
आज देश में 73वां गणतंत्र दिवस मनाया गया जहां राजपथ पर ध्वजारोहण किया गया और परेड का आयोजन किया गया। समारोह में पीएम मोदी की खास पोशाक ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। वे इस बार कुर्ता-पजामा पहने थे। गले में मणिपुर का गमछा और सिर पर काले रंग की उत्तराखंडी टोपी थी। इस टोपी की खासियत थी इस पर बना ब्रह्मकमल था। जिसे दिवंगत CDS बिपिन रावत अक्सर पहने नजर आते थे। उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने भी ट्वीट किया है। जिसमें उन्होंने लिखा-माननीय प्रधानमंत्री ने ब्रह्मकमल से सुसज्जित देवभूमि उत्तराखंड की टोपी धारण कर हमारे राज्य की संस्कृति एवं परम्परा को गौरवान्वित किया है।
आज 73वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने ब्रह्मकमल से सुसज्जित देवभूमि उत्तराखण्ड की टोपी धारण कर हमारे राज्य की संस्कृति एवं परम्परा को गौरवान्वित किया है। #RepublicDay pic.twitter.com/9JDnZMHG7B
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) January 26, 2022
पीएम मोदी गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और बाकी बड़े राष्ट्रीय आयोजनों में राज्यों की संस्कृति का प्रतिनिधित्व करती पगड़ी या टोपी पहनते हैं। 2021 में मनाए गए 72वें गणतंत्र दिवस पर भी मोदी की पगड़ी ने सुर्खियां बटोरी थीं। पीएम मोदी ने जामनगर की हलारी पगड़ी पहनी थी। इसके पहले साल 2020 में 71वें गणतंत्र दिवस के मौके पर भी उन्होंने कुर्ता-पजामा के साथ केसरिया बंधेज की पगड़ी पहनी थी।
गणतंत्र दिवस पर प्रधानमंत्री का इस टोपी को पहनना उनकी तरफ से जनरल रावत को श्रद्धांजलि माना जा रहा है। देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत तमिलनाडु में हेलिकॉप्टर हादसे में शहीद हो गए थे। उनके इस अंदाज को चुनावी रंग भी दिया जा रहा है। बता दें कि उत्तराखंड और मणिपुर में चुनाव हैं। ऐसे में मोदी की पोशाक को चुनावी संकेत भी माना जा रहा है।














