
बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज होती जा रही है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और विपक्षी महागठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने शनिवार को लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान के एक बयान पर प्रतिक्रिया दी। चिराग ने दावा किया था कि 2005 में उनके पिता रामविलास पासवान चाहते थे कि बिहार का मुख्यमंत्री मुस्लिम हो, लेकिन RJD ने उनका समर्थन नहीं किया।
तेजस्वी यादव ने कहा, “चिराग पासवान जो भी बयान दें या न दें, उसका कोई खास महत्व नहीं है। असली सवाल यह है कि उनकी राजनीतिक दूरदर्शिता क्या है?” उन्होंने यह भी जोड़ते हुए कहा कि वर्तमान में चिराग एनडीए में असहज महसूस कर रहे हैं। तेजस्वी ने चिराग के परिवार और NDA के बीच हुए पुराने विवाद का जिक्र करते हुए कहा, “एनडीए वालों ने चिराग के परिवार के साथ कई कठिनाइयाँ पैदा की हैं। चिराग सत्ता की लालसा में NDA के साथ हैं और इसके लिए अपने आदर्शों से समझौता कर रहे हैं। इसलिए उनके बयान को महत्वपूर्ण नहीं माना जा सकता।”
#WATCH | Patna, Bihar | Mahagathbandhan CM candidate and RJD leader Tejashwi Yadav says, "Bihar is the poorest state in India, with the lowest per capita income. People still have to migrate for education, healthcare, and employment. There are no factories or investments in the… pic.twitter.com/ZVloCjfMKR
— ANI (@ANI) October 25, 2025
चिराग पासवान ने RJD पर साधा निशाना
वहीं, चिराग पासवान ने RJD को लेकर बयान जारी करते हुए कहा कि पार्टी बिहार में न तो मुस्लिम मुख्यमंत्री देने के लिए तैयार है और न ही उपमुख्यमंत्री। उन्होंने ट्विटर (X) पर लिखा, “2005 में मेरे पिता स्व. रामविलास पासवान ने मुस्लिम मुख्यमंत्री बनाने के लिए अपनी पार्टी तक की कुर्बानी दी, फिर भी RJD ने उनका समर्थन नहीं किया। आज 2025 में भी RJD मुस्लिम मुख्यमंत्री या उपमुख्यमंत्री देने को तैयार नहीं है। अगर आप हमेशा बंधक वोट बैंक बने रहेंगे तो सम्मान और भागीदारी कैसे मिलेगी?”
2005 में बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए दो बार चुनाव हुए थे। फरवरी में हुए पहले चुनाव में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। NDA (जदयू + BJP) को 92 सीटें, RJD को 75, LJP को 29 और कांग्रेस को 10 सीटें मिलीं। RJD कांग्रेस और LJP के साथ सरकार बनाने में सफल नहीं हो पाया क्योंकि LJP ने समर्थन केवल तब देने की शर्त रखी थी जब मुख्यमंत्री मुस्लिम बने। सरकार नहीं बनने पर साल के अंत में पुनः चुनाव हुआ, जिसमें NDA ने बहुमत हासिल कर सरकार बनाई।
चुनावी माहौल को और गरमा रही बयानबाजी
तेजस्वी यादव और चिराग पासवान के बीच यह तीखी बयानबाजी बिहार चुनावों के राजनीतिक माहौल को और गर्म कर रही है। यह स्पष्ट हो रहा है कि धर्म और जाति जैसे मुद्दे चुनावी बहस का हिस्सा बन चुके हैं। तेजस्वी यादव ने कहा कि उनकी पार्टी हमेशा सभी समुदायों के लोगों के साथ समान दृष्टिकोण रखती है और किसी समुदाय को सत्ता या सम्मान के लिए बांधने की नीति नहीं अपनाई जाती।














