
जापान में साल के आखिरी दिनों और नए साल की छुट्टियों के बीच एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है, जिसने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। शुक्रवार देर रात बर्फ से ढके एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार और फिसलन ने ऐसा तांडव मचाया कि कुछ ही मिनटों में दर्जनों वाहन आपस में टकरा गए। यह भीषण दुर्घटना बाद में आग की लपटों में तब्दील हो गई, जिसमें एक बुजुर्ग महिला की जान चली गई, जबकि कई लोग घायल हो गए।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह हादसा गुनमा प्रांत के मिनाकामी शहर के नजदीक एक्सप्रेसवे पर हुआ। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सबसे पहले दो भारी ट्रकों के बीच टक्कर हुई, जिससे सड़क पर अचानक यातायात ठप हो गया। पीछे से आ रहे वाहन बर्फीली और फिसलन भरी सतह पर समय पर ब्रेक नहीं लगा सके। हालात इतने खराब थे कि एक के बाद एक गाड़ियां आपस में भिड़ती चली गईं और कुछ ही पलों में यह दुर्घटना बड़े पैमाने पर चेन एक्सीडेंट में बदल गई। प्रांतीय हाईवे पुलिस ने पुष्टि की है कि इस हादसे में 50 से अधिक वाहन शामिल थे।
आग की लपटों ने मचाई और तबाही
दुर्घटना का आखिरी चरण और भी भयावह साबित हुआ, जब कई वाहनों में अचानक आग भड़क उठी। आग तेजी से फैलती चली गई और देखते ही देखते एक दर्जन से ज्यादा गाड़ियां उसकी चपेट में आ गईं। दमकल विभाग के अनुसार, आग पर काबू पाने में करीब सात घंटे का समय लगा। कई वाहन पूरी तरह जलकर राख में बदल गए, हालांकि राहत की बात यह रही कि आग की वजह से किसी अन्य की जान नहीं गई।
77 वर्षीय महिला की मौत, 26 घायल
पुलिस ने बताया कि इस भीषण हादसे में टोक्यो की रहने वाली 77 वर्षीय महिला की मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा कुल 26 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से पांच की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार गंभीर रूप से घायल लोगों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
दोनों दिशाओं में बंद रहा एक्सप्रेसवे
जापान के सरकारी प्रसारक एनएचके की रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे के बाद निगाता प्रांत के युज़ावा इंटरचेंज और गुनमा प्रांत के त्सुकियोनो इंटरचेंज के बीच एक्सप्रेसवे को दोनों दिशाओं से बंद कर दिया गया। सड़क पर फैले मलबे, जले हुए वाहनों को हटाने और जांच प्रक्रिया पूरी होने तक यातायात बहाल नहीं किया जा सका। फिलहाल अधिकारियों ने यह नहीं बताया है कि एक्सप्रेसवे को दोबारा कब खोला जाएगा।
चश्मदीद की आपबीती: लगा था जान बचाना मुश्किल
हादसे में फंसे एक 60 वर्षीय ट्रक चालक ने जापानी अखबार ‘द मैनिची’ से बातचीत में बताया कि सामने चल रही कार को बचाने के प्रयास में उसे अचानक स्टेयरिंग मोड़नी पड़ी, जिससे उसका ट्रक डिवाइडर से टकरा गया। उसने कहा कि इसके बाद पीछे से लगातार तेज टक्करों की आवाजें सुनाई देने लगीं। बर्फीली सड़क के कारण वाहन पर नियंत्रण लगभग खत्म हो चुका था और उस वक्त उसे अपनी जान जाने का डर सताने लगा था।














