नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए इसे बड़ी जिम्मेदारी बताया और भरोसा दिलाया कि वह पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपने नए दायित्व का निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन पर जो विश्वास जताया है, उसके लिए वह हृदय से आभारी हैं और उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए अपनी पूरी क्षमता से काम करेंगे। साथ ही उन्होंने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यों की भी सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण बदलावों को आगे बढ़ाया है। उपभोक्ता मामले मंत्रालय के साथ-साथ अब प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालने वाले प्रह्लाद जोशी ने कहा कि उन्हें इस फैसले की जानकारी मिलते ही उन्होंने इसे विनम्रता और कर्तव्यभाव के साथ स्वीकार किया। उन्होंने कहा, "मुझे अभी पता चला कि प्रधानमंत्री ने मुझे यह नई जिम्मेदारी सौंपी है। मैं इसे पूरी ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और विनम्रता के साथ निभाने का प्रयास करूंगा। प्रधानमंत्री मोदी ने मुझ पर जो विश्वास व्यक्त किया है, उसके लिए मैं उनका आभारी हूं।"
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बीते वर्षों में देश ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। शिक्षा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले चार-पांच वर्षों में धर्मेंद्र प्रधान ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को प्रभावी ढंग से लागू करने सहित कई अहम सुधारों को आगे बढ़ाया। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में वह भी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे।
VIDEO | Delhi: After being appointed as Education Minister following Dharmendra Pradhan's resignation from the post, Union Minister Prahlad Joshi says, "I have just got to know that the Prime Minister has given me a responsibility. I accept this responsibility with a sense of… pic.twitter.com/o9LnWvjuOI
— Press Trust of India (@PTI_News) July 25, 2026
NEET पेपर लीक विवाद के बाद हुआ मंत्रालय में बदलाव
NEET-UG परीक्षा के कथित पेपर लीक विवाद के बाद देशभर में विरोध-प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया था। छात्र संगठन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की अगुवाई में कई राज्यों में प्रदर्शन हुए और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों की मांग तेज हो गई। बढ़ते दबाव के बीच केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) में बड़े स्तर पर बदलाव करते हुए 47 अधिकारियों को सेवा से हटाने का फैसला लिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू करने की घोषणा की गई।
हालांकि, इन कदमों के बावजूद विरोध-प्रदर्शन पूरी तरह शांत नहीं हुए और अंततः धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद केंद्र सरकार ने प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया। राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि आने वाले समय में सरकार शिक्षा मंत्रालय के लिए पूर्णकालिक मंत्री की घोषणा कर सकती है।
मानसून सत्र में परीक्षा सुधार कानून लाने की तैयारी
फिलहाल केंद्र सरकार का मुख्य फोकस संसद के मानसून सत्र के दौरान परीक्षा प्रणाली में सुधार से जुड़ा नया कानून पारित कराना है। सरकार पेपर लीक की घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाने के उद्देश्य से एग्जाम रिफॉर्म बिल (Exam Reform Bill) लोकसभा में पेश करने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित विधेयक का मकसद परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाना है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस विधेयक में पेपर लीक के मामलों की त्वरित जांच और निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। प्रस्तावित कानून के तहत दोषी पाए जाने वाले लोगों को तीन महीने के भीतर सजा सुनाने की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही गंभीर मामलों में 10 वर्ष तक की सजा और ₹10 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान भी रखा गया है। सरकार की कोशिश है कि यह विधेयक जल्द से जल्द संसद से पारित होकर लागू हो, ताकि भविष्य में परीक्षा प्रणाली पर उठने वाले सवालों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।













