नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन समाप्त होने के बाद अब प्रदर्शन स्थल को पूरी तरह पहले जैसा बनाने का काम तेज़ी से चल रहा है। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) के 500 से अधिक सफाईकर्मी देर रात से ही सफाई अभियान में जुटे हुए हैं। रात करीब दो बजे जंतर-मंतर पर आंदोलनकारियों की जगह केवल सफाईकर्मी और प्रशासनिक टीमें नजर आ रही थीं। अधिकारियों की कोशिश है कि सुबह तक पूरा इलाका पूरी तरह साफ-सुथरा दिखाई दे और आम लोगों को वहां प्रदर्शन के कोई निशान नजर न आएं।
मंच हटने के बाद अब कूड़ा और पोस्टर भी साफ किए जा रहे
प्रदर्शन समाप्त होने के साथ ही CJP द्वारा बनाया गया मंच पहले ही हटाया जा चुका था। अब एनडीएमसी की टीम पूरे इलाके में फैले कूड़े-कचरे, बैनर, पोस्टर और अन्य अवशेषों को हटाने में लगी हुई है। इसके अलावा, आंदोलन के दौरान दीवारों पर लिखे गए नारे और संदेशों को भी सफेद रंग (व्हाइट वॉश) से ढक दिया गया है, ताकि सार्वजनिक स्थान को उसकी मूल स्थिति में वापस लाया जा सके।
संसद मार्ग से हटी बैरिकेडिंग, सुरक्षा व्यवस्था अब भी बरकरार
प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा कारणों से संसद मार्ग और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में बैरिकेड लगाए गए थे। अब आंदोलन खत्म होने के बाद इन बैरिकेड्स को भी हटाया जा चुका है। सड़कों पर यातायात सामान्य करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। हालांकि, एहतियात के तौर पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती अभी भी जारी है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बल फिलहाल क्षेत्र में मौजूद रहेंगे, लेकिन अस्थायी अवरोध पूरी तरह हटा दिए गए हैं।
#WATCH | Delhi | Morning visuals from the Cockroach Janata Party protest site at Jantar mantar after the party called off its agitation following Dharmendra Pradhan's resignation. pic.twitter.com/AjXy3YOzCQ
— ANI (@ANI) July 26, 2026
#WATCH | Delhi | Clearance work underway at the Cockroach Janta Party (CJP) protest site at Jantar Mantar after the party called off it's agitation yesterday following Dharmendra Pradhan's resignation. pic.twitter.com/CyjgIhtrK4
— ANI (@ANI) July 26, 2026
NEET पेपर लीक को लेकर लंबे समय तक चला था प्रदर्शन
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने कथित NEET पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर लंबे समय तक आंदोलन चलाया। इसी धरने के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी अनशन पर बैठे थे। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग थी कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दें। शनिवार को उनके इस्तीफे के बाद CJP ने अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी, जिसके बाद प्रदर्शन स्थल को खाली कराया गया।
आंदोलन के दौरान कई बार बिगड़े हालात
पिछले कुछ दिनों में जंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन के दौरान कई बार तनावपूर्ण स्थिति भी बनी। विपक्ष के कई प्रमुख नेताओं ने प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया और केंद्र सरकार पर दबाव बनाने का प्रयास किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के कारण पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने के लिए कई बार हस्तक्षेप करना पड़ा। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और सीमित स्तर पर बल प्रयोग भी किया।
देशभर में चर्चा का केंद्र बना जंतर-मंतर का आंदोलन
प्रदर्शन के दौरान कुछ आंदोलनकारियों के घायल होने की भी खबरें सामने आईं, जबकि कई सुरक्षाकर्मियों को भी ड्यूटी के दौरान चोटें आईं। हालांकि, पुलिस ने समय रहते हालात पर नियंत्रण पा लिया और लगातार प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने की अपील करती रही।
NEET पेपर लीक को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन पूरे देश में चर्चा का विषय बना रहा। विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में लोग जंतर-मंतर पहुंचे और आंदोलन में शामिल हुए। लंबे समय बाद राजधानी में ऐसा व्यापक प्रदर्शन देखने को मिला, जिसमें छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।













