
इंदौर के चर्चित कारोबारी राजा रघुवंशी मर्डर केस में पुलिस अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें से तीन ने हत्या को अंजाम दिया, दो पर साजिश रचने का आरोप है और बाकी तीन ने सबूत मिटाने का काम किया। मामले की गहराई से जांच कर रही पुलिस को अब तक कई अहम सबूत मिल चुके हैं, जिनके आधार पर आरोपियों को सजा दिलाने की कवायद तेज हो गई है। लेकिन इन सबके बावजूद पांच बेहद अहम सबूत अब भी लापता हैं, जो केस की गुत्थी को पूरी तरह सुलझा सकते हैं।
हत्या में इस्तेमाल किए गए डॉव (एक धारदार हथियार), आरोपी द्वारा पहने गए कपड़े जैसे कई जरूरी सबूत शिलॉन्ग पुलिस ने बरामद कर लिए हैं। लेकिन जिन चीजों की तलाश अभी जारी है, वे हैं एक पिस्टल, 5 लाख रुपये नकद, एक लैपटॉप, और राजा की सोने की चेन और अंगूठी। इन्हीं की बरामदगी के लिए पुलिस देवास नाका फ्लैट के मालिक बिल्डर लोकेंद्र सिंह तोमर से लगातार पूछताछ कर रही है, जिसे तीन दिन के ट्रांजिट रिमांड पर लिया गया है।
दरअसल, लोकेंद्र पर इन चीजों को गायब करने का शक है। 23 मई को शिलॉन्ग में हुए इस हत्याकांड के बाद से सोनम, जो फरार थी, उसने 31 मई से 8 जून तक देवास नाका स्थित एक फ्लैट में शरण ली थी। जाते समय वह एक काला बैग वहीं छिपाकर गई थी, जिसे बाद में आरोपी विशाल उर्फ विक्की चौहान ने राज कुशवाह के कहने पर उसी फ्लैट में पहुंचाया।
राज और सोनम की गिरफ्तारी के बाद इस बैग का राज खुला। उन्होंने बताया कि राजा को पिस्टल से मारने की साजिश थी और इसके लिए सिकलीगर से पिस्टल भी खरीदी गई थी। हालांकि, बाद में मेघालय में मौजूद डॉव से हत्या को अंजाम दिया गया। बैग में 5 लाख रुपये भी थे।
इस बैग को तलाशते हुए शिलॉन्ग पुलिस की टीम सबसे पहले प्रॉपर्टी डीलर सिलोम जेम्स तक पहुंची। उसने बताया कि लोकेंद्र के दबाव में उसने गार्ड बल्लू उर्फ बलवीर अहिरवार के साथ मिलकर 10 जून को काले बैग को कृष्ण विहार कॉलोनी के पीछे एक खाली प्लॉट में जला दिया था।
सिलोम ने यह भी बताया कि बैग में रखा लैपटॉप उसने पास के ही एक प्लॉट में फेंक दिया था। 23 जून को सिलोम की निशानदेही पर जले हुए बैग के अवशेष बरामद कर उन्हें सेंट्रल लैब भेजा गया है। लेकिन पिस्टल और नकदी अभी भी नहीं मिली है। सिलोम का कहना है कि फ्लैट की दूसरी चाबी लोकेंद्र के पास थी, जिससे वह पहले ही फ्लैट में घुस चुका था।
इसके आधार पर 23 जून को ग्वालियर पुलिस की मदद से शिलॉन्ग पुलिस ने लोकेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। अब उससे सिलोम और बल्लू के सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी, ताकि गायब हुए सभी अहम सबूतों का पता चल सके।
पुलिस को इस बात की भी आशंका है कि गायब लैपटॉप में हत्याकांड से जुड़ा कोई बड़ा डिजिटल सबूत हो सकता है, जो पूरे केस की तस्वीर को और भी साफ कर सकता है। मंगलवार को शिलॉन्ग पुलिस ने सिलोम जेम्स को लेकर उसके घर और अन्य ठिकानों की तलाशी भी ली।














