न्यूज़
Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते का ब्लूप्रिंट तैयार, इन 14 शर्तों पर टिकी है डील

अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित शांति समझौते को लेकर 14 अहम शर्तें सामने आई हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने, फ्रीज फंड जारी करने, प्रतिबंधों में राहत और परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत जैसे बड़े मुद्दों पर आधारित इस डील से पश्चिम एशिया की राजनीति और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर बड़ा असर पड़ सकता है।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Mon, 15 Jun 2026 9:13:57

अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते का ब्लूप्रिंट तैयार, इन 14 शर्तों पर टिकी है डील

अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर जारी अटकलों के बीच एक बड़ा दावा सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों के बीच एक व्यापक समझौते की रूपरेखा तैयार की गई है, जिसमें युद्धविराम से लेकर आर्थिक प्रतिबंधों में राहत और होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं। हालांकि इस समझौते की कई शर्तों को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है, लेकिन सामने आई जानकारी ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल जरूर बढ़ा दी है।

बताया जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 15 जून को इस शांति पहल की घोषणा की। प्रस्तावित समझौते पर हस्ताक्षर के लिए अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, जबकि ईरान की तरफ से विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ के शामिल होने की चर्चा है। इस संभावित समझौते को क्षेत्र में लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

तीन चरणों में लागू हो सकती है डील

सामने आई जानकारी के अनुसार यह समझौता तीन अलग-अलग चरणों में आगे बढ़ सकता है।

पहला चरण – प्रारंभिक घोषणा (14 जून)

इस चरण में सभी मोर्चों पर सैन्य गतिविधियों को तत्काल रोकने की बात कही गई है। साथ ही ईरान पर लागू समुद्री नाकाबंदी हटाने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का प्रस्ताव शामिल बताया गया है।

दूसरा चरण – हस्ताक्षर के 30 दिनों के भीतर
इस अवधि में होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से खोलने और ईरान की फ्रीज की गई 24 अरब डॉलर की संपत्तियों में से लगभग 12 अरब डॉलर जारी करने का प्रावधान बताया गया है।

तीसरा चरण – 60 दिनों के भीतर
इस दौरान दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम और उससे जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हो सकती है। साथ ही शेष 12 अरब डॉलर की राशि भी ईरान को उपलब्ध कराए जाने का प्रस्ताव सामने आया है।

14 बिंदुओं वाला प्रस्तावित समझौता

ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार प्रस्तावित समझौते में कुल 14 प्रमुख बिंदु शामिल हैं।

लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों का स्थायी अंत।
60 दिनों की वार्ता अवधि के दौरान ईरान की 24 अरब डॉलर की फ्रीज संपत्तियों को चरणबद्ध तरीके से जारी करना।
ईरान की संप्रभुता और आंतरिक मामलों का सम्मान किया जाना।
अमेरिका द्वारा 30 दिनों के भीतर ईरान के आसपास से सैन्य उपस्थिति कम करना।
होर्मुज जलडमरूमध्य को ईरानी व्यवस्था के तहत फिर से खोलना और नौसैनिक नाकाबंदी समाप्त करना।
ईरान का परमाणु हथियार विकसित न करने की प्रतिबद्धता बनाए रखना।
ईरान के पुनर्निर्माण के लिए लगभग 300 अरब डॉलर की आर्थिक योजनाओं का प्रस्ताव।
तेल, पेट्रोकेमिकल और संबंधित निर्यातों पर लगे प्रतिबंधों में राहत।
बातचीत को यूरेनियम संवर्धन, प्रतिबंधों में ढील और आर्थिक पुनर्निर्माण तक सीमित रखना।
ईरान के मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्रीय सहयोगी समूहों के मुद्दे को वार्ता से बाहर रखना।
बातचीत के दौरान अमेरिका द्वारा अतिरिक्त सैन्य तैनाती या नए प्रतिबंध नहीं लगाए जाना।
समझौते के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए एक विशेष मॉनिटरिंग तंत्र बनाना।
अंतिम समझौते को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मंजूरी दिलाने का प्रयास।
ईरान को अपने वित्तीय संसाधनों के उपयोग की अधिक स्वतंत्रता प्रदान करना।

आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी

हालांकि इन शर्तों को लेकर अभी तक न तो अमेरिकी प्रशासन और न ही ईरान सरकार ने औपचारिक रूप से पूरी पुष्टि की है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे औपचारिक वार्ता आगे बढ़ेगी, समझौते के कई बिंदुओं में बदलाव भी संभव है। इसलिए अंतिम दस्तावेज सामने आने तक इन शर्तों को प्रस्तावित मसौदे के रूप में ही देखा जा रहा है।

ट्रंप ने बताया शांति की दिशा में बड़ा कदम

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस पहल को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अहम बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता पश्चिम एशिया में शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देगा। साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति भी सामान्य होने की उम्मीद है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों को राहत मिल सकती है।

ट्रंप के अनुसार, समझौते के बाद तेल और ऊर्जा आपूर्ति के प्रमुख समुद्री मार्गों पर गतिविधियां फिर से सुचारु हो जाएंगी, जिसका लाभ केवल क्षेत्रीय देशों को ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया को मिलेगा।

ईरान ने क्या कहा?

ईरान की ओर से जारी बयान में इस समझौते को एक समझौता ज्ञापन (MoU) के रूप में वर्णित किया गया है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा कि लंबे समय तक चली जटिल वार्ताओं और देशवासियों के समर्थन के बाद दोनों पक्ष एक प्रारंभिक सहमति तक पहुंचे हैं।

बयान में यह भी कहा गया कि कई महीनों की बातचीत के बाद 14 जून की शाम दोनों देशों के बीच समझौते का मसौदा अंतिम रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। ईरानी अधिकारियों ने इसे क्षेत्र में तनाव कम करने की प्रक्रिया का हिस्सा बताया।

जेनेवा में हो सकते हैं हस्ताक्षर

रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रस्तावित समझौते पर 19 जून को जेनेवा में हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। इस कार्यक्रम में दोनों देशों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। यदि यह समझौता तय शर्तों के अनुसार आगे बढ़ता है, तो लेबनान समेत विभिन्न मोर्चों पर जारी सैन्य गतिविधियों को समाप्त करने, नौसैनिक नाकाबंदी हटाने और आर्थिक प्रतिबंधों में राहत देने जैसे बड़े कदम देखने को मिल सकते हैं।

फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें इस संभावित समझौते पर टिकी हुई हैं, क्योंकि इसका असर केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक राजनीति, ऊर्जा बाजार और पश्चिम एशिया की स्थिरता पर भी पड़ सकता है।

राज्य
View More

Shorts see more

पिंपल्स और ऑयली स्किन से छुटकारा पाने के आसान और असरदार तरीके

पिंपल्स और ऑयली स्किन से छुटकारा पाने के आसान और असरदार तरीके

  • पिंपल्स कंट्रोल करें आसान स्टेप्स से
  • साफ और ग्लोइंग स्किन के लिए सही रूटीन अपनाएं
  • हाइड्रेशन और हेल्दी लाइफस्टाइल से स्किन चमकदार बनाएं
read more

ताजा खबरें
View More

इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर की बात, स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का दिया न्योता
इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर की बात, स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का दिया न्योता
‘वह नमाज पढ़ने उठा था, फिर अचानक मेरे सिर पर वार करने लगा’, स्मित मच्छार ने सुनाई पूरी कहानी
‘वह नमाज पढ़ने उठा था, फिर अचानक मेरे सिर पर वार करने लगा’, स्मित मच्छार ने सुनाई पूरी कहानी
स्मित मच्छार पर हमले के आरोपी को-पायलट की पोस्ट ने उठाए सवाल, महिलाओं को लेकर लिखी थी विवादित बातें
स्मित मच्छार पर हमले के आरोपी को-पायलट की पोस्ट ने उठाए सवाल, महिलाओं को लेकर लिखी थी विवादित बातें
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 20 साल पुराने आरोपों की फिर जांच, केरल सरकार ने विजिलेंस को सौंपी जांच
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 20 साल पुराने आरोपों की फिर जांच, केरल सरकार ने विजिलेंस को सौंपी जांच
CJP को बदनाम करने वालों पर अभिजीत दीपके का पलटवार, बोले- बहस में समय गंवाने से बेहतर युवाओं के लिए काम करना
CJP को बदनाम करने वालों पर अभिजीत दीपके का पलटवार, बोले- बहस में समय गंवाने से बेहतर युवाओं के लिए काम करना
351 रन बनाने के बाद भी हार गया भारत, शुभमन गिल ने बताया कहां चूकी टीम
351 रन बनाने के बाद भी हार गया भारत, शुभमन गिल ने बताया कहां चूकी टीम
‘दृश्यम 3’ ने दूसरे दिन भी दिखाया दम, 200 करोड़ के करीब पहुंची अजय देवगन की फिल्म
‘दृश्यम 3’ ने दूसरे दिन भी दिखाया दम, 200 करोड़ के करीब पहुंची अजय देवगन की फिल्म
ममता बनर्जी ने CJP के आंदोलन को दिया समर्थन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन
ममता बनर्जी ने CJP के आंदोलन को दिया समर्थन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन
हिटमैन ने मचाया धमाल, सचिन का रिकॉर्ड तोड़कर रचा इतिहास
हिटमैन ने मचाया धमाल, सचिन का रिकॉर्ड तोड़कर रचा इतिहास
एशियन गेम्स 2026: भारत ने हॉकी में फिर लहराया तिरंगा, मलेशिया को 5-1 से हराकर जीता गोल्ड
एशियन गेम्स 2026: भारत ने हॉकी में फिर लहराया तिरंगा, मलेशिया को 5-1 से हराकर जीता गोल्ड
रिश्वत लेने वाले पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, तमिलनाडु में 5 पर कार्रवाई, एक बर्खास्त
रिश्वत लेने वाले पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, तमिलनाडु में 5 पर कार्रवाई, एक बर्खास्त
यूपी MLC चुनाव से पहले सपा ने बदले दो उम्मीदवार, आकाश अग्रवाल और संजयन त्रिपाठी को पार्टी में शामिल कर दिया टिकट
यूपी MLC चुनाव से पहले सपा ने बदले दो उम्मीदवार, आकाश अग्रवाल और संजयन त्रिपाठी को पार्टी में शामिल कर दिया टिकट
सलमान खान पर सवाल हुआ तो बदल गया अरबाज खान का अंदाज, मीडिया के सामने यूं जताई नाराजगी
सलमान खान पर सवाल हुआ तो बदल गया अरबाज खान का अंदाज, मीडिया के सामने यूं जताई नाराजगी
ऊपरी होंठ पर बाल आना सामान्य या किसी बीमारी का संकेत? जानें कब सावधान होने की जरूरत
ऊपरी होंठ पर बाल आना सामान्य या किसी बीमारी का संकेत? जानें कब सावधान होने की जरूरत