लगातार 8 दिनों तक ठप रही संसद की कार्यवाही के बाद आखिरकार गतिरोध समाप्त होता नजर आया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सहमति बनने के बाद अब लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर मंगलवार को चर्चा होगी। इस विधेयक पर दोपहर 12 बजे से विस्तृत बहस शुरू होने की संभावना है। इससे पहले प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया था, लेकिन विपक्ष के लगातार विरोध और हंगामे के कारण उस पर चर्चा शुरू नहीं हो सकी थी।
सोमवार को जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी दलों ने नीट पेपर लीक मामले में आंदोलन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और गृह मंत्री से जवाब की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही पहले दोपहर तक और उसके बाद दो बजे तक स्थगित करनी पड़ी। दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर भी विपक्ष का विरोध जारी रहा, जिससे सदन में सामान्य कामकाज नहीं हो सका।
ओम बिरला ने संभाली पहल, नेताओं से की अलग-अलग बातचीत
बढ़ते गतिरोध को समाप्त करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कई बार विपक्ष से सदन चलाने और विधेयक पर चर्चा शुरू करने की अपील की। ओम बिरला ने सभी राजनीतिक दलों से आम सहमति बनाने का आग्रह करते हुए कहा कि यह विधेयक देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है, इसलिए इस पर गंभीर और व्यापक चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने सरकार और विपक्ष दोनों को तीन घंटे का समय देते हुए शाम पांच बजे तक समाधान निकालने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि विधेयक पर चर्चा के लिए छह घंटे निर्धारित किए जाएंगे और आवश्यकता पड़ने पर चर्चा का समय बढ़ाया भी जा सकता है। इस दौरान बिरला ने कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी नेताओं से अलग-अलग मुलाकात कर गतिरोध खत्म करने की कोशिश की।
बैठकों के बाद विपक्ष चर्चा के लिए हुआ तैयार
मिली जानकारी के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष और वरिष्ठ नेताओं के साथ हुई बैठकों के बाद विपक्ष ने परीक्षा विधेयक पर चर्चा के लिए सहमति जता दी। हालांकि, दिनभर जारी हंगामे के कारण सोमवार को सदन का कामकाज सुचारु रूप से नहीं चल सका और अंततः लोकसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित करनी पड़ी।
इसके बावजूद लगातार आठ दिनों से रुकी संसदीय प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। अब मंगलवार को दोपहर 12 बजे से लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर विस्तृत चर्चा होने की उम्मीद है।
राज्यसभा में भी छात्रों पर कार्रवाई को लेकर जोरदार हंगामा
लोकसभा के साथ-साथ राज्यसभा में भी सोमवार को नीट पेपर लीक और छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। विपक्षी सदस्यों ने इस विषय पर सरकार को घेरते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, जिसके चलते उच्च सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही।
लगातार हंगामे के कारण राज्यसभा की बैठक चार बार स्थगित करनी पड़ी और अंततः मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। इसके चलते उच्च सदन में निर्धारित विधायी कार्य भी पूरा नहीं हो सका।
संसद परिसर में विपक्षी सांसदों का प्रदर्शन
संसद के भीतर हंगामे के साथ-साथ संसद भवन परिसर में भी विपक्षी दलों ने प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और विभिन्न विपक्षी दलों के सांसदों ने नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित पुलिस बल प्रयोग के खिलाफ आवाज उठाई।
प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी की तथा आंदोलनकारी छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई पर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की। विपक्ष का कहना है कि छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए और उनके खिलाफ दर्ज मामलों तथा पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए।













