
जोधपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राजस्थान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्य की भाजपा सरकार और उसके मंत्रियों पर तीखा हमला बोला। डोटासरा ने कहा कि मुख्यमंत्री अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम साबित हो रहे हैं और उनकी कुर्सी पहले से ही डांवाडोल है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली से पूरा फीडबैक आ चुका है और “पर्ची बदलने” की तैयारी लगभग पूरी है। उनके मुताबिक संगठन ने मेहनत करके भाजपा को सत्ता तक पहुंचाया, इसलिए असली लाभ संगठन, कार्यकर्ताओं और जनता को मिलना चाहिए।
“डेढ़ साल में कांग्रेस की मेहनत चौपट”
डोटासरा ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि ये लोग बार-बार यह दावा करते हैं कि डेढ़ साल में उन्होंने कांग्रेस के पांच साल से ज्यादा काम कर लिया। यह बिल्कुल सच है, लेकिन उल्टी दिशा में – कांग्रेस ने पांच साल में जो काम खड़ा किया था, उसे इन्होंने सिर्फ 18 महीनों में तहस-नहस कर दिया। चाहे शिक्षा हो या स्वास्थ्य सेवाएं, किसानों की समस्याएं हों या आम जनता के मुद्दे – हर क्षेत्र में हालात बिगड़े हैं। किसानों को खाद के लिए लाठियां झेलनी पड़ रही हैं और मंत्री अपनी जिम्मेदारियां निभाने के बजाय कभी जेसीबी पर चढ़ रहे हैं, कभी मोबाइल टावर पर और कभी हेलीकॉप्टर से उड़ान भरते दिखाई देते हैं।
“दिल्ली जाकर एक-दूसरे की शिकायतें”
कांग्रेस नेता ने व्यंग्य करते हुए कहा कि अब तो स्थिति यहां तक पहुंच गई है कि हेलीकॉप्टर में दो ऐसे मंत्रियों को एक साथ भेज दिया गया, जो आपस में ही एक-दूसरे की शिकायत करते रहते हैं। हाल ही में मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने दिल्ली जाकर मंत्री जवाहर सिंह बेढम पर आरोप लगाए कि उन्होंने पूरे प्रदेश की हालत खराब कर दी है। अब पार्टी ने “शेर और बकरी” को एक ही घाट पर पानी पिलाने जैसा करिश्मा कर दिखाया है और दोनों को एक साथ हेलीकॉप्टर में बैठा दिया है।
“भजनलाल किस्मत से मुख्यमंत्री बने”
भजनलाल शर्मा को लेकर भी डोटासरा ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यह महज उनका सौभाग्य है कि वे मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे। लेकिन जब वे इस पद से हटेंगे, तब भी ‘पूर्व मुख्यमंत्री’ कहलाएंगे, हालांकि जनता नेताओं का मूल्यांकन केवल पद देखकर नहीं करती। जनता असली हिसाब-किताब काम के आधार पर करती है। और जब काम नज़र नहीं आएगा तो लोग सवाल पूछेंगे ही।














