न्यूज़
Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

H-1B वीजा पर ट्रंप को झटका, भारतीय प्रोफेशनल्स को राहत, अमेरिकी कोर्ट ने लिया बड़ा फैसला

अमेरिकी अदालत ने ट्रंप प्रशासन द्वारा H-1B वीजा पर लगाई गई 1 लाख डॉलर फीस को रद्द कर दिया है, जिससे भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स और उच्च कौशल वाले वर्कर्स को बड़ी राहत मिली है। यह फैसला अमेरिकी संविधान के शक्तियों के पृथक्करण सिद्धांत के उल्लंघन के आधार पर दिया गया, जिसे ट्रंप प्रशासन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Tue, 09 Jun 2026 7:24:17

H-1B वीजा पर ट्रंप को झटका, भारतीय प्रोफेशनल्स को राहत, अमेरिकी कोर्ट ने लिया बड़ा फैसला

अमेरिका में नौकरी और करियर बनाने का सपना देखने वाले भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स और अन्य उच्च कौशल वाले वर्कर्स के लिए एक महत्वपूर्ण और राहत देने वाली खबर सामने आई है। ट्रंप प्रशासन द्वारा H-1B वीजा पर लगाई गई 1 लाख डॉलर यानी लगभग 96 लाख रुपये की भारी-भरकम फीस को एक अमेरिकी संघीय अदालत ने रद्द कर दिया है। इस फैसले को डोनाल्ड ट्रंप और उनके प्रशासन के लिए एक बड़ा कानूनी झटका माना जा रहा है, क्योंकि यह नीति उनके इमिग्रेशन रिफॉर्म एजेंडे का अहम हिस्सा थी।

यह निर्णय सोमवार, 8 जून को अमेरिका के एक फेडरल जज द्वारा सुनाया गया। डिस्ट्रिक्ट जज रिचर्ड स्टर्न्स ने स्पष्ट रूप से कहा कि सितंबर 2025 में जारी राष्ट्रपति आदेश के आधार पर लागू की गई यह फीस व्यवस्था और उसे तेजी से लागू करने में अमेरिकी विदेश विभाग तथा गृह सुरक्षा विभाग की भूमिका अमेरिकी संविधान में वर्णित शक्तियों के पृथक्करण (separation of powers) के सिद्धांत का उल्लंघन करती है। अदालत के अनुसार, इस तरह की वित्तीय बाध्यता लगाने का अधिकार केवल विधायी प्रक्रिया और कांग्रेस के माध्यम से ही संभव है।

इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि भी काफी दिलचस्प और कानूनी रूप से जटिल रही है। करीब छह महीने पहले वॉशिंगटन डी.सी. की एक संघीय अदालत ने इसी तरह के एक मामले में ट्रंप प्रशासन के पक्ष में फैसला सुनाया था। यह मामला अमेरिकी चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा दायर किया गया था। उस समय अदालत ने यह माना था कि संसद ने राष्ट्रपति को इस प्रकार की फीस लगाने का अधिकार प्रदान किया है। लेकिन वह निर्णय बाद में बदलते कानूनी परिदृश्य और सुप्रीम कोर्ट के एक महत्वपूर्ण टैरिफ संबंधी फैसले के बाद पुनः समीक्षा के दायरे में आ गया, जिसका असर वर्तमान फैसले पर भी स्पष्ट रूप से देखने को मिला।

H-1B वीजा कार्यक्रम क्या है और क्यों महत्वपूर्ण है

H-1B वीजा कार्यक्रम अमेरिका की तकनीकी और पेशेवर कार्य व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इस योजना के तहत अमेरिकी कंपनियों को यह अनुमति दी जाती है कि वे उच्च कौशल वाले विदेशी कर्मचारियों को अस्थायी रूप से नौकरी पर रख सकें। यह विशेष रूप से उन पदों के लिए होता है जिनमें कम से कम बैचलर डिग्री या उससे अधिक योग्यता आवश्यक होती है। इसमें आईटी, इंजीनियरिंग, रिसर्च, हेल्थकेयर और फाइनेंस जैसे क्षेत्र प्रमुख रूप से शामिल हैं।

इस वीजा के लिए आवेदन करते समय नियोक्ता कंपनी को अमेरिकी श्रम विभाग के समक्ष यह प्रमाण देना होता है कि विदेशी कर्मचारी की नियुक्ति से अमेरिकी नागरिकों के वेतन या कार्य परिस्थितियों पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। यह व्यवस्था इसलिए बनाई गई है ताकि विदेशी और घरेलू श्रमिकों के बीच संतुलन बना रहे और किसी भी प्रकार का शोषण न हो।

अमेरिकी कांग्रेस हर वर्ष H-1B वीजा की कुल सीमा निर्धारित करती है। वर्तमान प्रणाली के अनुसार 65,000 सामान्य वीजा की सीमा तय है, जबकि अतिरिक्त 20,000 वीजा उन आवेदकों के लिए उपलब्ध हैं जिनके पास मास्टर डिग्री या उससे उच्च शैक्षणिक योग्यता होती है। यह कार्यक्रम समय-समय पर संशोधित किया जाता रहा है ताकि उद्योगों की जरूरतें भी पूरी हों और स्थानीय श्रमिकों के हितों की भी रक्षा की जा सके।

समय-समय पर संसद ने इस व्यवस्था में कई प्रकार के संशोधन किए हैं, जिनमें सख्त नियम, जुर्माने और शुल्क संरचना में बदलाव शामिल हैं। इन सभी सुधारों का उद्देश्य इस वीजा प्रणाली के दुरुपयोग को रोकना रहा है। साथ ही कुछ सरकारी एजेंसियों और गैर-लाभकारी संस्थाओं को इस सीमा और कुछ शुल्क नियमों से छूट भी प्रदान की गई है, ताकि आवश्यक क्षेत्रों में कामकाज बाधित न हो।

ट्रंप प्रशासन ने क्यों लागू की थी 1 लाख डॉलर फीस

ट्रंप प्रशासन और उनके समर्थकों का तर्क रहा है कि H-1B वीजा प्रणाली का कई जगहों पर गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। उनका कहना है कि कुछ कंपनियां अमेरिकी नागरिकों को नौकरी से हटाकर कम लागत पर विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करती हैं, जिससे घरेलू रोजगार बाजार प्रभावित होता है।

इसी आधार पर ट्रंप ने अपने प्रशासनिक आदेश में यह दावा किया था कि H-1B कार्यक्रम का दुरुपयोग राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकता है। उनका तर्क था कि यदि अमेरिकी युवाओं को विज्ञान, तकनीक और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों से दूर किया जाएगा तो भविष्य में अमेरिका की वैश्विक नेतृत्व क्षमता कमजोर हो सकती है।

सितंबर में जारी किए गए उस आदेश में यह प्रस्ताव रखा गया था कि नए H-1B वीजा आवेदन पर 1 लाख डॉलर की भारी फीस लागू की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य कथित तौर पर आवेदन संख्या को नियंत्रित करना और केवल अत्यधिक आवश्यक मामलों में ही विदेशी भर्ती को अनुमति देना था।

हालांकि इस फैसले का व्यापक विरोध भी हुआ, क्योंकि विशेषज्ञों का मानना था कि इससे अमेरिका के स्वास्थ्य, शिक्षा और तकनीकी क्षेत्रों में पहले से मौजूद प्रतिभा की कमी और अधिक गंभीर हो सकती थी। कई उद्योगों में पहले से ही कुशल कर्मचारियों की कमी बनी हुई है, और इस तरह की भारी फीस से स्थिति और खराब होने की आशंका जताई जा रही थी।

राज्य
View More

Shorts see more

सावधान! एक गलत तरबूज बन सकता है कैंसर की वजह, खरीदते वक्त ध्यान रखें ये बातें

सावधान! एक गलत तरबूज बन सकता है कैंसर की वजह, खरीदते वक्त ध्यान रखें ये बातें

  • तरबूज में हानिकारक केमिकल मिलाए जा रहे हैं
  • तरबूज से कैसे हो सकता है कैंसर?
  • कैसे करें सही तरबूज की पहचान?
read more

ताजा खबरें
View More

रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ की तैयारी में अमेरिका, भारत भी संभावित दायरे में
रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ की तैयारी में अमेरिका, भारत भी संभावित दायरे में
15 अक्टूबर से UPI के नियमों में बड़ा बदलाव, 2000 रुपये से ऊपर के पेमेंट पर लगेगा MDR; जानें किसे छूट
15 अक्टूबर से UPI के नियमों में बड़ा बदलाव, 2000 रुपये से ऊपर के पेमेंट पर लगेगा MDR; जानें किसे छूट
100% टैरिफ की धमकी के बीच भारत का रुख साफ, रूस से तेल खरीद पर नहीं बदली नीति
100% टैरिफ की धमकी के बीच भारत का रुख साफ, रूस से तेल खरीद पर नहीं बदली नीति
UPI पर MDR लागू होने से इंडस्ट्री को मिलेगा राजस्व, PhonePe CEO समीर निगम ने बताया क्यों जरूरी है यह कदम
UPI पर MDR लागू होने से इंडस्ट्री को मिलेगा राजस्व, PhonePe CEO समीर निगम ने बताया क्यों जरूरी है यह कदम
हिंदी दिवस: अमित शाह की युवाओं को सलाह, जितनी भाषाएं सीख सकें सीखें, लेकिन घर में अपनी भाषा में करें बात
हिंदी दिवस: अमित शाह की युवाओं को सलाह, जितनी भाषाएं सीख सकें सीखें, लेकिन घर में अपनी भाषा में करें बात
अमेरिका से लौटकर सीधे गणपति पूजा में पहुंचे गोविंदा, बच्चों संग लिया बप्पा का आशीर्वाद
अमेरिका से लौटकर सीधे गणपति पूजा में पहुंचे गोविंदा, बच्चों संग लिया बप्पा का आशीर्वाद
गणपति उत्सव में राधिका मर्चेंट का खास अंदाज, Kanjeevaram आउटफिट में किया भरतनाट्यम
गणपति उत्सव में राधिका मर्चेंट का खास अंदाज, Kanjeevaram आउटफिट में किया भरतनाट्यम
10 हजार स्टेप जरूरी नहीं! 30 मिनट की जापानी वॉकिंग से बढ़ेगी वॉक की इंटेंसिटी, वजन घटाने में मिल सकती है मदद
10 हजार स्टेप जरूरी नहीं! 30 मिनट की जापानी वॉकिंग से बढ़ेगी वॉक की इंटेंसिटी, वजन घटाने में मिल सकती है मदद
अंबानी परिवार की गणेश पूजा में लगा सितारों का मेला, सलमान खान से कटरीना-विक्की तक पहुंचे कई सेलेब्स
अंबानी परिवार की गणेश पूजा में लगा सितारों का मेला, सलमान खान से कटरीना-विक्की तक पहुंचे कई सेलेब्स
अंबानी गणपति उत्सव में अदा मलिक के अनोखे बालों ने खींचा ध्यान, पिंक शरारा में दिखा अलग अंदाज
अंबानी गणपति उत्सव में अदा मलिक के अनोखे बालों ने खींचा ध्यान, पिंक शरारा में दिखा अलग अंदाज
आंचल खुराना ने दिखाया मुंबई के 70 हजार रुपये वाले 1 BHK का हाल, बोलीं- अपना घर खरीदने में लगेंगे 400-500 साल
आंचल खुराना ने दिखाया मुंबई के 70 हजार रुपये वाले 1 BHK का हाल, बोलीं- अपना घर खरीदने में लगेंगे 400-500 साल
शाम 6:30 बजे डिनर और 36 घंटे का फास्ट, अक्षय कुमार ने बताए फिटनेस रूटीन के ये नियम
शाम 6:30 बजे डिनर और 36 घंटे का फास्ट, अक्षय कुमार ने बताए फिटनेस रूटीन के ये नियम
सलमान खान को आरती का तरीका समझाती दिखीं अर्पिता, गणपति विसर्जन में भाई-बहन की बॉन्डिंग ने खींचा ध्यान
सलमान खान को आरती का तरीका समझाती दिखीं अर्पिता, गणपति विसर्जन में भाई-बहन की बॉन्डिंग ने खींचा ध्यान
राजस्थान घूमने का बना रहे हैं प्लान? जयपुर से जैसलमेर तक इन जगहों को जरूर करें ट्रैवल लिस्ट में शामिल
राजस्थान घूमने का बना रहे हैं प्लान? जयपुर से जैसलमेर तक इन जगहों को जरूर करें ट्रैवल लिस्ट में शामिल