इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में टीम इंडिया को 125 रन की बड़ी हार का सामना करना पड़ा। मंगलवार को ट्रेंट ब्रिज में खेले गए इस मैच में मिली शिकस्त के साथ भारत पांच मैचों की टी20 सीरीज में 0-2 से पीछे हो गया है। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने 7 विकेट पर 201 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। जवाब में भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई और पूरी टीम महज 11.4 ओवर में 76 रन पर सिमट गई।
इस करारी हार के बाद सबसे ज्यादा चर्चा संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन से बाहर किए जाने को लेकर हुई। मुकाबले के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंचे भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने इस फैसले पर खुलकर अपनी बात रखी और बताया कि आखिर टीम मैनेजमेंट ने वैभव सूर्यवंशी पर भरोसा क्यों जताया।
संजू सैमसन को बाहर करने पर क्या बोले गौतम गंभीर?
202 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम की बल्लेबाजी बुरी तरह विफल रही। इसके बाद सवाल उठने लगे कि टी20 विश्व कप 2026 में प्रभावशाली प्रदर्शन करने वाले संजू सैमसन को आखिर टीम से बाहर क्यों किया गया। मैच के बाद मीडिया से बातचीत में गौतम गंभीर ने कहा कि इस फैसले को लेकर उनकी और संजू सैमसन के बीच पूरी स्पष्टता है।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ी और कोच के बीच जो बातचीत होती है, उसे सार्वजनिक करना उचित नहीं है। गंभीर के मुताबिक, संजू को उनकी भूमिका और टीम प्रबंधन की सोच के बारे में पूरी जानकारी पहले ही दे दी गई थी।
खराब फॉर्म के चलते लिया गया फैसला
संजू सैमसन आयरलैंड के खिलाफ दो टी20 मैचों और इंग्लैंड सीरीज के पहले मुकाबले में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सके थे। इसके बाद टीम प्रबंधन ने 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को मौका देने का फैसला किया।
गौतम गंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "संजू सैमसन को जितनी स्पष्टता चाहिए थी, उतनी उन्हें मेरी तरफ से मिल चुकी है। यह बातचीत सिर्फ खिलाड़ी और हेड कोच के बीच की है और इसे सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।"
उन्होंने आगे कहा, "संजू ने भारत के लिए कई बेहतरीन पारियां खेली हैं और टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। लेकिन चयन के समय मौजूदा फॉर्म को भी ध्यान में रखना पड़ता है। इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि इस सीरीज में उनके लिए वापसी के दरवाजे बंद हो गए हैं।"
वैभव सूर्यवंशी को क्यों मिला मौका?
गौतम गंभीर ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में चयन किसी एक खिलाड़ी के आधार पर नहीं, बल्कि पूरे टीम संयोजन को ध्यान में रखकर किया जाता है। उन्होंने बताया कि टीम मैनेजमेंट को लगा कि वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा की ओपनिंग जोड़ी मौजूदा परिस्थितियों में बेहतर विकल्प साबित हो सकती है, इसलिए युवा बल्लेबाज को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि टीम की हार का ठीकरा किसी एक खिलाड़ी पर फोड़ना उचित नहीं होगा। उनके अनुसार आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर पूरी भारतीय टीम उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सकी है।
गंभीर ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे महत्वपूर्ण चीज नतीजे होते हैं। हम उसी टीम संयोजन के साथ मैदान में उतरते हैं, जिससे बेहतर परिणाम मिलने की उम्मीद होती है। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि हर खिलाड़ी को अपनी जगह अपने प्रदर्शन के दम पर बनानी और बनाए रखनी होती है।"
लगातार हार पर भी बोले गंभीर
भारतीय टीम की लगातार खराब होती लय पर भी गौतम गंभीर ने खुलकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्वीकार किया कि टीम विदेशी परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने में सफल नहीं रही।
गंभीर ने कहा, "अगर परिस्थितियों के हिसाब से खुद को ढालने की बात करें तो हम इसमें सफल नहीं रहे। चाहे आयरलैंड का दौरा हो या इंग्लैंड का, सच्चाई यही है कि हम अपनी क्षमता के मुताबिक क्रिकेट नहीं खेल पाए। अगर हमने हालात के अनुसार बेहतर प्रदर्शन किया होता तो शायद लगातार चार मुकाबलों में हार का सामना नहीं करना पड़ता।"
उन्होंने संकेत दिया कि आगामी मुकाबलों में टीम प्रबंधन बेहतर संतुलन और प्रदर्शन के साथ वापसी करने की कोशिश करेगा, ताकि सीरीज में वापसी की उम्मीद बरकरार रह सके।













