दिसपुर (असम)। अब तक यही देखते, सुनते व पढ़ते आए हैं कि अमुक बड़े आदमी का या अमुक बड़ी कम्पनी का कर्ज सरकार या बैंक ने माफ कर दिया है। लेकिन ऐसा पहली बार सुना जब किसी राज्य के मुख्यमंत्री ने अपने प्रदेश की उन महिलाओं का कर्ज माफ करने की घोषणा की, जो किन्हीं परिस्थितियों के चलते अपना कर्ज बैंकों को वापस नहीं कर पाई। यह काम किया है असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 2 लाख 20 हजार ऐसी महिलाओं का कर्ज माफ कराया है। इस कर्ज माफी में ब्याज सहित मूल धनराशि भी शामिल है। असम के मुख्यमंत्री ने महिलाओं को बड़ा तोहफा दिया है। इसके लिए 25 हजार रुपए तक कर्ज लेनी वाली महिलाओं को ही पात्र माना गया था। असम सरकार बैंकों को कर्ज माफ करने के लिए 291 करोड़ रुपए का भुगतान करेगी।
राज्य सरकार ने दिसपुर में एक माइक्रोफाइनेंस प्रोत्साहन और राहत योजना का आयोजन किया था। यहीं पर 31 मार्च 2021 तक एनपीए हो चुके ऋण को माफ किया गया है। मुख्यमंत्री ने चुनाव में ऋण माफ करने का वायदा किया था। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि एक वर्ग कह रहा है कि हम चुनावी वायदे से पीछे हट गए हैं। वह स्पष्ट रूप से बताना चाहते हैं कि अपना हर वायदा पूरा कर रहे हैं।
जो कहा सो किया ।
Prior to 2021 elections, we made an important Sankalp to the women entrepreneurs of Assam. With the blessing of Hon’ble PM, we have delivered our promise 🙏#SankalpseSiddhi @narendramodi
मुख्यमंत्री ने कहा कि असम माइक्रोफाइनेंस प्रोत्साहन और राहत योजना देश में अपनी तरह की पहली योजना है। इसका उद्देश्य उन पात्र उधारकर्ताओं को राहत प्रदान करना है जो विषम परिस्थितियों कर्ज वापस नहीं कर पाए। असम में कोरोना और सीएए विरोधी आंदोलन बड़ा कारण रहे। अब यह दौर बीत गया है तो राज्य में एक स्वस्थ ऋण आदत बनाई जाएगी।














