हरियाणा के बहादुरगढ़ में शनिवार को पुलिस और वांछित अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में हत्या के मामले में फरार चल रहे दो इनामी बदमाश मारे गए। दोनों आरोपी हांसी में जिम संचालक कपिल की दिनदहाड़े हत्या के मामले में लंबे समय से फरार थे और पुलिस उनकी तलाश में लगातार अभियान चला रही थी। इस संबंध में हांसी सिटी थाने में एफआईआर संख्या 379/2026 भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई थी।
यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) द्वारा संयुक्त अभियान के तहत की गई। खुफिया सूचना मिलने के बाद दोनों एजेंसियों ने बहादुरगढ़ क्षेत्र में घेराबंदी कर ऑपरेशन शुरू किया, जिसके दौरान आरोपियों और पुलिस के बीच जबरदस्त गोलीबारी हुई।
मारे गए आरोपियों की हुई पहचान
मुठभेड़ में मारे गए दोनों आरोपियों की पहचान हिसार निवासी प्रवेश और हिमांशु के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक दोनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। जांच एजेंसियों का दावा है कि दोनों आरोपी लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े हुए थे और कई आपराधिक गतिविधियों में उनकी संलिप्तता की जांच की जा रही थी।
सूत्रों के अनुसार पुलिस को पहले से सूचना मिली थी कि दोनों बदमाश हथियारों से लैस होकर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में बहादुरगढ़ पहुंचे हैं। सूचना के आधार पर जब पुलिस ने उन्हें घेरने का प्रयास किया तो आरोपियों ने कथित तौर पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जिसमें दोनों आरोपी घायल हो गए। इस दौरान एक पुलिसकर्मी भी गोली लगने से घायल हो गया। सभी घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां बाद में दोनों आरोपियों को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि घायल पुलिस अधिकारी का इलाज जारी है।
पुलिस ने संयुक्त अभियान की दी जानकारी
पुलिस की ओर से जारी बयान में बताया गया कि बहादुरगढ़ एसटीएफ, हरियाणा पुलिस और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट को गुप्त सूचना मिली थी कि प्रवेश और हिमांशु बहादुरगढ़ क्षेत्र में मौजूद हैं। इसी सूचना के आधार पर दोनों एजेंसियों ने संयुक्त अभियान चलाया। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था और उनका संबंध लॉरेंस बिश्नोई गैंग से बताया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, दोनों आरोपी हांसी में जिम संचालक कपिल की दिनदहाड़े हत्या के मामले में वांछित थे। इस हत्याकांड के बाद उनके खिलाफ हांसी सिटी थाने में एफआईआर संख्या 379/2026 दर्ज की गई थी। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 109(1), 3(5), 61(2)(A) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25, 54 और 59 के तहत पंजीकृत किया गया था।
आत्मरक्षा में हुई जवाबी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन शुरू करने से पहले उन्हें पुख्ता सूचना मिल चुकी थी कि दोनों आरोपी अत्याधुनिक हथियारों से लैस हैं और किसी गंभीर आपराधिक वारदात को अंजाम देने की तैयारी में हैं। जब पुलिस टीम ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों इनामी बदमाश गोली लगने से घायल हो गए।
बाद में अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार दोनों आरोपियों की उपचार के दौरान मौत हो गई। वहीं मुठभेड़ में घायल पुलिस अधिकारी का इलाज अस्पताल में चल रहा है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है और मुठभेड़ से जुड़े सभी पहलुओं की कानूनी प्रक्रिया के तहत समीक्षा की जा रही है।













