निवेश और आर्थिक सहयोग से जुड़ी जानकारी की समीक्षा कर रहा है।
रूसी-अमेरिकी कूटनीति और बातचीत
दिमित्रिएव ने पिछले सप्ताह मियामी में अमेरिकी अधिकारियों से चर्चा की थी। पेस्कोव के अनुसार, “हम इन प्रस्तावों का विश्लेषण कर रहे हैं और इसके आधार पर राष्ट्रपति की दिशा में आगे की बातचीत जारी रहेगी।” उन्होंने कहा कि दिमित्रिएव ने अपने मियामी दौरे की रिपोर्ट रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को दी है। 21 दिसंबर 2025 को रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडलों ने अमेरिका में अलग-अलग बैठकों में वार्ता की थी।
रूस-अमेरिका वार्ता जारी, संघर्ष भी जारी
रूसी न्यूज एजेंसी स्पुतनिक के अनुसार, दिमित्रिएव ने मीडिया को बताया कि युद्ध को भड़काने के प्रयासों के बावजूद रूस-अमेरिका वार्ता बाधित नहीं हुई। वहीं, रूस के रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि उसकी ‘सदर्न ग्रुप ऑफ फोर्सेज’ की यूनिट ने डोनेट्स्क के स्वियातो-पोक्रोव्स्के बस्ती पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है।














