दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे पर हाल ही में सड़क धंसने और बड़े-बड़े गड्ढे बनने का मामला सामने आने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने प्रभावित हिस्से की मरम्मत पूरी कर दी है। कुछ दिन पहले इस क्षतिग्रस्त सड़क का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसके बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया। वीडियो के सामने आने के बाद NHAI ने तत्काल संज्ञान लेते हुए मरम्मत कार्य शुरू कराया। अब प्राधिकरण ने जानकारी दी है कि जहां सड़क धंस गई थी, उस हिस्से को पूरी तरह दुरुस्त कर सामान्य यातायात के लिए खोल दिया गया है। इस मामले में जिम्मेदारी तय करते हुए कई अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि कुछ अधिकारियों को निलंबित भी किया गया है।
जलभराव बना सड़क धंसने की मुख्य वजह
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने अपने आधिकारिक बयान में बताया कि भारी बारिश के बाद दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के एक हिस्से में सड़क धंस गई थी, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर करने वाले लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा। NHAI ने इस घटना पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत पूरी कर ली गई है और अब वहां से वाहनों की आवाजाही सामान्य रूप से शुरू हो चुकी है।
प्राधिकरण के अनुसार, सड़क धंसने की मुख्य वजह उस स्थान पर बारिश का पानी जमा होना था। बताया गया कि स्थानीय लोगों के लगातार विरोध के चलते वहां प्रस्तावित स्थायी क्रॉस-ड्रेनेज सिस्टम को चालू नहीं किया जा सका। लोगों ने बैलेंसिंग कलवर्ट को जोड़ने की अनुमति नहीं दी और उसी मार्ग का उपयोग वाहनों की आवाजाही के लिए करना शुरू कर दिया। इसके कारण जल निकासी की स्थायी व्यवस्था शुरू नहीं हो पाई, जिससे बारिश का पानी एकत्र होता गया और सड़क का हिस्सा कमजोर होकर धंस गया।
NHAI regrets the inconvenience caused to NH commuters due to the road surface cave-in at a location on the Delhi–Dehradun Economic Corridor following rainfall. The section has been restored and opened for regular traffic movement.
— NHAI (@NHAI_Official) July 2, 2026
The incident occurred due to localized water… pic.twitter.com/c2LEo2qTxg
बारिश के पानी की निकासी के लिए बनाया गया अस्थायी नाला
NHAI ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया। साथ ही, जब तक स्थायी ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह चालू नहीं हो जाता, तब तक बारिश के पानी की निकासी सुनिश्चित करने के लिए एक अस्थायी समानांतर नाला तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो और सड़क पर किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।
प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रभावित हिस्से पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। विशेषज्ञों की टीम पूरे क्षेत्र की स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि यातायात पूरी तरह सुरक्षित रहे और किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न होने पाए।
जिम्मेदार अधिकारियों पर गिरी गाज
NHAI ने इस पूरे प्रकरण को गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी है। प्राधिकरण के अनुसार, संबंधित प्रोजेक्ट डायरेक्टर, अथॉरिटी इंजीनियर और EPC कॉन्ट्रैक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा अथॉरिटी इंजीनियर की टीम के लीडर और कॉन्ट्रैक्टर के प्रोजेक्ट मैनेजर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
NHAI ने अपने बयान में कहा कि देशभर में मजबूत, सुरक्षित और भरोसेमंद राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना उपलब्ध कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से इस मामले में जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक प्रशासनिक कदम उठाए गए हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भी आवश्यक उपाय किए जाएंगे।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने खींचा था ध्यान
गौरतलब है कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के महज दो महीने के भीतर सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बनने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए थे। वायरल वीडियो में सड़क के बीचों-बीच कई स्थानों पर गहरे गड्ढे साफ दिखाई दे रहे थे, जबकि उनके बिल्कुल पास से तेज रफ्तार वाहन गुजर रहे थे। इस स्थिति ने संभावित बड़े हादसे की आशंका को लेकर लोगों की चिंता बढ़ा दी थी।
वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने व्यापक चर्चा बटोरी और NHAI को तत्काल कार्रवाई करनी पड़ी। अब प्राधिकरण ने प्रभावित सड़क की मरम्मत पूरी कर यातायात बहाल कर दिया है। साथ ही यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हुए भरोसा दिलाया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जाएंगे।













