
राजस्थान में मानसून ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने राज्य के 30 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिनमें 6 जिलों में ऑरेंज और 24 जिलों में येलो अलर्ट लागू किया गया है। अब तक राज्य में सामान्य से 128% अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जिससे जलाशयों और बरसाती नदियों में पानी की आवक तेज हो गई है।
बीसलपुर बांध में जलस्तर बढ़ा, त्रिवेणी नदी में बहाव तेज
टोंक जिले में स्थित बीसलपुर बांध में बीते 24 घंटे में 4 सेंटीमीटर पानी आया है, जिससे बांध का जलस्तर बढ़कर 313.86 आरएल मीटर तक पहुंच गया है। वर्तमान में बांध में 27.322 टीएमसी पानी भरा हुआ है, जो कुल क्षमता 38.703 टीएमसी का लगभग 70.59% है। इसके साथ ही बांध क्षेत्र की प्रमुख नदी त्रिवेणी का बहाव 2.80 मीटर प्रति सेकंड की गति से रिकॉर्ड किया गया।
बारिश का असर: कई जिलों में सड़कें और पुल ध्वस्त, 3 मौतें दर्ज
लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। दौसा जिले में एक महिला की मौत दीवार गिरने से हो गई। कोटा से पिकनिक मनाने गए मध्य प्रदेश के दो युवक तालाब में डूब गए। वहीं माउंट आबू से लौट रहे एक युवक की बनास नदी में डूबने से मौत हो गई। झुंझुनूं जिले में बाघोली नदी के तेज बहाव के चलते एनएच-52 से जुड़ी सड़क पानी में बह गई।
राजस्थान में बीते 24 घंटों के दौरान कई जिलों में रिमझिम से लेकर तेज बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक बारिश बारां जिले के छीपाबड़ौद में हुई, जहां 52 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। जयपुर जिले के पावटा में 47 मिमी और फुलेरा में 29 मिमी बारिश दर्ज की गई। बीकानेर में 33 मिमी, कोटा के कानवास क्षेत्र में 17 मिमी, जबकि सवाई माधोपुर जिले में 19 से 23 मिमी तक बारिश हुई। इसके अलावा, अलवर जिले के कोटकासिम में भी 19 मिमी वर्षा दर्ज की गई। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि मानसून अब प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सक्रिय हो चुका है और अच्छी वर्षा हो रही है।

मानसून ट्रफ लाइन सक्रिय, पूर्वी राजस्थान में भारी वर्षा के आसार
मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि वर्तमान में लो-प्रेशर सिस्टम पश्चिम बंगाल के ऊपर बना हुआ है, जो अगले 24 घंटों में पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ेगा। इससे भरतपुर, जयपुर, कोटा संभाग के अधिकांश हिस्सों में अगले 4–5 दिनों तक मानसून सक्रिय रहेगा।
8 से 10 जुलाई के दौरान कोटा, उदयपुर संभाग में भारी से अतिभारी बारिश की संभावना है। 9 जुलाई को कोटा संभाग में अतिभारी वर्षा का विशेष अलर्ट है। पश्चिमी राजस्थान में जोधपुर संभाग में बारिश थोड़ी कम रहेगी, जबकि बीकानेर संभाग में हल्की से मध्यम बारिश संभव है।
शुष्क मौसम वाले जिले: श्रीगंगानगर सबसे गर्म
बारिश के दौर के बीच राजस्थान के कुछ जिलों में मौसम शुष्क बना रहा, जहां तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान किया। इन इलाकों में नमी की कमी और बादलों की अनुपस्थिति के चलते तापमान काफी अधिक दर्ज किया गया। प्रदेश का सबसे गर्म जिला श्रीगंगानगर रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा फलोदी में 38.2 डिग्री, जैसलमेर में 37.5 डिग्री, बीकानेर में 36.7 डिग्री, नागौर में 35.7 डिग्री, जोधपुर में 34.3 डिग्री और राजधानी जयपुर में 34 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इन तापमानों से स्पष्ट है कि पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में अभी भी गर्मी का असर बना हुआ है, जबकि अन्य हिस्सों में बारिश राहत लेकर आई है।
राज्य में बारिश से जहां गर्मी से राहत मिली है, वहीं कई जगहों पर जलभराव, सड़क धंसने और जनहानि जैसी गंभीर समस्याएं भी सामने आई हैं। मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनज़र आम जनता को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन भी हाई अलर्ट पर है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत उपलब्ध कराई जा सके।














