ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान रविवार को तेहरान में आयोजित शोकसभा उस समय विवादों में आ गई, जब मंच से कथित तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ बेहद भड़काऊ बयान दिया गया। समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (AP) के अनुसार, जनाजे के दौरान एक आयोजक ने खुले मंच से ट्रंप की हत्या की बात कही, जिसके बाद वहां मौजूद बड़ी संख्या में लोगों ने नारेबाजी कर प्रतिक्रिया व्यक्त की। खामेनेई के निधन के बाद यह पहला अवसर बताया जा रहा है जब किसी आधिकारिक मंच से इस तरह का बयान सामने आया है।
'दुनिया का सबसे बुरा इंसान अभी तक जिंदा क्यों है?'
रविवार को तेहरान में खामेनेई को श्रद्धांजलि देने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए थे। उल्लेखनीय है कि इसी वर्ष 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य अभियान में 86 वर्षीय खामेनेई की मौत हो गई थी, जिसके बाद क्षेत्र में व्यापक सैन्य तनाव और संघर्ष की स्थिति पैदा हो गई।
शोकसभा के दौरान कवि मोहम्मद रसूली ने मंच संभाला। शुरुआत में उन्होंने भीड़ से पारंपरिक नारे—'अमेरिका मुर्दाबाद' और 'इजरायल मुर्दाबाद'—लगवाए। इसके बाद उनका संबोधन सीधे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर केंद्रित हो गया।
रसूली ने मंच से भीड़ को संबोधित करते हुए पूछा, "दुनिया का सबसे बुरा इंसान अब तक जिंदा क्यों है?" इस टिप्पणी के बाद कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों की ओर से जोरदार नारेबाजी सुनाई दी और माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।
इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक अन्य वीडियो भी तेजी से वायरल हुआ, जिसमें एक व्यक्ति भावुक होकर कहता दिखाई देता है कि जिसने उनके इमाम की हत्या की, उसे मारना उनका कर्तव्य है। वीडियो में वह ट्रंप के खिलाफ भी हिंसक बयान देता हुआ नजर आता है। हालांकि, स्वतंत्र रूप से यह पुष्टि नहीं हो सकी है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति वही कवि है जिसने मंच से संबोधन किया था या कोई अन्य व्यक्ति।
तेहरान की सड़कों पर उमड़ी भारी भीड़
शनिवार की तुलना में रविवार को तेहरान की सड़कों पर कहीं अधिक भीड़ देखने को मिली। काले वस्त्र पहने लाखों लोग खामेनेई की तस्वीरें, झंडे और बैनर लेकर अंतिम यात्रा में शामिल हुए। कई लोगों के हाथों में ऐसे पोस्टर भी दिखाई दिए जिनमें ट्रंप के खिलाफ आक्रामक संदेश लिखे हुए थे। राजधानी के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी दीवारों पर बने ग्रैफिटी और पोस्टरों में अमेरिका और इजरायल विरोधी संदेश प्रमुखता से दिखाई दिए।
दूसरी ओर, जिस समय तेहरान में यह घटनाक्रम चल रहा था, उसी दौरान वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका की स्थापना की 250वीं वर्षगांठ से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे थे। समारोह के दौरान ट्रंप ने अमेरिकी सेना की प्रशंसा करते हुए ईरान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है और ईरान सहित अपने विरोधियों की सैन्य क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचाया है।
नए नेतृत्व के समर्थन का भी बना मंच
खामेनेई के निधन के बाद आयोजित यह जनाजा केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे ईरान के नए नेतृत्व के लिए शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इस आयोजन के जरिए नए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई के पक्ष में जनसमर्थन का संदेश देने की कोशिश की गई।
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच क्षेत्रीय तनाव कम करने और युद्धविराम की संभावनाओं को लेकर पर्दे के पीछे बातचीत जारी बताई जा रही है। ईरान इस दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य में अपनी रणनीतिक स्थिति का इस्तेमाल वार्ता में दबाव बनाने के लिए कर रहा है। हालांकि देश के भीतर अब भी यह आशंका बनी हुई है कि इजरायल भविष्य में फिर सैन्य कार्रवाई कर सकता है। इसी सुरक्षा स्थिति के कारण खामेनेई का अंतिम संस्कार पहले टाल दिया गया था। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक क्षेत्रीय संघर्ष पूरी तरह समाप्त नहीं होता, तब तक स्थायी शांति समझौते की राह आसान नहीं होगी।













