
राजस्थान में एसआई भर्ती-2021 पेपर लीक मामले की जांच जैसे-जैसे गहराती जा रही है, वैसे-वैसे इस घोटाले में शामिल लोगों की संख्या और गिरोह की जड़ें और गहरी होती जा रही हैं। एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) की चार्जशीट से स्पष्ट हुआ है कि न केवल गैंग के सदस्य, बल्कि प्रशिक्षु और चयनित थानेदार भी इस लीक में शामिल रहे। अब तक 113 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें 52 प्रशिक्षु थानेदार और 7 चयनित थानेदार शामिल हैं।
जांच एजेंसियों का मानना है कि जैसे ही इस मामले के मुख्य आरोपी यूनिक भांभू, सुरेश ढाका और सुनील मास्टर पकड़े जाएंगे, मामले से जुड़ी पूरी पेपर सप्लाई चेन सामने आ जाएगी। इससे यह भी पता चलेगा कि कितने अभ्यर्थियों ने पैसे देकर पेपर लिया, और कितनों को सरकारी पदों पर गलत तरीके से नियुक्त किया गया।
तीन जगहों से लीक हुआ था एसआई भर्ती परीक्षा का पेपर
एसओजी की जांच में यह सामने आया है कि जयपुर, बीकानेर और हरियाणा के नेटवर्क से यह पेपर लीक किया गया। जयपुर में हसनपुरा स्थित बाल भारती स्कूल से पेपर लीक हुआ, जहां यूनिक भांभू उर्फ पंकज पहले ही पेपर पहुंचने से पहले स्ट्रॉन्ग रूम में घुस गया और लिफाफों की सील तोड़कर पेपर की तस्वीरें खींच लीं। इसके बाद उसने उन्हें वाट्सऐप पर प्रसारित कर दिया।
बीकानेर में भी गिरोह ने पेपर को बड़े स्तर पर अभ्यर्थियों तक पहुंचाया। वहीं, हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टर सुनील मास्टर के माध्यम से पेपर थानेदारों और अन्य अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया।
अभी भी फरार हैं मास्टरमाइंड
इस मामले के चार प्रमुख आरोपी—यूनिक भांभू, सुरेश ढाका, विनोद रेवाड़ और हरियाणा के सुनील मास्टर—अब तक फरार हैं। यूनिक भांभू के विदेश भाग जाने की आशंका है, जबकि सुरेश ढाका ने फर्जी पासपोर्ट के ज़रिए विदेश जाने की साजिश रची। दोनों ने पेपर को व्यापक रूप से फैलाया। सुनील मास्टर के जरिए कई थानेदारों तक पेपर पहुंचा और अब तक कुछ को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। लेकिन उसकी गिरफ्तारी के बाद ही यह पूरी श्रृंखला उजागर हो पाएगी।
थानेदारों की संलिप्तता ने हिलाया विश्वास
पेपर लीक मामले में अब तक 52 प्रशिक्षु थानेदार, 7 चयनित थानेदार और उनके रिश्तेदारों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। यह खुलासा न केवल भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है, बल्कि राजस्थान पुलिस की साख को भी झटका देता है। इतना ही नहीं, 9 प्रशिक्षु थानेदारों के खिलाफ अब भी कोर्ट में मुकदमा विचाराधीन है।
SIT गठन और जांच की वर्तमान स्थिति
राजस्थान में 2023 में नई सरकार बनने के बाद इस घोटाले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन किया गया था। इसके तहत मार्च 2024 से अब तक पेपर लीक मामले में ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है। एसओजी द्वारा तैयार की गई चार्जशीट में यह भी स्वीकार किया गया है कि अब भी कई आरोपियों की भूमिका की जांच बाकी है, और आने वाले समय में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
बाबूलाल कटारा का कनेक्शन
RPSC के तत्कालीन सदस्य बाबूलाल कटारा का नाम भी पेपर लीक मामले में सामने आया था। आरोप है कि उसने परीक्षा से कई दिन पहले अपने भांजे को पेपर उपलब्ध करवा दिया। इस मामले में भी गिरफ्तारी हो चुकी है और इसकी कड़ी पूछताछ चल रही है।
राजस्थान एसआई भर्ती 2021 का पेपर लीक मामला धीरे-धीरे देश के सबसे बड़े भर्ती घोटालों में शामिल होता जा रहा है। न केवल अभ्यर्थियों की मेहनत से विश्वास उठता है, बल्कि उन अधिकारियों पर भी सवाल खड़े होते हैं जिन्हें जनता की सुरक्षा सौंपनी है। जांच एजेंसियों के लिए यह सिर्फ एक घोटाले को सुलझाने की चुनौती नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था को सुधारने की जिम्मेदारी बन गई है।














