फ्रांस की राजधानी पेरिस में भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी सरकार के पिछले 12 वर्षों की प्रमुख उपलब्धियों को विस्तार से साझा किया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले 50 से 100 वर्षों में जब इस दौर का मूल्यांकन किया जाएगा, तो यह स्पष्ट रूप से सामने आएगा कि यह समय भारत की आकांक्षाओं से प्रेरित और संचालित रहा है। उन्होंने कहा कि आज का भारत केवल विकास नहीं कर रहा, बल्कि भविष्य के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम भी तैयार कर रहा है, जो आने वाले दशकों की दिशा तय करेगा।
भारत में बढ़ती आकांक्षाएं और बदलता दृष्टिकोण
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में यह एक नए युग की शुरुआत है, जहां लोगों की अपेक्षाएं लगातार ऊंची होती जा रही हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जहां पहले बिजली पहुंचना बड़ी उपलब्धि माना जाता था, वहीं अब लोग स्मार्ट जीवनशैली की मांग कर रहे हैं। इसी तरह, जहां रेल पहुंची है वहां अब हाई-स्पीड कनेक्टिविटी की जरूरत महसूस की जा रही है।
पीएम मोदी ने कहा कि जहां सड़कें और हाईवे बने हैं, वहां अब लोग विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे चाहते हैं। इंटरनेट की पहुंच के साथ अब देश का युवा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल इनोवेशन में नेतृत्व करना चाहता है। उन्होंने कहा कि आज भारत का हर नागरिक अपने जीवन और देश दोनों को अगले स्तर पर ले जाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है।
लोकतंत्र की शक्ति से मिला अवसर
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है कि वे ऐसे समय में फ्रांस पहुंचे हैं जब उनकी सरकार के 12 वर्ष पूरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि एक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में लगातार 12 वर्षों तक देश की सेवा करना उनके लिए सम्मान की बात है।
पीएम मोदी ने लोकतंत्र की ताकत का उल्लेख करते हुए कहा कि इसी प्रणाली ने एक साधारण चाय बेचने वाले को देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचने का अवसर दिया, जो भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है।
12 वर्षों में आर्थिक और औद्योगिक बदलाव
प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में भारत के निर्यात में 35 गुना की वृद्धि दर्ज की गई है। मोबाइल निर्माण के क्षेत्र में देश ने उल्लेखनीय छलांग लगाई है, जहां उत्पादन इकाइयों में लगभग 100 गुना की बढ़ोतरी हुई है। इसके परिणामस्वरूप भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता देश बन चुका है।
उन्होंने कहा कि इसी तीव्र विकास के चलते भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है। यह आर्थिक प्रगति देश की वैश्विक पहचान को और मजबूत कर रही है।
बुनियादी ढांचे में ऐतिहासिक विस्तार
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में बुनियादी ढांचे के विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश का GDP दोगुना हुआ है। इसी अवधि में हवाई अड्डों की संख्या भी दोगुनी हो गई है और विश्वविद्यालयों की संख्या में भी समान वृद्धि देखी गई है।
उन्होंने बताया कि हाईवे निर्माण की गति तीन गुना बढ़ी है, जबकि मेट्रो नेटवर्क का विस्तार चार गुना तक हो चुका है। ये सभी संकेत भारत के तेज़ी से बदलते विकास मॉडल को दर्शाते हैं।
25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की कहानी केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक सामाजिक परिवर्तन की कहानी भी है। उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में देश के लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
आत्मविश्वास से भरा नया भारत
अपने संबोधन के अंतिम हिस्से में पीएम मोदी ने कहा कि इन 12 वर्षों की सबसे बड़ी उपलब्धि किसी आंकड़े से नहीं मापी जा सकती, और वह है 140 करोड़ भारतीयों का बढ़ता आत्मविश्वास।
उन्होंने कहा कि आज का भारत बड़े सपने देख रहा है। देश का युवा नए अवसरों की तलाश में आगे बढ़ रहा है, किसान नई संभावनाओं को अपनाकर प्रगति कर रहा है और महिलाएं नेतृत्व की नई मिसाल पेश कर रही हैं। पीएम मोदी के अनुसार, यह केवल उपलब्धियों का दौर नहीं है, बल्कि यह भारत की आकांक्षाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का समय है।













