न्यूज़
FIFA 2026 Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

इजरायली हमलों से सबक: ईरान ने बदली सैन्य रणनीति, अब नहीं होंगे कमांडर की नियुक्ति के ऐलान

इजराइल के टारगेट किलिंग से सबक लेते हुए ईरान ने अपनी सैन्य रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। अब प्रमुख सैन्य ब्रिगेड्स में कमांडर की नियुक्ति सार्वजनिक नहीं की जाएगी। यह फैसला खतम अल-अनबिया ब्रिगेड पर हुए इजरायली हमलों के बाद लिया गया है।

Posts by : Kratika Maheshwari | Updated on: Tue, 01 Jul 2025 6:02:34

इजरायली हमलों से सबक: ईरान ने बदली सैन्य रणनीति, अब नहीं होंगे कमांडर की नियुक्ति के ऐलान

इजराइल से हुए हालिया संघर्ष और उसके बाद हुए सीजफायर के बीच ईरान अब अपनी सुरक्षा रणनीति को नए सिरे से कसने में जुट गया है। ये वो वक्त है जब देश अपनी हर चूक से सबक लेकर अपने सैन्य ढांचे को और अधिक मजबूत और सतर्क बनाने की कोशिश कर रहा है। इसी दिशा में ईरान ने एक बड़ा और बेहद सोच-समझकर लिया गया फैसला लिया है—अब कुछ सैन्य संगठनों में प्रमुखों की नियुक्ति सार्वजनिक तौर पर नहीं की जाएगी।

असल में, 13 जून को जैसे ही जंग की शुरुआत हुई, इजराइल ने ईरान के 10 सैन्य कमांडरों को एक के बाद एक टारगेट कर मार गिराया था। यह किसी भी देश की सैन्य रीढ़ को झकझोरने वाला आघात था। अब ईरान इस स्थिति को दोहराना नहीं चाहता।

ईरानी मीडिया ने किया खुलासा

ईरान के जाने-माने अखबार 'काहयान' की मानें तो खतम अल-अनबिया नामक अहम ब्रिगेड में नया प्रमुख अपनी जिम्मेदारी संभाल चुका है, लेकिन सरकार ने सार्वजनिक तौर पर उसका नाम घोषित नहीं किया है। इसका कारण भी बेहद साफ है—इजराइली टारगेटिंग से बचाव।

गौरतलब है कि जंग के शुरुआती दिनों में ही इस ब्रिगेड के प्रमुख अली शादमानी को इजराइली हमले में मार दिया गया था। उनके बाद जो व्यक्ति इस पद पर आया, उसे भी कुछ ही समय बाद इजराइल ने निशाना बना लिया।

खतम अल-अनबिया आखिर है क्या?

यह कोई साधारण सैन्य यूनिट नहीं, बल्कि ईरान की सबसे अहम इंजीनियरिंग ब्रिगेड है, जिसे 'पैगंबरों की मुहर' का नाम दिया गया है। यह ब्रिगेड सीधे इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के अंतर्गत काम करती है। इसे ‘GHORB’ के नाम से भी जाना जाता है और इसका काम है मिसाइल निर्माण, हथियारों की निगरानी और रणनीतिक परियोजनाएं।

1980-88 के ईरान-इराक युद्ध के बाद देश के पुनर्निर्माण के लिए इस यूनिट का गठन हुआ था, लेकिन आज ये संगठन देश की सैन्य शक्ति की रीढ़ बन चुका है। इसके प्रमुख को देश के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई का बेहद करीबी माना जाता है।

हमास वाली रणनीति अपना रहा है ईरान?

अब सवाल ये उठता है कि क्या ईरान हमास की रणनीति अपना रहा है? क्योंकि जब इजराइल ने हमास के नेता याह्या सिनवार को मार गिराया था, तब हमास ने नए कमांडर की कोई घोषणा नहीं की थी। उनका तर्क था कि जैसे ही किसी का नाम घोषित किया जाएगा, इजराइल उसे भी खत्म कर देगा।

ठीक उसी तर्ज पर ईरान ने भी अब अपने नए सैन्य प्रमुखों के नाम सार्वजनिक न करने की राह चुनी है। यह एक साइलेंट डिफेंस मैकेनिज्म बनकर उभर रहा है।

ईरानी सैन्य प्रवक्ता ने साफ तौर पर कहा है, "हम अब पुरानी गलतियों को नहीं दोहराएंगे। हमारे लिए यह एक झटका जरूर था, लेकिन ईरान की बुनियाद बेहद मजबूत है।"

यह निर्णय सिर्फ एक संगठन की सुरक्षा से जुड़ा नहीं है, बल्कि ये दिखाता है कि ईरान अब अपने दुश्मनों की रणनीति को ध्यान में रखते हुए अपना हर कदम बेहद सोच-समझकर रख रहा है — चुपचाप, लेकिन मजबूती से।

राज्य
View More

Shorts see more

क्या लव बाइट जानलेवा हो सकता है? जानें कब बनता है यह गंभीर खतरा और किन उपायों से पा सकते हैं राहत

क्या लव बाइट जानलेवा हो सकता है? जानें कब बनता है यह गंभीर खतरा और किन उपायों से पा सकते हैं राहत

  • लव बाइट प्यार की निशानी है, लेकिन कभी-कभी खतरे की वजह भी बन सकती है।
  • एक छोटा सा निशान स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्या से जुड़ा हो सकता है।
  • जानिए कब हिक्की सामान्य है और कब सतर्क होने की जरूरत है।
read more

ताजा खबरें
View More

बेवफा हसीनाएं! सिया गोयल से सोनम रघुवंशी तक, जब प्रेम संबंधों ने लिया खौफनाक मोड़ और जीवनसाथी बने साजिश का शिकार
बेवफा हसीनाएं! सिया गोयल से सोनम रघुवंशी तक, जब प्रेम संबंधों ने लिया खौफनाक मोड़ और जीवनसाथी बने साजिश का शिकार
भगवान राम पर टिप्पणी से भड़के विष्णु दास, बोले- स्वामी प्रसाद मौर्य की जीभ काटने वाले को देंगे 5 लाख रुपये
भगवान राम पर टिप्पणी से भड़के विष्णु दास, बोले- स्वामी प्रसाद मौर्य की जीभ काटने वाले को देंगे 5 लाख रुपये
क्या तेहरान जाएंगे पीएम मोदी? खामेनेई की अंतिम विदाई में शामिल होने का मिला आमंत्रण
क्या तेहरान जाएंगे पीएम मोदी? खामेनेई की अंतिम विदाई में शामिल होने का मिला आमंत्रण
400 फीट गहरी खाई में केतन को धक्का देने वाली सिया ने कबूला जुर्म, हत्या की वजह भी बताई
400 फीट गहरी खाई में केतन को धक्का देने वाली सिया ने कबूला जुर्म, हत्या की वजह भी बताई
दिल्ली में उद्योग भवन के पास मजदूरों की बस्ती में भीषण आग, करीब 200 अस्थायी आवास जलकर राख; घंटों चला राहत अभियान
दिल्ली में उद्योग भवन के पास मजदूरों की बस्ती में भीषण आग, करीब 200 अस्थायी आवास जलकर राख; घंटों चला राहत अभियान
महरौली रेप-मर्डर केस: जिस जगह मासूम के साथ हुई थी दरिंदगी, वहीं पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ आरोपी
महरौली रेप-मर्डर केस: जिस जगह मासूम के साथ हुई थी दरिंदगी, वहीं पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ आरोपी
जिस हुडी से पहचान छिपाने की कोशिश की, वही बनी गिरफ्तारी की वजह; सिया के प्रेमी तक ऐसे पहुंची पुलिस
जिस हुडी से पहचान छिपाने की कोशिश की, वही बनी गिरफ्तारी की वजह; सिया के प्रेमी तक ऐसे पहुंची पुलिस
'सरेंडर के बाद भी बेटे को गोली मारी गई', भरत तिवारी की मां ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, प्राइवेट पार्ट तक नहीं छोड़ा
'सरेंडर के बाद भी बेटे को गोली मारी गई', भरत तिवारी की मां ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, प्राइवेट पार्ट तक नहीं छोड़ा
रिटायरमेंट से महज 6 दिन पहले रिश्वत लेते धरा गया इंजीनियर, छापेमारी में 5 लाख से ज्यादा नकदी बरामद
रिटायरमेंट से महज 6 दिन पहले रिश्वत लेते धरा गया इंजीनियर, छापेमारी में 5 लाख से ज्यादा नकदी बरामद
क्या परियों के देश में खो गई बबीता पांडे? 27 दिन बाद भी नहीं मिला सुराग, फिर चर्चा में आई उत्तराखंड की रहस्यमयी लोककथा
क्या परियों के देश में खो गई बबीता पांडे? 27 दिन बाद भी नहीं मिला सुराग, फिर चर्चा में आई उत्तराखंड की रहस्यमयी लोककथा
पद्म भूषण सम्मान के बाद छलका अलका याग्निक का दर्द, सेहत को लेकर साझा किया बड़ा अपडेट, बोलीं- अब भी आसान नहीं है सफर
पद्म भूषण सम्मान के बाद छलका अलका याग्निक का दर्द, सेहत को लेकर साझा किया बड़ा अपडेट, बोलीं- अब भी आसान नहीं है सफर
राम मंदिर में चढ़ावे का विवाद गहराया, 3500 करोड़ की नकदी और आभूषणों का रिकॉर्ड नहीं, 2020 की रिपोर्ट आई चर्चा में
राम मंदिर में चढ़ावे का विवाद गहराया, 3500 करोड़ की नकदी और आभूषणों का रिकॉर्ड नहीं, 2020 की रिपोर्ट आई चर्चा में
एग्स फ्रीज कराने के फैसले पर खुलकर बोलीं आकांक्षा रंजन, कहा- माता-पिता ने बिना किसी हिचक के दिया साथ
एग्स फ्रीज कराने के फैसले पर खुलकर बोलीं आकांक्षा रंजन, कहा- माता-पिता ने बिना किसी हिचक के दिया साथ
ग्लैमर से दूर प्रकृति की गोद में पहुंचीं भूमि पेडनेकर, फार्म पर मिला सुकून और अपनापन
ग्लैमर से दूर प्रकृति की गोद में पहुंचीं भूमि पेडनेकर, फार्म पर मिला सुकून और अपनापन