उत्तराखंड के पवित्र श्री केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। हर साल की तरह इस बार भी ग्रीष्मकालीन यात्रा की शुरुआत भव्य रूप से की जा रही है, लेकिन इस बार की यात्रा कई वजहों से अलग और विशेष मानी जा रही है। मंदिर को आकर्षक फूलों से सजाया जा रहा है, जिससे पूरा परिसर आध्यात्मिक आभा से जगमगा उठा है। कपाट खुलने के इस शुभ अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहेंगे।
इस वर्ष की यात्रा को चुनौतीपूर्ण इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि सर्दियों में हुई भारी बर्फबारी के चलते यात्रा मार्ग पर बड़े-बड़े ग्लेशियर जमा हो गए थे। प्रशासन और बचाव दलों ने कड़ी मेहनत कर इन बर्फीले अवरोधों को काटकर रास्ता तैयार किया है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा मिल सके। यही वजह है कि इस बार यात्रा को लेकर उत्साह के साथ-साथ सतर्कता भी बढ़ी हुई है। अब तक सात लाख से अधिक श्रद्धालु केदारनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण करा चुके हैं, जो इस तीर्थ की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
यात्रियों की भारी संख्या को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए हैं। पूरे यात्रा मार्ग पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और हर महत्वपूर्ण पड़ाव पर मेडिकल कैंप स्थापित किए गए हैं। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीमें चौबीसों घंटे तैनात हैं, ताकि ऊंचाई के कारण होने वाली किसी भी स्वास्थ्य समस्या का तुरंत उपचार किया जा सके। कपाट खुलने से पहले ही श्रद्धालुओं के बीच दर्शन को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।
#WATCH | Shri Kedarnath Dham is being decorated with flowers for the opening of the temple for the summer season at 8 am on 22nd April
Uttarakhand Chief Minister Pushkar Singh Dhami will be present as the portals of the temple are opened for devotees tomorrow. pic.twitter.com/21WgxauPY4मंदिर परिसर में मोबाइल फोन पर सख्त रोक
इस बार केदारनाथ यात्रा में एक अहम बदलाव भी किया गया है। मंदिर प्रशासन ने परिसर के भीतर मोबाइल फोन के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। 22 अप्रैल 2026 से शुरू हो रही यात्रा के दौरान श्रद्धालु मंदिर के अंदर मोबाइल लेकर नहीं जा सकेंगे। फोटो खींचना, वीडियो बनाना या सोशल मीडिया के लिए रील रिकॉर्ड करना पूरी तरह वर्जित रहेगा। मंदिर समिति के सदस्य विनीत पोस्टी के अनुसार, इस नियम का उल्लंघन करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह फैसला मंदिर की पवित्रता बनाए रखने और श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव देने के उद्देश्य से लिया गया है।
गंगोत्री धाम में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
चारधाम यात्रा की शुरुआत के साथ ही उत्तरकाशी स्थित पवित्र गंगोत्री धाम के कपाट भी अक्षय तृतीया के शुभ दिन 19 अप्रैल को खोल दिए गए थे। कपाट खुलते ही देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता गंगा के दर्शन के लिए पहुंचने लगे। गंगोत्री धाम में इन दिनों भक्तों की भारी भीड़ देखी जा रही है और पूरा क्षेत्र भक्ति भाव से सराबोर है।
गंगोत्री मंदिर के पुजारी अशोक सेमवाल ने जानकारी दी कि कपाट खुलने के बाद से ही हर दिन श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। सुबह से ही लंबी कतारें लग जाती हैं और पूरा वातावरण ‘हर-हर गंगे’ और ‘जय मां गंगा’ के जयघोष से गूंज उठता है। इस तरह चारधाम यात्रा की शुरुआत के साथ ही उत्तराखंड में धार्मिक उत्साह अपने चरम पर पहुंच गया है।














