
भीलवाड़ा: ज़िले के कारोई थाना क्षेत्र में बुधवार को एक बड़ी कार्रवाई के दौरान पुलिस और डीएसटी टीम ने तस्करी की बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया। एक काले रंग की एसयूवी से पुलिस ने 465 किलो अवैध अफीम डोडा चूरा जब्त किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 70 लाख रुपये बताई जा रही है। इस पूरी कार्रवाई ने अफीम तस्करी की काली दुनिया की एक और परत खोल दी है।
इस मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार भी किया है। आरोपी के पास से 70 हजार रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है और अब आगे की जांच में जुट गई है।
कैसे हुआ खुलासा?
पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव ने जानकारी दी कि यह कार्रवाई सहाड़ा के एएसपी रोशन पटेल के सुपरविजन में की गई। इस ऑपरेशन में कारोई थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह राठौड़ और भीलवाड़ा डीएसटी टीम की भूमिका अहम रही। टीम ने कारोई थाना क्षेत्र के सोनियाणा गांव के पास सटीक सूचना के आधार पर नाकाबंदी की।
नाकाबंदी के दौरान जैसे ही काली रंग की एसयूवी दिखी, पुलिस ने उसे रुकवाया और तलाशी शुरू की। तलाशी में वाहन के भीतर छुपाकर रखे गए प्लास्टिक के 27 कट्टों में से 465 किलो 120 ग्राम अवैध अफीम डोडा चूरा मिला। पुलिस की इस कार्रवाई ने न केवल अफीम माफियाओं को करारा झटका दिया, बल्कि इलाके में सक्रिय गिरोहों की गतिविधियों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
कौन है गिरफ्तार आरोपी?
पुलिस ने करेड़ा थाना क्षेत्र निवासी 29 वर्षीय घनश्याम सिंह पुत्र हिम्मत सिंह चुंडावत को मौके से गिरफ्तार किया है। अफीम की भारी मात्रा के साथ पकड़े जाने के बाद आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस तस्करी के पीछे कौन-कौन से लोग जुड़े हैं और इसकी सप्लाई कहां-कहां तक होनी थी।
क्या बोले अधिकारी?
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की गतिविधियां केवल एक व्यक्ति के बूते पर नहीं होतीं, इसके पीछे संगठित नेटवर्क होता है। इसलिए इस गिरफ्तारी को शुरुआती सफलता मानते हुए पुलिस अब पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।
इस कार्रवाई से न केवल एक बड़े अपराध का भंडाफोड़ हुआ है बल्कि भीलवाड़ा के आम नागरिकों में भी एक संदेश गया है कि नशे के कारोबार को जड़ से उखाड़ने के लिए पुलिस हर मोर्चे पर तैयार है।














