
बिहार विधानसभा चुनाव का माहौल दिन-ब-दिन और अधिक गर्माता जा रहा है। हर दिन नेताओं के बयान और भी तेज़ और तीखे होते जा रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार (1 नवंबर) को हाजीपुर में आरजेडी की राज्यसभा सांसद और लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती ने एनडीए और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर करारा प्रहार किया।
“योगी जी यूपी जाएं, बिहार में बुलडोजर की जरूरत नहीं”
मीसा भारती ने अपने भाषण में योगी आदित्यनाथ की बिहार में हुई सभा पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “योगी जी का बिहार से कोई लेना-देना नहीं है। उन्हें उत्तर प्रदेश लौट जाना चाहिए और वहीं जाकर अपना बुलडोजर चलाना चाहिए। बिहार के लोग शांति, सद्भावना और भाईचारे में विश्वास रखते हैं। यहां डर और धमकी की राजनीति की कोई जगह नहीं है।”
उन्होंने कहा कि बिहार के लोग अब नफरत की राजनीति नहीं, विकास की राजनीति चाहते हैं।
“जनता को फिर से बहकाने की कोशिश हो रही है”
मीसा भारती ने एनडीए के चुनावी घोषणापत्र पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब 20 साल से सत्ता में रहने वाले लोगों ने विकास नहीं किया, तो अब चुनाव से ठीक पहले उन्हें शिक्षा और रोजगार की याद कैसे आई? उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, “अब इन्हें केजी से पीजी तक की मुफ्त शिक्षा का वादा सूझ रहा है। जब सरकार में थे, तब बच्चों का भविष्य अंधकार में छोड़ दिया। अब फिर से जनता को भ्रमित करने के लिए नए वादे किए जा रहे हैं।” मीसा ने कहा कि इस बार बिहार की जनता केवल भाषणों से नहीं, बल्कि काम से फैसला करेगी।
“बिहार में युवाओं की सरकार बनेगी”
आरजेडी नेता ने भरोसे के साथ कहा कि इस बार बिहार में बदलाव निश्चित है। उन्होंने कहा, “बिहार की जनता अब नई सोच और नए नेतृत्व की ओर बढ़ रही है। तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बनेंगे और महागठबंधन की सरकार एक बार फिर सत्ता में लौटेगी।” उन्होंने वीआईपी पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी का ज़िक्र करते हुए कहा कि बिहार के इतिहास में पहली बार किसी मल्लाह समाज के बेटे को उपमुख्यमंत्री बनने का मौका मिल रहा है, जो सामाजिक न्याय की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
“अब जाति नहीं, शिक्षा और रोजगार की होगी राजनीति”
अपने संबोधन के अंत में मीसा भारती ने कहा कि बिहार अब पुरानी राजनीति से आगे बढ़ चुका है। “यहां अब जातिवाद की जगह रोजगार और शिक्षा की राजनीति होगी। डर और बुलडोजर की जगह विकास और अवसर की बात होगी,” उन्होंने कहा। मीसा ने जनता से अपील की कि वे महागठबंधन को समर्थन देकर बिहार को एक नई दिशा दें — जहां युवाओं के सपने पूरे हों और गरीबों की आवाज सत्ता तक पहुंचे।














