
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण का मतदान गुरुवार, 6 नवंबर को संपन्न हुआ। 18 जिलों की 121 सीटों पर मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस बार मतदान प्रतिशत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। इसी बीच जन-सुराज के रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि पिछले 30 सालों में इतनी भारी मतदान संख्या यह संकेत देती है कि बिहार में बदलाव की लहर आ रही है। उनका कहना है कि 14 नवंबर को राज्य में नई व्यवस्था स्थापित होने जा रही है।
पिछले चुनावों के आंकड़ों पर नजर डालें तो, इन्हीं 121 सीटों पर पिछली बार मतदान प्रतिशत 55.81% था, जबकि इस बार शाम 5 बजे तक ही यह आंकड़ा 60.13% तक पहुंच गया। प्रशांत किशोर की पार्टी इस बार पूरे जोर-शोर से चुनावी मैदान में उतरी है और अब यह देखना होगा कि उन्हें कितनी सीटों पर सफलता मिलती है।
महागठबंधन के नेताओं के दावे और प्रतिक्रिया
महागठबंधन के नेताओं ने भी अपने-अपने दावे पेश किए। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के महासचिव एमए बेबी ने कहा कि महागठबंधन के चुनावी अभियान को बिहार के लोगों से शानदार प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने युवा मतदाताओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि लोग ‘नफरत की राजनीति’ को अस्वीकार कर देंगे।
माकपा महासचिव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा, "हमने चुनावी अभियान के दौरान लोगों के कल्याण और आजीविका के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है। बिहार के लोगों ने इस पहल को सराहा और हमें उम्मीद है कि इसका सकारात्मक असर परिणामों में दिखाई देगा।"
#WATCH गया, बिहार: जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा, "पिछले 30 सालों में सबसे ज़्यादा मतदान होना इस बात का संकेत है कि बिहार में बदलाव आ रहा है। 14 नवंबर को एक नई व्यवस्था स्थापित होने जा रही है..." pic.twitter.com/vLLl5X7LgL
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 6, 2025
वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी का बयान
वीआईपी पार्टी के सुप्रीमो मुकेश सहनी ने पहले चरण की मतदान प्रक्रिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बिहार में इस बार बदलाव की स्पष्ट लहर है और बंपर वोटिंग इसका स्पष्ट संकेत है। उनका मानना है कि राज्य में इस बार आम जनता बदलाव चाहती है और महागठबंधन की सरकार बनाने की राह में यह एक महत्वपूर्ण संकेत है।
बीजेपी नेता सम्राट चौधरी का दावा
बीजेपी नेता और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रथम चरण की उच्च मतदान संख्या पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने दावा किया कि 121 सीटों में से लगभग 100 सीटों पर एनडीए की जीत सुनिश्चित है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह 2010 में लालू परिवार से कोई जीत दर्ज नहीं कर पाया था, इस बार भी किसी को लालू परिवार से मुकाबला करने की संभावना नहीं है।
इस तरह बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में मतदाताओं की भागीदारी और नेताओं की प्रतिक्रियाओं ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। अब सभी की नजरें 14 नवंबर के नतीजों पर हैं, जब नई व्यवस्था की तस्वीर साफ हो जाएगी।














