
बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, राज्य में सियासी माहौल और तेज होता जा रहा है। इसी बीच राजद नेता और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिहार दौरे को लेकर जोरदार हमला बोला है। राघोपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे तेजस्वी ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार की जनता इस बार बदलाव के मूड में है और यहां अपराध की स्थिति बेहद चिंताजनक हो चुकी है। उन्होंने तंज कसा – “बुलेट ट्रेन गुजरात को देते हैं, लेकिन वोट मांगने बिहार आते हैं।”
‘11 साल से प्रधानमंत्री हैं, लेकिन बिहार को क्या मिला?’
तेजस्वी यादव ने पीएम मोदी की रैली के एक दिन बाद प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “प्रधानमंत्री पिछले ग्यारह वर्षों से देश की सत्ता में हैं, लेकिन बिहार को अब तक क्या दिया गया? गुजरात में उद्योग और कारखाने खोलते हैं, लेकिन बिहार से वोट मांगने चले आते हैं। ये दोहरा रवैया अब बिहार की जनता समझ चुकी है।”
उन्होंने आगे कहा, “बिहार देश का दिल है। हर दसवां भारतीय बिहार से आता है, लेकिन प्रधानमंत्री ने इस राज्य के साथ हमेशा भेदभाव किया है। गुजरात को सब कुछ दिया गया, जबकि बिहार को उसका एक प्रतिशत भी नहीं मिला। अब बिहार की जनता जवाब चाहती है — और प्रधानमंत्री के पास कोई जवाब नहीं है।”
‘गुजरात को पूरा बजट, बिहार को गालियां’
तेजस्वी ने केंद्र सरकार पर भी तीखे शब्दों में प्रहार करते हुए कहा, “पूरा बजट गुजरात के लिए खर्च किया जा रहा है, और बिहार आकर प्रधानमंत्री सिर्फ़ आरजेडी को कोसते हैं। हमारी सभाएं रद्द की जा रही हैं, यह लोकतंत्र नहीं तानाशाही है। लेकिन हम इस तानाशाही के खिलाफ मजबूती से लड़ेंगे।”
‘महागठबंधन की सरकार बनना तय है’
राजद नेता ने आत्मविश्वास के साथ कहा, “इस बार माहौल पूरी तरह महागठबंधन के पक्ष में है। बिहार की जनता बदलाव चाहती है और इस बार महागठबंधन की सरकार बनना तय है।” उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं के बयान अब निराशा और नकारात्मकता से भरे हुए हैं। “प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में सिर्फ़ बिहार को बदनाम करने की कोशिश की। जो कुछ दिया, वो सिर्फ़ गुजरात को दिया — बिहार को तो बस ठगा गया।”
‘बीजेपी को अतिपिछड़ों और अल्पसंख्यकों से नफरत है’
तेजस्वी यादव ने भाजपा पर सामाजिक भेदभाव फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा, “जब से हमने घोषणा की कि एक अति पिछड़ा समाज का व्यक्ति उपमुख्यमंत्री बनेगा, तब से भाजपा नेताओं को तकलीफ होने लगी है। वे उन वर्गों से नफरत करते हैं जिन्हें पहले पाकिस्तान भेजने की बातें करते थे। आज वही लोग चिंता का नाटक कर रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “अमित शाह पहले अल्पसंख्यक समाज को पाकिस्तान भेजने की बात करते थे, लेकिन अब जब एक अति पिछड़ा समाज का बेटा उपमुख्यमंत्री बनने जा रहा है, तो उन्हें यह रास नहीं आ रहा। भाजपा को बिहार की सामाजिक एकता से परेशानी है।”
तेजस्वी यादव का यह बयान न केवल प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा पर सीधा हमला है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि राजनीतिक मुकाबला इस बार और अधिक तीखा होने वाला है। बिहार की जनता अब यह तय करेगी कि विकास के वादों और जमीनी सच्चाई के बीच कौन खरा उतरता है।














