अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दौरान अमेरिकी स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन पर लगाए गए एक मैच के प्रतिबंध को लेकर सीधे FIFA अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो से बातचीत की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने यह जानने की कोशिश की कि आखिर किस वजह से बालोगुन को रेड कार्ड दिखाया गया और उनके खिलाफ एक मैच के निलंबन का फैसला लिया गया। इस बातचीत के कुछ समय बाद स्वतंत्र अपील प्रक्रिया के तहत मामले की समीक्षा की गई और अंततः बालोगुन पर लगाया गया सस्पेंशन पूरी तरह समाप्त कर दिया गया।
इस घटनाक्रम की पुष्टि एक अमेरिकी अधिकारी ने भी की। अधिकारी के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप और जियानी इन्फेंटिनो के बीच इस मामले पर विस्तृत चर्चा हुई थी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति यह समझना चाहते थे कि अनुशासनात्मक कार्रवाई किन परिस्थितियों में की गई। अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि अपील पर फैसला लेने की प्रक्रिया पूरी तरह स्वतंत्र बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में थी और इसमें अमेरिकी सरकार का कोई प्रत्यक्ष हस्तक्षेप नहीं था। हालांकि, अपील के दौरान अमेरिका की ओर से कुछ अतिरिक्त साक्ष्य और तथ्य प्रस्तुत किए गए, जिन पर विचार करने के बाद स्वतंत्र बोर्ड ने पहले दिए गए फैसले को पलट दिया। अधिकारी ने कहा कि नए तथ्यों के आधार पर जो निर्णय लिया गया, वह पूरी तरह निष्पक्ष और न्यायसंगत था।
बेल्जियम के खिलाफ खेलने के लिए उपलब्ध रहेंगे बालोगुन
यह घटनाक्रम FIFA की उस घोषणा के ठीक एक दिन बाद सामने आया, जिसमें कहा गया था कि फोलारिन बालोगुन बेल्जियम के खिलाफ होने वाले फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ़ 16 मुकाबले में खेलने के लिए पूरी तरह पात्र होंगे। इससे पहले बोस्निया और हर्जेगोविना के खिलाफ अमेरिका की 2-0 की जीत के दौरान उन्हें रेड कार्ड मिलने के कारण अगले मैच से बाहर माना जा रहा था। लेकिन अपील सफल रहने के बाद उनकी उपलब्धता पर लगी रोक समाप्त हो गई और अब वे नॉकआउट मुकाबले में टीम का हिस्सा बन सकेंगे।
Thank you to FIFA for doing what was right, and reversing a great injustice! President DONALD J. TRUMP
— Commentary Donald J. Trump Truth Social Posts On X (@TrumpTruthOnX) July 5, 2026
( TS: Jul 5 2026, 1:14 PM ET ) pic.twitter.com/rHJRnc8hto
अनुशासनात्मक समिति ने सस्पेंशन पर लगाई रोक
FIFA की अनुशासनात्मक समिति ने रविवार को अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि इस मामले में स्वतः लागू होने वाला एक मैच का प्रतिबंध प्रभावी नहीं रहेगा। FIFA ने कहा कि FDC के अनुच्छेद 27 के तहत फोलारिन बालोगुन के ऑटोमैटिक मैच सस्पेंशन को एक वर्ष की प्रोबेशनरी अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया है। इसका अर्थ है कि फिलहाल उन्हें किसी भी मुकाबले से बाहर नहीं रखा जाएगा और वे आगामी मैचों में चयन के लिए उपलब्ध रहेंगे।
रेड कार्ड के बावजूद शानदार रहा बालोगुन का प्रदर्शन
फोलारिन बालोगुन को बोस्निया और हर्जेगोविना के खिलाफ मुकाबले के 64वें मिनट में रेड कार्ड दिखाया गया था। इसके बावजूद पूरे टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन अमेरिका के लिए बेहद प्रभावशाली रहा है। उन्होंने अब तक तीन गोल दागे हैं और टीम के सबसे प्रभावी अटैकिंग खिलाड़ियों में अपनी जगह बनाई है। उनकी मौजूदगी अमेरिका के आक्रमण को मजबूती देती है और इसी वजह से उनके सस्पेंशन का हटना टीम के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जताई खुशी, बेल्जियम ने उठाए सवाल
FIFA के फैसले के सार्वजनिक होते ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, "सही फैसला लेने और एक बड़े अन्याय को समाप्त करने के लिए FIFA का धन्यवाद। — राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप।" दूसरी ओर इस फैसले ने नया विवाद भी खड़ा कर दिया है। बेल्जियम फुटबॉल फेडरेशन ने FIFA द्वारा अनुशासनात्मक नियमों की व्याख्या पर सवाल उठाए हैं और संकेत दिए हैं कि बालोगुन को खेलने की अनुमति मिलने के बाद वे उपलब्ध सभी कानूनी विकल्पों पर विचार करेंगे।
अमेरिका के लिए बड़ी राहत, क्वार्टर फाइनल की उम्मीदें बढ़ीं
बालोगुन का सस्पेंशन हटना अमेरिका के लिए नॉकआउट चरण से पहले बड़ी राहत लेकर आया है। मुख्य कोच मौरिसियो पोचेटिनो अब अपने सबसे भरोसेमंद आक्रमणकारी खिलाड़ियों में से एक को बेल्जियम के खिलाफ उतार सकेंगे। सह-मेजबान अमेरिका की नजर 2002 के कोरिया-जापान विश्व कप के बाद पहली बार फीफा वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने पर है। गौरतलब है कि अमेरिका और बेल्जियम की पिछली विश्व कप भिड़ंत 2014 में ब्राजील में हुई थी, जहां गोलकीपर टिम हॉवर्ड के यादगार 16 बचाव के बावजूद अमेरिकी टीम को अतिरिक्त समय में 2-1 से हार का सामना करना पड़ा था और उसका सफर वहीं समाप्त हो गया था।













