
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब 16वें दिन में प्रवेश कर चुका है। इस दौरान हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं। ताजा घटनाक्रम में ईरान ने दुबई के मरीना और अल सुफौह इलाकों में जोरदार धमाके किए, जिससे इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया।
इन हमलों के बाद संयुक्त अरब अमीरात के महत्वपूर्ण ऊर्जा केंद्रों में से एक फुजैराह तेल टर्मिनल पर भी असर पड़ा और वहां कामकाज अस्थायी रूप से रोक दिया गया। इसके साथ ही ईरान ने कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की दिशा में भी मिसाइलें दागीं। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हमले में किसी के घायल होने की सूचना सामने नहीं आई है।
फुजैराह टर्मिनल पर हमले के बाद उठे धुएं के गुबार
फुजैराह स्थित तेल टर्मिनल पर हुए हमले की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि दूर-दूर तक काले धुएं के घने बादल दिखाई देने लगे। हमले के बाद मौके पर मौजूद सुरक्षा एजेंसियों और दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने के लिए घंटों तक कोशिश की।
अधिकारियों के अनुसार, इस घटना में जॉर्डन का एक नागरिक घायल हुआ है। वहीं सुरक्षा बलों ने ईरान की ओर से दागी गई कुछ मिसाइलों और ड्रोन को रास्ते में ही नष्ट कर दिया। इससे पहले भी शहर के व्यस्त डाउनटाउन इलाके से इसी तरह की घटनाओं की खबरें सामने आई थीं।
अब तक हजारों मिसाइल और ड्रोन दागे जा चुके
रिपोर्ट्स के मुताबिक, संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात की दिशा में बड़ी संख्या में मिसाइल और ड्रोन लॉन्च किए हैं। आंकड़ों के अनुसार अब तक 1800 से ज्यादा हमले किए जा चुके हैं।
इनमें करीब 1600 ड्रोन, 294 बैलिस्टिक मिसाइलें और 15 क्रूज मिसाइलें शामिल बताई जा रही हैं। इन हमलों के कारण अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 141 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
सिर्फ शनिवार के दिन ही यूएई की ओर नौ बैलिस्टिक मिसाइलें और 33 ड्रोन दागे जाने की जानकारी सामने आई। लगातार हो रहे इन हमलों ने खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ा दी हैं।
सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर 10 विदेशी हिरासत में
इन घटनाओं के बीच यूएई प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर सख्ती भी बढ़ा दी है। अधिकारियों ने 10 विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मिसाइल और ड्रोन हमलों से जुड़े वीडियो और फुटेज साझा किए थे।
सरकार का कहना है कि ऐसे संवेदनशील वीडियो साझा करने से सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, इसलिए इस तरह की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
खर्ग द्वीप पर अमेरिकी कार्रवाई के बाद बढ़ा तनाव
इससे पहले अमेरिका ने ईरान के खर्ग द्वीप पर हमला किया था, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया। माना जा रहा है कि इसी कार्रवाई के जवाब में ईरान ने यूएई और कुवैत की दिशा में हमले तेज किए हैं।
खर्ग द्वीप ईरान के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यहां देश के लगभग 90 प्रतिशत तेल की प्रोसेसिंग होती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि उनकी सेना ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि फारस की खाड़ी में स्थित खर्ग द्वीप की ऊर्जा सुविधाओं को निशाना नहीं बनाया गया।













