आज की तेज रफ्तार जिंदगी में कम उम्र में ही चेहरे पर झुर्रियां, त्वचा की ढीलापन, बालों का कमजोर होना और शरीर में उम्र का असर साफ दिखाई देने लगा है। असंतुलित खानपान, तनाव, पर्याप्त नींद की कमी, शारीरिक गतिविधियों का अभाव और अनियमित दिनचर्या एजिंग की प्रक्रिया को तेज करने वाले प्रमुख कारण माने जाते हैं। ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि बढ़ती उम्र का असर धीरे-धीरे दिखाई दे और शरीर लंबे समय तक स्वस्थ एवं ऊर्जावान बना रहे, तो खानपान में कुछ छोटे लेकिन प्रभावी बदलाव मददगार साबित हो सकते हैं।
डॉक्टर सलीम ज़ैदी के अनुसार, कुछ प्राकृतिक खाद्य पदार्थों का सही समय और सही तरीके से सेवन करने से शरीर को जरूरी पोषण मिलता है, सूजन कम करने में सहायता मिलती है और पाचन तंत्र भी बेहतर बना रहता है। आइए जानते हैं कि सुबह की दिनचर्या में किन चीजों को शामिल करने की सलाह दी जाती है।
सुबह खाली पेट करें इन चीजों का सेवन
कलौंजी, मेथी दाना और काला चना
डॉ. सलीम ज़ैदी के अनुसार, कलौंजी, मेथी दाना और काले चने का मिश्रण शरीर के लिए काफी लाभकारी माना जाता है। इन तीनों को रातभर पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट सेवन किया जा सकता है।
कलौंजी में थाइमोक्विनोन (Thymoquinone) नामक सक्रिय तत्व पाया जाता है, जिसे शरीर में सूजन (Inflammation) कम करने में सहायक माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक रहने वाली सूजन एजिंग की प्रक्रिया को तेज करने वाले प्रमुख कारणों में शामिल हो सकती है। वहीं मेथी दाना ब्लड शुगर को संतुलित रखने और पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। काला चना पौधों से मिलने वाले प्रोटीन का अच्छा स्रोत है, जो मांसपेशियों, हड्डियों और त्वचा के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी माना जाता है।
इसके लिए एक चौथाई चम्मच कलौंजी, एक छोटा चम्मच मेथी दाना और एक बड़ा चम्मच काला चना एक गिलास पानी में रातभर भिगो दें। सुबह उठकर इन तीनों का सेवन करें और साथ में भिगोया हुआ पानी भी पी लें।
15 से 20 मिनट बाद खाएं भीगे हुए ड्राई फ्रूट्स
पहली रेमेडी लेने के लगभग 15 से 20 मिनट बाद भीगे हुए ड्राई फ्रूट्स का सेवन करने की सलाह दी जाती है। इसके लिए रात में अलग-अलग बर्तनों में पांच बादाम, एक अखरोट, पांच किशमिश और एक सूखा अंजीर भिगोकर रख दें।
अखरोट को ओमेगा-3 फैटी एसिड का अच्छा स्रोत माना जाता है, जो मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकता है। अंजीर में फाइबर, आयरन और पोटेशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। किशमिश में मौजूद प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद कर सकते हैं। वहीं बादाम में भरपूर मात्रा में विटामिन-ई पाया जाता है, जिसे त्वचा की सेहत के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
सुबह बादाम का छिलका उतारकर सभी ड्राई फ्रूट्स का सेवन करें। किशमिश और अंजीर का भिगोया हुआ पानी पिया जा सकता है, लेकिन बादाम और अखरोट का पानी न पीने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इसमें कुछ प्राकृतिक एंटी-न्यूट्रिएंट्स मौजूद हो सकते हैं।
सौंफ, जीरा और अजवाइन का सेवन भोजन के बाद करें
सौंफ, जीरा और अजवाइन का मिश्रण सुबह खाली पेट नहीं, बल्कि भोजन करने के बाद लेना अधिक उपयुक्त माना जाता है। इन तीनों को हल्का भूनकर एक डिब्बे में रख लें और खाना खाने के बाद लगभग एक चम्मच अच्छी तरह चबाकर खाएं।
डॉक्टर सलीम ज़ैदी के अनुसार, अच्छी पाचन क्षमता का सीधा संबंध संपूर्ण स्वास्थ्य और त्वचा की गुणवत्ता से होता है। यदि पाचन तंत्र ठीक तरह से काम नहीं करता, तो उसका असर त्वचा पर भी दिखाई देने लगता है। गैस, अपच और खराब गट हेल्थ जैसी समस्याएं लंबे समय में शरीर के पोषण अवशोषण को प्रभावित कर सकती हैं, जिसका असर त्वचा और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया पर भी पड़ सकता है।
इसलिए संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, नियमित व्यायाम और इन पारंपरिक खाद्य पदार्थों का सीमित मात्रा में सेवन पाचन को बेहतर बनाए रखने में सहायक हो सकता है। हालांकि, यदि आपको कोई पुरानी बीमारी, एलर्जी या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, तो इन उपायों को अपनाने से पहले डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।
Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें बताए गए उपाय किसी चिकित्सीय उपचार का विकल्प नहीं हैं। किसी भी नई डाइट, घरेलू नुस्खे या स्वास्थ्य संबंधी बदलाव को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।













