
चित्तौड़गढ़: जिले के पारसोली थाना क्षेत्र के काटूंदा गांव में रविवार सुबह एक 7 दिन की नवजात बालिका रोते हुए झाड़ियों में मिली। घटना की जानकारी ग्रामीणों ने पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्ची को तुरंत चिकित्सालय भेजा, जहां जांच के बाद उसे चित्तौड़गढ़ मुख्यालय रेफर कर दिया गया। बालिका पूरी तरह स्वस्थ बताई गई है। पुलिस अब उसकी मां की पहचान और तलाश में जुटी है। प्रारंभिक जांच में पुलिस का अनुमान है कि यह बालिका किसी पारिवारिक विवाद के कारण सुरक्षित स्थान पर छोड़ी गई होगी।
पारसोली थानाधिकारी शिवराज सिंह ने बताया कि बालिका को काटूंदा के आंगनबाड़ी भवन के पास झाड़ियों में पाया गया। सुबह दो महिलाएं आंगनबाड़ी भवन के समीप से गुजर रही थीं, तभी उन्होंने बच्ची को रोते हुए देखा। बालिका दरी पर रखी गई थी और कपड़े पहने हुए थे। उसके पास एक बैग रखा था जिसमें अतिरिक्त कपड़े मिले। बालिका मिलने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां एकत्र हो गए और पुलिस को सूचित किया।
पुलिस ने बालिका को तुरंत काटूंदा चिकित्सालय में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसकी स्वास्थ्य जांच की। बालिका पूरी तरह स्वस्थ पाई गई।
मां के खिलाफ मामला दर्ज: थानाधिकारी शिवराज सिंह ने बताया कि नवजात का जन्म मात्र 7 दिन पहले हुआ है। अज्ञात माता द्वारा बच्चे को सुरक्षित तरीके से छोड़ने के बावजूद, उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और उसकी पहचान हेतु प्रयास जारी हैं। फिलहाल बालिका को चित्तौड़गढ़ मुख्यालय की एनआईसीयू में रेफर किया गया है। साथ ही बाल कल्याण समिति को भी इस मामले की सूचना दे दी गई है।














