
बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार (3 नवंबर, 2025) को दरभंगा में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने महागठबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए जनता से एनडीए उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान की अपील की।
योगी ने अपने भाषण की शुरुआत लोगों को एकजुट रहने का संदेश देते हुए की। उन्होंने कहा, “याद रखिए, जब हम बंटे थे तो कटे थे। अगर एक रहेंगे तो सुरक्षित रहेंगे और सम्मान के साथ आगे बढ़ेंगे।”
एनडीए की जीत से ही आएगा “रामराज्य”
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के विकास और स्थिरता के लिए एनडीए की सरकार जरूरी है। उन्होंने कहा, “जो लोग विकास में अड़चन डालते हैं, उन्हें अब पनपने नहीं देना है। अयोध्या और मिथिला को जोड़ने का समय आ गया है। रामराज्य की अवधारणा तभी साकार होगी जब बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनेगी।”
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब भी आरजेडी और कांग्रेस का गठबंधन राज्य में सत्ता में आया है, बिहार ने हिंसा और असुरक्षा देखी है। उन्होंने कहा, “उनके शासन में जातीय संघर्ष बढ़े, अपहरण एक उद्योग बन गया और आम जनता भय के साए में जीने लगी। अब बिहार को फिर से उस दौर में नहीं लौटने देना है।”
“घुसपैठियों को बिहार में जगह नहीं”
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की सीमाएं देश की सुरक्षा से जुड़ी हैं, और एनडीए सरकार ही इन्हें सुरक्षित रख सकती है। उन्होंने कहा, “हमने अयोध्या में जो संकल्प पूरा किया, वही संकल्प बिहार के लिए भी है — घुसपैठियों को अब इस धरती पर जगह नहीं मिलेगी।”
मिथिला की धरती को बताया गौरवशाली
दरभंगा की ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा, “यह भूमि महाराज कामेश्वर सिंह जैसी महान हस्तियों की है, जिन्होंने शिक्षा, संगीत और संस्कृत विद्या के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यही नहीं, छठ पर्व को राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाली पद्म सम्मानित गायिका शारदा सिन्हा भी इसी धरती की बेटी हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “मैथिली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने का गौरव अटल बिहारी वाजपेयी जी की सरकार में मिला था। यह हमारी संस्कृति और परंपरा का सम्मान है।”
“नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार को चाहिए स्थिर सरकार”
अपने भाषण के अंत में योगी आदित्यनाथ ने जनता से एनडीए के प्रत्याशियों को भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की। उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार को एक मजबूत, सुरक्षित और विकासशील सरकार मिलेगी। हमें विभाजन की राजनीति नहीं, एकता और विकास का रास्ता चुनना है।”














